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  • 1.15 Lakh Seats Allotted In The Second Round Of Counseling, More Than Half The Seats Will Remain Vacant, Admission Is Expected To Be Around Five Lakh

अब कॉलेज लेवल काउंसलिंग से सीटें भरने की उम्मीद:दूसरे राउंड की काउंसलिंग में 1.15 लाख सीटें आवंटित, आधी से ज्यादा सीटें रह जाएंगी खाली, दाखिले पांच लाख के आसपास रहने के आसार

भोपाल16 दिन पहले
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  • इस साल 12वीं में एमपी बोर्ड और सीबीएसई व अन्य बोर्ड के करीब नौ लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे

कॉलेजों में दाखिले के लिए चल रही दूसरे राउंड की काउंसलिंग में छात्रों को आवंटित सीटें अगर पूरी तरह भर भी जाएं तब भी कुल दाखिलों की संख्या पांच लाख के आसपास ही रहेगी। यूजी प्रथम वर्ष में साढ़े तीन लाख सीटें बढ़ाए जाने के बावजूद 50 फीसदी सीटें भरने के ही आसार हैं।

यह स्थिति तब है जब 12वीं में लगभग सभी छात्र पास हो गए हैं। इस बार मप्र में एमपी बोर्ड और सीबीएसई व अन्य बोर्ड के करीब नौ लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। अब बाकी बचे छात्र सीएलसी का इंतजार कर रहे हैं या वे अन्य पाठ्यक्रमों में पढ़ाई करेंगे। यही वजह है कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले छात्र अपेक्षाकृत कम हैं जबकि लगभग सभी पास हुए हैं।

यूजी प्रवेश प्रकिया के पहले राउंड में 2 लाख 70 हजार 718 को सीट आवंटन हुआ था
यूजी प्रवेश प्रक्रिया के पहले राउंड में 2 लाख 70 हजार 718 छात्रों को सीट आवंटन हुआ था। इधर, सेकंड राउंड में 1 लाख 15 हजार 258 छात्रों को सीटों का आवंटन हुआ। वर्तमान में यूजी की 10 लाख 33 हजार सीटें हैं। पहली और दूसरी काउंसलिंग में कुल सीट आवंटन ही 3 लाख 85 हजार 976 छात्रों को हुआ है। ऐसी स्थिति मेंं अब कॉलेज लेवल काउंसलिंग से ही बची हुई सीटें भर सकेंगी। अधिकारियों के मुताबिक अगर सवा लाख सीटें भी सीएलसी से भरीं तब भी आधी सीटें खाली रह जाएंगी।

इंजीनियरिंग में कोई भी ले सकता है प्रवेश
एटीपीई के अध्यक्ष केसी जैन के मुताबिक हायर एजुकेशन से जुड़े कॉलेजों में अपेक्षाकृत कम दाखिलों की एक बड़ी वजह यह भी है कि इंजीनियरिंग में अब केवल मैथ्स-फिजिक्स-केमिस्ट्री वाले छात्र ही नहीं, बल्कि 12 विषयों में कोई विषय पढ़ने वाले छात्र भी एडमिशन ले सकेंगे। ऐसी स्थिति में बहुत से ऐसे छात्र हैं जो बीएससी नहीं करना चाहते, वे इंजीनियरिंग या उससे संबंधित कोर्स करना चाहते हैं, वे इंजीनियरिंग कांउसलिंग का इंतजार कर रहे हैं।

पसंद के विषय के लिए बहुत से कर रहे इंतजार
कई ऐसे छात्र भी हैं जिन्हें उनकी पसंद का पाठ्यक्रम नहीं मिला है। इस वजह से उन्होंने भी फीस जमा कर प्रवेश नहीं लिया है। सीएलसी के दौरान ऐसे छात्र एडमिशन लेंगे। उन्हें लगता है कि सेकंड काउंसलिंग के बाद संबंधित पाठ़यक्रम में पसंद की सीट मिल सकती है। इसलिए वे इंतजार कर रहे हैं। कोलार रोड निवासी क्षितिज मिश्रा का दाखिला एरिजोना यूनिवर्सिटी में हुआ है। इस तरह के कई अन्य छात्र भी हैं जो बाहर पढ़ने जाएंगे।

सीएलसी में रहेंगे ऑप्शन
गौरतलब है कि पहले राउंड में करीब 1.97 लाख छात्रों ने एडमिशन लिया था। अब दूसरे राउंड में काॅलेज अलाटमेंट के बाद अब तक 30,175 छात्रो ने फीस जमा कर प्रवेश लिया है। इस राउंड में 14 सितंबर तक फीस जमा होगी।

सीएलसी में इजाफा हो सकता है
यह सही है कि 12वीं में सभी छात्र पास हुए हैं लेकिन बहुत से छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ड्राप लेते हैं, बाहर भी पढ़ने जाते हैं। अभी इंजीनियरिंग में प्रवेश शुरू नहीं हुए हैं। इस वजह से प्रथम वर्ष में दाखिले अपेक्षाकृत हैं। सीएलसी में इजाफा हो सकता है। बहुत से छात्र दूसरे राज्यों में भी पढ़ने चले जाते हैं। -डॉ. एसएन राय, शिक्षाविद्

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