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8 घंटे में खुला राज बाप-बेटे गिरफ्तार:बयानों में 18 तरह के अंतर, 10 टीमों ने खोला लहसुन के ट्रक की 27 लाख की फर्जी लूट का राज

भोपाल11 दिन पहले
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पुलिस जब घटना का रिएक्रिशन कराने दोनों को ले गई तो खुल गया फर्जी कहानी का राज। - Dainik Bhaskar
पुलिस जब घटना का रिएक्रिशन कराने दोनों को ले गई तो खुल गया फर्जी कहानी का राज।
  • 22 लाख रुपए का कर्ज चुकाने बाप-बेटों ने रची थी लूट की साजिश, एजेंट ने कहा था- पिटकर ट्रक लुटवाया तो मिलेगा बड़ा इंश्योरेंस क्लेम
  • मंगलवार तड़के लूट की रिपोर्ट लिखाने पहुंच गए थे आरोपी
  • बोले- मुंह से खोले थे हाथ, लेकिन रिक्रिएशन में ऐसा नहीं कर सके...

12 लाख रुपए के लहसुन से लदे ट्रक लूट की फर्जी वारदात का राज बिलखिरिया पुलिस ने महज 8 घंटे में ही खोल दिया है। पुलिस ने 27 लाख रुपए की इस फर्जी लूट की साजिश रचने वाले बाप-बेटों को गिरफ्तार किया है। इन 8 घंटों में 18 ऐसे कंट्राडिक्शन (बयानों में अंतर) मिले, जो इस झूठी कहानी तक पहुंचाने में पुलिस के मददगार बने। फिर खुलासा हुआ कि लूट की ये साजिश 22 लाख रुपए का कर्ज चुकाने के लिए रची गई थी। उनके एक परिचित एजेंट ने बताया था कि ट्रक चोरी हुआ तो थोड़ी ही इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा। पिटकर ट्रक लुटवाया तो क्लेम की ज्यादा रकम मिलेगी।

मंगलवार तड़के भोपाल पुलिस के अफसरों की नींद भी इस लूट की सूचना से खुली। उस वक्त सुबह करीब 6 बजे झालावाड़, राजस्थान निवासी शमशेर खान (24) भाई शमशाद के साथ बिलखिरिया थाने पहुंचा था। दोनों ने ड्यूटी ऑफिसर से कहा कि 28 टन लहसुन से लदा हमारा ट्रक आरजे 17 जीए 5286 बोलेरो सवार 4 लोगों ने लूट लिया है। कोटा राजस्थान से ये लहसुन लेकर हम दोनों ओडिशा के बरगड़ जा रहे थे। ग्राम झागरिया पहाड़ी से आगे जंगल में पहुंचे तो बोलेरो सवार आरोपियों ने रोक लिया।

चारों ने पहले मारपीट की, फिर एक पेड़ से हमारे हाथ-पैर बांधकर 15 लाख का ट्रक, उसमें भरा 12 लाख का लहसुन, दो मोबाइल और 6 हजार रुपए लूट ले गए। पुलिस ने केस दर्ज कर पड़ताल शुरू की। इसके लिए अलग-अलग टास्क देकर 10 टीमें बनाई। एएसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि दोनों भाइयों के बयानों में विरोधाभास आ रहे थे। पुलिस ने थोड़ी सख्ती की तो शमशेर टूट गया। उसने खुलासा किया कि लूट की ये कहानी 22 लाख रुपए का कर्ज चुकाने के लिए रची थी।

इसमें दोनों भाइयों ने पिता जाकिर खान और एक दोस्त की मदद ली थी। 14 जुलाई को कोटा से 28 टन लहसुन लादकर दोनों ट्रक झालावाड़ ले आए। राजस्थान के बारा जिले की मंडी में उन्होंने 12 लाख रुपए का लहसुन नौ लाख रुपए में बेच दिया। इसके बाद खाली ट्रक लेकर तिलेंदी गांव के आगे गौहरगंज, रायसेन आ गए और ट्रक जंगल में खड़ा कर दिया। इसके बाद आपस में एक-दूसरे को हल्की-फुल्की चोट पहुंचाकर बिलखिरिया थाने आ गए।

इन बयानों में उलझते गए दोनों भाई

  • लुटेरों ने जोर से पत्थर मारा था, लेकिन डॉक्टर ने पत्थर की चोट होने से इनकार कर दिया।
  • बोले- हमें याद है वो जगह, लेकिन स्पॉट पर पहुंचाने में 20 मिनट लगा दिए।
  • स्पॉट पर चप्पल और 20 का नोट मिला, सवाल करने पर बोले- चप्पल पहनना हमें याद ही नहीं रहा।
  • पेड़ पर हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए, लेकिन हाथ पर रस्सी से बांधने के निशान नहीं मिले।
  • एक पेड़ के दो तनों पर एक-दूसरे को पीछे की ओर बांधा था, बोले मुंह से खोली दूसरे की रस्सी।
  • रीक्रिएशन हुआ तो मुंह से रस्सी नहीं खोल पाए दोनों भाई।
  • झालावाड़ से रायसेन तक के 150 फुटेज दिखवाए गए, जिनमें लूट जैसा कुछ सामने नहीं आया।
  • ऑटोमेटिक कॉल रिकॉर्डर लगे पुलिस के फोन से एक बेटे की बात करवाई तो झालावाड़ में बैठे पिता को लूट-मारपीट की सूचना से कोई हैरानी नहीं हुई।
  • सभी तकनीकी साक्ष्य आरोपियों के बयान के खिलाफ थे, घटनास्थल पर बोलेरो की मौजूदगी भी साबित नहीं हुई।
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