पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • 242 Dilapidated Buildings In The List, But Such Dilapidated Buildings Are Safe In The Eyes Of The Corporation, The Logic Of The Corporation We Were Not Allowed To Inspect The Building.

खतरनाक बिल्डिंग:सूची में 242 जर्जर भवन, लेकिन ऐसी बदहाल इमारतें निगम की नजर में सेफ, निगम का तर्क- हमें बिल्डिंग का इंस्पेक्शन ही नहीं करने दिया

भोपाल11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
नगर निगम की सूची में शहर में 242 जर्जर भवन हैं, लेकिन न्यू मार्केट में को ऑपरेटिव बैंक के पास की यह बिल्डिंग इस सूची से बाहर है। - Dainik Bhaskar
नगर निगम की सूची में शहर में 242 जर्जर भवन हैं, लेकिन न्यू मार्केट में को ऑपरेटिव बैंक के पास की यह बिल्डिंग इस सूची से बाहर है।
  • न्यू मार्केट में को-ऑपरेटिव बैंक के पास है बिल्डिंग

नगर निगम की सूची में शहर में 242 जर्जर भवन हैं, लेकिन न्यू मार्केट में को ऑपरेटिव बैंक के पास की यह बिल्डिंग इस सूची से बाहर है। कई साल पहले इस बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से को खाली करा लिया है, नीचे खादी इंडिया का दफ्तर चल रहा है और पिछले हिस्से में 6-7 परिवार रहते हैं। मेन रोड पर स्थित यह बिल्डिंग यदि गिरी तो बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

नगर निगम का तर्क है कि उन्हें बिल्डिंग का निरीक्षण नहीं करने दिया गया, इसलिए इसे सूची में शामिल नहीं किया गया है। वैसे एक सच्चाई यह भी है कि जर्जर भवन की सूची में शामिल होने के बाद भी निगम केवल हर बरसात में नोटिस जा री करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के अलावा और कोई काम नहीं करता।

पीडब्ल्यूडी ने एक दशक पहले इन मकानों को बताया था जर्जर

पीडब्ल्यूडी ने एक दशक पहले टीटी नगर में बने 1000 मकानों के साथ, 1100 क्वार्टर क्षेत्र और तुलसी नगर के कुछ मकानों को जर्जर घोषित किया था। दरअसल, उस समय बीडीए को रीडेंसीफिकेशन स्कीम के लिए टीटी नगर एरिया आवंटित किया जाना था। अब यहां स्मार्ट सिटी बन रही है। तुलसी नगर के जिन मकानों को जर्जर बताया गया था, उनके स्थान पर डी टाइप बंगलों की हाईराइज बिल्डिंग बन रही है। 1100 क्वार्टर को तो रंगाई-पुताई करके चमका दिया गया है।

सरस्वती नगर, शास्त्री नगर और कोटरा सुल्तानाबाद के कई भवन भी जर्जर

सरस्वती नगर, शास्त्री नगर और कोटरा सुल्तानाबाद में हाउसिंग बोर्ड द्वारा 35 से 40 साल पहले बनाए भवनों में से ज्यादातर जर्जर हैं, लेकिन निगम की सूची में सरस्वती नगर की एक बिल्डिंग है। 2006 में कोटरा सुल्तानाबाद की एक बिल्डिंग धराशाई हो चुकी है।

पुरानी सूची के आधार पर देते हैं नोटिस

निगम ने 5 साल पहले शहर में जर्जर भवनों का ग्राउंड सर्वे किया था। उसके बाद हर साल उसी सूची के आधार पर फौरी तौर पर निरीक्षण करके कांट-छांट करके नोटिस दे दिए जाते हैं।

यह भी जर्जर की सूची में

  • पांच नंबर मार्केट के ऊपर बना तीन मंजिला भवन
  • ओल्ड सुभाष नगर में दो ब्लॉक
  • नगर निगम कर्मचारियों के फतेहगढ़ के मकान-36
  • निगम कॉलोनी बैरसिया रोड
  • निगम कॉलोनी माता मंदिर
  • पुराना आरटीओ कार्यालय, शाहजहांनाबाद।

नवबहार सब्जी मंडी, नादरा बस स्टैंड और जोन कार्यालय का हो रहा रिकंस्ट्रक्शन

नवबहार सब्जी मंडी, नादरा बस स्टैंड और मंगलवारा स्थित निगम के जोन कार्यालय भी कई बरसों से जर्जर घोषित हैं। अब इनको धराशाई करके दोबारा बनाया जा रहा है। तीनों जगहों पर जी प्लस 2 बिल्डिंग बनाई जा रही है।

सबसे पुराना हमीदिया कॉलेज भी जर्जर

शहर का सबसे पुराना हमीदिया कॉलेज नवाबी दौर की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। इस बिल्डिंग को पीडब्ल्यूडी ने जर्जर घोषित किया है, लेकिन वहां कॉलेज चल रहा है।

विवादों के कारण आती है कार्रवाई में दिक्कत

निगम हर साल सर्वे करके नोटिस देता है। ज्यादातर जर्जर भवनों में कई तरह के विवाद व कोर्ट केस सामने आते हैं, इसलिए कार्रवाई में दिक्कत होती है। निगम ने इस साल अपने स्वामित्व वाले भवनों का रिकंस्ट्रक्शन शुरू किया है। -पीके जैन, चीफ इंजीनियर, नगर निगम