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  • 181 Dengue Patients Found Since January 1; 6 New Cases In 24 Hours; In The Survey In The City, Larvae Found In 1200 Containers; People Said Survey And Fogging Is Being Done Only In VIP Area

डेंगू मरीज मिलने के बाद सर्वे और फॉगिंग:भोपाल में 24 घंटे में 6 नए मामले, 1 जनवरी से अब तक 181 डेंगू केस मिले; सर्वे में 12 सौ जगह मिला लार्वा; लोग बोले- सिर्फ VIP इलाके में हो रहा सर्वे और फॉगिंग

भोपाल11 दिन पहले
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शहर में फॉगिंग करता नगर निगम का वाहन - Dainik Bhaskar
शहर में फॉगिंग करता नगर निगम का वाहन

भोपाल में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। शहर में 24 घंटे में 6 नए मरीज मिलने के साथ ही डेंगू मरीजों की संख्या 181 पहुंच गई है। पिछले साल इस समय तक 100 डेंगू के मरीज थे। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या पर शहर में डेंगू को रोकने के उपायों को लेकर लापरवाही करने के आरोप लग रहे हैं। शहर में डेंगू मरीज मिलने के बाद सर्वे और फॉगिंग करने की खानापूर्ति की जा रही है। लोगों का कहना है कि उनके इलाके में ना तो लार्वा सर्वे शुरू हुआ और ना ही फॉगिंग हुई। सिर्फ वीआईपी इलाके में टीम ने काम कर बाकी में खानापूर्ति कर दी। वहीं, जिम्मेदारों का कहना है कि आरोप झूठे हैं। सभी इलाको में लार्वो सर्वे और फॉगिंग का काम हो रहा है। इसमें जनता की जागरूकता की सबसे ज्यादा जरूरत है। टीम को 12 सौ से ज्यादा जगह में डेंगू का लार्वा मिला है।

शहर में बढ़ते डेंगू के मरीज का कारण अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही सामने आ रहे है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने बारिश के पहले डेंगू के लार्वा का सर्वे कर नष्ट करने की कार्रवाई ही नहीं की। यहीं कारण है कि शहर के अलग-अलग इलाके में लार्वा के साथ ही डेंगू के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।

गांधी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के छात्र अमन कुमार ने बताया कि वह हमीदिया अस्पताल में भर्ती थे। उनके कॉलेज में अगस्त में डेंगू के मामले मिलने लगे थे। जब एक साथ 5 से 6 एमबीबीएस छात्र डेंगू पॉजिटिव मिले तब लार्वो सर्वे और फॉगिंग करने के लिए टीम आई। इससे पहले ना तो फॉगिंग हुई और ना ही लार्वा का सर्वे करने कोई टीम आई।

वहीं, पीजीबीटी कॉलेज निवासी अशद जुबैर ने बताया कि हमारे घर तो छोड़िए पूरे इलाके में ना तो सर्वे हुआ और ना ही फॉगिंग हुई। गौतम नगर निवासी अमित मालवीय ने बताया कि अब तक यहां डेंगू के मरीज मिल चुके हैं, लेकिन शुरुआत में ना तो लार्वा का पता कर नष्ट करने कोई टीम नहीं आई। यह टीमें सिर्फ वीआईपी इलाकों में सर्वे और फागिंग कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेती है। यहीं कारण है कि डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। ​​​​​​

टीमों के मॉनिटरिंग बेहतर तरीके से होना जरूरी

स्वास्थ्य विभाग के पूर्व संचालक डॉ. केके डस्सू ने बताया कि डेंगू मौसबी बीमारी है। इसके लिए हर साल एक्शन प्लान बनता है। इसमें स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम दोनों की एंटी लार्वा टीमें सर्वे कर उसे नष्ट करते है। लोगों को जागरूक करते हैं। नगर निगम फॉगिंग करता है। इस एक्शन प्लान का सटिक क्रियान्वयन होने पर ही डेंगू के बढ़ते मामले को रोका जा सकता है। इसके लिए टीमों के काम की मॉनिटरिंग होना बहुत जरूरी है। साथ ही लोगों को भी डेंगू से बचाव के लिए जागरूक होने की जरूरत है।

सर्वे नहीं होने के आरोप गलत

इस मामले में भोपाल जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर तिवारी ने कहा कि सिर्फ वीआईपी इलाके में सर्वे और फॉगिंग की बात सरासर गलत है। जून माह से ही टीमें लार्वा सर्वे का काम शुरू कर देती है। जिससे लार्वा का पता लगाकर उसको नष्ट किया जा सके। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचने के लिए लोगों को जागरूक होने की सबसे ज्यादा आवश्यकता है।

मरीज मिलने वाले इलाकों पर फोकस

जिला मलेरिया अधिकारी अखिलेश दुबे ने बताया कि जिन इलाको में मरीज मिल रहे हैं। वहां पर फोकस लार्वा सर्वे, दवा का छिड़काव और जागरूता कैंप आयोजित कर रहे हैं।

शहर में बन रहे नए-नए हॉटस्पॉट

शहर के साकेत नगर, सोनागीरी, लालघाटी, कोलार दामखेड़ा, छोला, गौतम नगर, नारियल खेड़ा, जहांगीराबाद, करोंद, खजुरी कलां, आनंद नगर, जुमराती, टीलाजमालपुर, हलालपुर, पीरगेट, बुधवारा, कमला नगर, नेहरू नगर, कोटरा, अरेरा कॉलोनी, बरखेड़ा पठानी, पिपलानी समेत अलग-अलग इलाकों से डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं।

यहां पर घरों की छत, प्लाट में भरे पानी, टंकियों में स्टोर पानी, छत पर रखे कबाड़, बॉटल, टायर, गमले में डेंगू का लार्वा मिला है। जिसे मलेरिया विभाग की टीम ने नष्ट किया है।

इन बातों का रखे ध्यान

  • मच्छरों को दूर रखने के लिए मच्छर भगाने वाले क्रीम और स्प्रे, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
  • बाहर जाते समय लंबी बाजू की शर्ट और पैंट पहनें।
  • पानी को घर के पास एकत्रित न होने दें।
  • कूलर, गमले, पक्षियों के लिए रखे बर्तन का पानी बार-बार बदलते रहें।

यह है डेंगू के लक्षण

  • तेज बुखार, ठंड गलना, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, थकान, एठन, शरीर पर लाल चकते।

डेंगू का इलाज

  • यदि आपको डेंगू बीमारी से संबंधित कोई भी लक्षण है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर बात करें। डेंगू से जल्दी ठीक होने के लिए आराम करें। तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
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