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  • 25 CNG Vehicles With The Corporation For Garbage Collection; Save 1.5 Crore In The First Purchase, Now There Will Be A Savings Of 65 Lakhs Annually

निगम का फोकस कम खर्च पर:कचरा कलेक्शन के लिए निगम के पास 25 सीएनजी वाहन; पहले खरीदी में डेढ़ करोड़ बचाए, अब सालाना होगी 65 लाख की बचत

भोपाल22 दिन पहलेलेखक: जितेंद्र मेहरा
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  • इसलिए कचरा कलेक्शन से लेकर अन्य वाहनों में सीएनजी का उपयोग

नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 25 सीएनजी वाहन खरीदे थे। इनमें से हर एक की कीमत करीब 6 लाख है। यानी डीजल वाहन के मुकाबले आधी है। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से लिया गया था। साथ ही इससे निगम को खरीदी के समय ही करीब डेढ़ करोड़ रुपए की बचत हुई। वहीं अब सालाना इन वाहनों के ईधन पर खर्च होने वाले 65 लाख रुपए भी बचेंगे।

अब निगम की वर्कशॉप में वाहनों को अपडेट किया जा रहा हैं। इसका मकसद निगम खर्च बचाना हैं। बीते तीन माह में ही निगम ने इन 25 सीएनजी वाहनों से 16.20 लाख रुपए की बचत की है। वर्कशॉप में पदस्थ मैकेनिकल इंजीनियर चंचलेश गिरहारे ने बताया कि निगम प्रशासन जल्द ही विभिन्न जोन कार्यालयों में चल रहे 20 अन्य वाहनों को भी सीएनजी में तब्दील करेगा, जिसकी प्रक्रिया जारी है।

ऐसे समझें सीएनजी वाहनों में बचत का गणित
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में लगी डीजल गाड़ियों का हिसाब समझंे तो एक महीने में हर वाहन को 300 लीटर डीजल दिया जाता है। एक लीटर डीजल की कीमत लगभग 100 रुपए है। यानी एक गाड़ी में करीब 30 हजार का डीजल महीने भर में लगता था। इस तरह एक महीने में 25 वाहनों पर यह खर्च 7.50 लाख रुपए तक पहुंच जाता था। निगम के स्वास्थ्य अमले में शामिल 25 सीएनजी गाड़ियों में हर माह प्रत्येक के लिए 120 किलो सीएनजी दी जाती है। करीब 70 रुपए प्रति किलो रेट के हिसाब से इनमें एक माह में सीएनजी का खर्च कुल 2.10 लाख रुपए खर्च आता है। इस हिसाब से सीधे तौर पर सीएनजी वाहनों के उपयोग से हर महीने 5.40 लाख की बचत हो रही है, यानी सालाना 65 लाख की बचत।

कचरा कलेक्शन के लिए सभी वाहन सीएनजी में होंगे तब्दील
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 25 और नए सीएनजी वाहनों की खरीदी के टेंडर भी जारी होना हैं। इस तरह डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में सीएनजी वाहनों की संख्या 50 हो जाएगी। अब निगम के अफसरों को भी सीएनजी गाड़ियां उपलब्ध कराए जाने की प्लानिंग है। यानि निगम प्रशासन अपने सभी वाहनों को सीएनजी में बदलने की तैयारी कर रहा है।

1450 वाहनों के लिए अब नहीं खरीदनी पड़ेगी नई बैटरियां
निगम ने हाल ही में 10 लाख में बैटरी रिपेयरिंग मशीन खरीदी है। इस मशीन के उपयोग से निगम की वर्कशॉप में सालाना एक करोड़ तक की बचत होगी। सीधे कहें तो निगम को अपने 1450 से ज्यादा वाहनों में हर साल बदली जाने वाली नई बैटरियों की खरीदी नहीं करने पड़ेगी। रिपेयरिंग मशीन से वर्कशाप में ही इन्हें सुधार के बाद उपयोग में लाया जा सकेगा।

भविष्य के हिसाब से कर रहे हैं बचत की प्लानिंग
बैटरी रिपेयरिंग मशीन की बात हो या फिर सीएनजी वाहनों के उपयोग की, भविष्य को देखते हुए बचत की प्लानिंग कर रहे हैं। इसके परिणाम नजर आने लगे हैं। डीजल गाड़ियों की तुलना में सीएनजी वाहनों के उपयोग से हो रही बचत को देखते हुए हमने तय किया है कि जल्द ही निगम के अधिकारियों को भी सीएनजी वाहन उपलब्ध कराएंगे। -वीएस चौधरी कोलसानी, कमिश्नर, नगर निगम

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