पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • 200 Children Sick With Viral Fever Admitted In Bhopal, 6 On Ventilator, OPD Increased By 60%, 3 Times Children Infected In Two Weeks

नई मुसीबत:भोपाल में वायरल फीवर से बीमार 200 बच्चे भर्ती, 6 वेंटिलेटर पर, ओपीडी 60% बढ़ी, दो हफ्ते में 3 गुना बच्चे संक्रमित

भोपाल13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
तस्वीर हमीदिया अस्पताल की। - Dainik Bhaskar
तस्वीर हमीदिया अस्पताल की।

कोविड की तीसरी लहर की आशंका के बीच बच्चों पर नई मुसीबत आन पड़ी है। वो है- वायरल फीवर। इससे पीड़ित 200 से ज्यादा बच्चे भोपाल के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 6 वेंटिलेटर पर हैं। इस संक्रमण की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी 60% तक बढ़ गई है।

इनमें ज्यादातर मरीज बच्चे हैं, जिन्हें सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार बना हुआ है। बुखार 103 से 104 डिग्री तक आ रहा है। आलम ये है कि पिछले दो हफ्ते में बीमार बच्चों की संख्या तीन गुना तक बढ़ गई है। इनमें से 116 बच्चे तो अकेले हमीदिया अस्पताल के शिशु रोग वार्ड में (एसएनसीयू को छोड़कर) भर्ती हैं। हमीदिया के पीडियाट्रिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राकेश टिक्कट के मुताबिक ओपीडी में बच्चों की संख्या दोगुनी हो गई है। आम दिनों में यहां पर 50-60 बच्चे भर्ती रहते थे, जो अब 120 से 130 के बीच हो गए हैं।

वहीं, मिरकेल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि हाईग्रेड फीवर की शिकायत के साथ ओपीडी में आ रहे बच्चों की ब्लड रिपोर्ट में डेंगू की तरह प्लेटलेट काउंट्स में गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन, उनका डेंगू टेस्ट निगेटिव आ रहा है। कुछ बच्चों में बुखार, उल्टी, दस्त के अलावा सांस लेने में तकलीफ की शिकायत भी सामने आ रही है।

ओपीडी में आने वाले 50 फीसदी बच्चों का हो रहा कोरोना टेस्ट
बच्चों में कोरोना के लक्षण तो दिख रहे हैं। ऐसे में हर रोज ओपीडी में आने वाले 50 प्रतिशत बच्चों के कोरोना सैंपल भेजकर जांच कराई जा रही है। अच्छी बात यह है कि इनमें से सभी सैंपल की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव ही निकल रही है। अधिकांश बच्चों में वायरल फीवर और निमोनिया ही पाया जा रहा है।

बॉम्बे चिल्ड्रन हॉस्पिटल में बच्चों के लिए 15 बेड, सभी पर मरीज

  • अस्पताल में सामान्य बीमारी के बच्चों के लिए 15 बेड हैं। यह सभी भरे हुए हैं। गंभीर बच्चों को इलाज मिल सके, इसके लिए दो-दाे दिन के अंतर से तेज बुखार से बाहर निकलने वाले बच्चों की रिकवरी होते ही उन्हें डिस्चार्ज कर रहे हैं। - डॉ. राहुल अग्रवाल, बाॅम्बे चिल्ड्रन हॉस्पिटल के डायरेक्टर एवं शिशु रोग विशेषज्ञ
खबरें और भी हैं...