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कैंपर में पाइपलाइन का पानी भरने का मामला:भोपाल में 200 आरओ प्लांट, पर उनकी जांच नहीं; शुद्धता को लेकर पहली बार केस दर्ज किया

भोपालएक वर्ष पहले
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नगर निगम ने लीकेज वाले स्थान पर की बेरिकेडिंग। - Dainik Bhaskar
नगर निगम ने लीकेज वाले स्थान पर की बेरिकेडिंग।

राजधानी भोपाल में करीब 200 आरओ प्लांट हैं। जहां से पूरे शहर में पानी के कैंपर सप्लाई किए जाते हैं। इनमें भरे पानी की शुद्धता कैसी है, यह जांच नहीं की जाती। इस कारण कई बार कैंपर में डारेक्ट पाइपलाइन या बिना मिनरल वाटर ही भर दिया जाता है। इसकी हकीकत 2 दिन पहले सामने आए VIDEO में देखने को मिली थी। हालांकि, अब आरओ प्लांट की जांच कराने की बात अफसर कह रहे हैं। ताकि, शुद्धता का पता लगाया जा सके।

कोलार के नयापुरा स्थित वैभव मैरिज गार्डन के ठीक सामने पानी की पाइप लाइन गुजरी है, जो कई महीनों से लीकेज है। लोग यहां से पानी भरते हैं, लेकिन 2 दिन पहले आरओ कैंपर में डारेक्ट लाइन से पानी भरे जाने का वीडियो सामने आया था। चूंकि, पास से ही नाला गुजरा है। ऐसे में लोगों की सेहत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दैनिक भास्कर ने मामला उठाया था। इसी मामले में कलेक्टर अविनाश लवानिया के आदेश पर फूड इंस्पेक्टर भोजराज सिंह धाकड़ ने कोलार थाने में शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस को वीडियो भी सौंपे थे। ऐसे मामले में पुलिस ने पहली बार अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज किया है। हालांकि, अब तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। कोलार पुलिस आसपास के लगे CCTV कैमरों की मदद से अधेड़ उम्र के 2 व्यक्तियों की पहचान में जुटी है।

सील बंद पानी के सैंपल ले सकते हैं अफसर

आरओ प्लांट की जांच न करने के पीछे अफसरों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सिर्फ डिब्बा बंद पानी के सैंपल लिए जा सकते हैं। आरओ प्लांट के कैंपर के मामले में जांच नहीं करते, क्योंकि कैंपर को ढक्कन लगाकर बंद कर दिया जाता है। उसे सील नहीं किया जाता, लेकिन अब प्लांटों की जांच की जाएगी।

इधर, निगम ने बेरिकेडिंग की

मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने पाइप लाइन लीकेज वाली जगह के आसपास बेरिकेडिंग कर दी, लेकिन लीकेज नहीं सुधारा।

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