• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • 2 Years Ago, 791 Dilapidated Buildings Were Found In The Survey, Only 48 Were Removed; 90% Dangerous Building In Old City, Big Accident Can Happen Anytime

भोपाल में खतरा बने जर्जर भवन:2 साल पहले सर्वे में 791 जर्जर भवन मिले थे, हटे सिर्फ 48; पुराने शहर में 90% खतरनाक बिल्डिंग, कभी भी हो सकता बड़ा हादसा

भोपाल6 महीने पहलेलेखक: ईश्वर सिंह परमार
  • कॉपी लिंक
यह फोटो भोपाल के पुराने शहर स्थित भोपाल टॉकीज के सामने से गुजरी सड़क की है। - Dainik Bhaskar
यह फोटो भोपाल के पुराने शहर स्थित भोपाल टॉकीज के सामने से गुजरी सड़क की है।

भोपाल में जर्जर भवनों की संख्या 791 है। ये आंकड़ा 2 साल पहले का है, क्योंकि नगर निगम ने तभी सर्वे कराया था। तब से लेकर अब तक सिर्फ 48 ही हटाए गए, वो भी आंशिक तौर पर। बाकी भवन अब भी नगर निगम के जिम्मेदारों को मुंह चिढ़ा रहे हैं। बारिश से पहले रस्म के तौर पर वे नोटिस जारी जरूर करते हैं, लेकिन हटाने की जहमत नहीं उठा पाते। यही कारण है कि बारिश में इन भवनों के गिरने का डर बना रहता है। वर्तमान में भी ऐसे कई मकान है, जो कभी भी गिर सकते हैं। पुराने शहर में इनकी संख्या लगभग 90% है।

बारिश से पहले ही निगम अधिकारियों को जर्जर भवनों की याद आती है। इस बार भी नोटिस देने की रस्म अदा की गई है, लेकिन हटाने की बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। इस कारण जर्जर भवन बारिश में बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं।

भारत टॉकीज में गिरा छज्जा, अब मरम्मत हो रही

भारत टॉकीज के सामने जर्जर भवन का अगला हिस्सा गिर गया है। इस कारण उसके अगले हिस्से की मरम्मत कराई जा रही है। भवन का ऊपर हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।
भारत टॉकीज के सामने जर्जर भवन का अगला हिस्सा गिर गया है। इस कारण उसके अगले हिस्से की मरम्मत कराई जा रही है। भवन का ऊपर हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है।

पुराने शहर के भारत टॉकीज के सामने करीब 40 साल पुराने भवन की हालत जर्जर हो चुकी है। इसमें मुख्य रोड पर ही लाइन से 35 से ज्यादा दुकानें हैं। एक सप्ताह पहले इस भवन का अगला हिस्सा गिर भी चुका है। अब बल्लियों के सहारे इसकी मरम्मत की जा रही है। भवन का ऊपरी हिस्सा भी पूरी तरह से जर्जर है।

नोटिस देकर फुर्सत पा लेता है निगम

दरअसल, नगरीय प्रशासन विभाग हर साल प्रदेश के नगरीय निकायों को पत्र जारी कर बारिश पूर्व की तैयारियों के संबंध में निर्देश जारी करता है। नाली-नालों की सफाई से लेकर जर्जर भवनों को हटाने की बात भी कहता है। निगम ऐसे भवनों को चिह्नित करता है, लेकिन नोटिस देकर फुर्सत पा लेते हैं। इन नोटिसों में संबंधित भवन मालिकों के लिए लिखा होता है कि यदि भवन गिरता है तो जिम्मेदारी निगम की नहीं होगी।

तत्कालीन कमिश्नर ने कराया था सर्वे

दो साल पहले वर्ष 2019 में तत्कालीन निगम कमिश्नर विजय दत्ता ने जर्जर भवनों को लेकर सर्वे कराया था। शहर के सभी 19 जोन में सर्वे हुए और जानकारी एकत्रित की गई थी। इसमें 791 भवन ऐसे पाए गए थे, जो जर्जर स्थिति में थे।

भोपाल में 2 साल के भीतर बड़े हादसे

31 अगस्त 2020 को सदर मंजिल का हिस्सा गिर गया था। इससे उसके नीचे व आसपास खड़ी 11 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थी। (फाइल फोटो)
31 अगस्त 2020 को सदर मंजिल का हिस्सा गिर गया था। इससे उसके नीचे व आसपास खड़ी 11 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई थी। (फाइल फोटो)
  • 31 अगस्त 2020 को सदर मंजिल हिस्सा गिर गया था। इस कारण 11 वाहन दब गए थे।
  • कर्फ्यू वाली माता मंदिर के पास नवाब की कोठी का हिस्सा 2 साल पहले गिर चुका है।
  • चौक बाजार में एक सरकारी स्कूल भवन का बड़ा हिस्सा गिरा था।

कार्रवाई की जाएगी

शहर में जिन स्थानों पर जर्जर भवन है, उन्हें हटाया जाएगा। इस संबंध में एई को निर्देश दिए गए हैं।
केवीएस चौधरी कोलसानी, कमिश्नर नगर निगम भोपाल

खबरें और भी हैं...