पोस्ट काेरोना, शर्तें लागू:2500 शादियां टलीं, शहर के 394 मैरिज गार्डन का 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: अजय वर्मा
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मैरिज गार्डन संचालक बोले- एडवांस लौटाने का नियम नहीं, इसलिए बुकिंग करने वालों को दे रहे अगली तारीख। - Dainik Bhaskar
मैरिज गार्डन संचालक बोले- एडवांस लौटाने का नियम नहीं, इसलिए बुकिंग करने वालों को दे रहे अगली तारीख।

मैरिज गार्डन्स में कोरोना काल के चलते 2500 से ज्यादा शादियां नहीं हो पाई। इन लोगों की एडवांस राशि जमा है, इसलिए इनको स्विच डेट शादी के लिए दी जा रही हैं। नवंबर से शुरू हो रहे शादी के सीजन में ये शादियां होंगी। फरवरी तक डेट लेने लोगों को कहा जा रहा है।

काफी लोग एडवांस राशि लेने के लिए मैरिज गार्डन संचालकों के पास पहुंच रहे लेकिन उनको राशि नहीं मिल रही है। स्विच डेट में शादी करने की सलाह दी जा रही है। एडवांस बुकिंग वापस नहीं करने के पीछे मैरिज गार्डन्स संचालकों का तर्क है कि शादी की बुकिंग के दौरान इस बारे में बता देते है।

उस दिन के लिए केटरिंग, बैंड, डीजे आदि की बुकिंग हो जाती है। उनको आगे की तारीखें लेने के लिए कहा है। इधर, लोगों का कहना है कि जब उनको गार्डन से शादी ही नहीं करना है तो फिर गार्डन संचालकों को एडवांस राशि वापस करना चाहिए। जिला प्रशासन को ऐसे मामलों को सुलझाना चाहिए।

भोपाल में करीब 394 मैरिज गार्डन, शादी हॉल और होटल हैं, जहां शादियां होती हैं। मैरिज गार्डन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कोरोना के चलते करीब 300 करोड़ से ज्यादा के कारोबार का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

बुकिंग राशि वापस लेने लोगों का तर्क

  • बुकिंग करने वालों का कहना है कि सिर्फ 100 मेहमानों के लिए मैरिज गार्डन की बुकिंग क्यों करें।
  • मेहमानों की संख्या सीमित होने के चलते मैरिज गार्डन का खर्च काफी ज्यादा आ रहा है।
  • छोटी शादी ही करना है तो कोई हाल या घर के आसपास ही खाली मैदानों में समारोह कर सकते हैं।
  • चिंता यह भी है कि यदि काेराेना की तीसरी लहर आती है और केस केस बढ़ते हैं तो फिर 100 मेहमानों की अनुमति लेने पढ़ेगी।

मैरिज गार्डन संचालकों के तर्क

  • गुजरात सरकार ने कोरोना संक्रमण को देखते हुए गार्डन संचालकों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ किया। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।
  • सरकार ने मैरिज गार्डन की लाइसेंस फीस पहले एक साल के लिए 15 हजार थी। अब तीन साल के लिए 75 हजार रुपए मांग रहे।
  • फिक्स बिजली बिल देना पड़ रहा है। कर्मचारियों को वेतन देना मजबूरी है।
  • बहुत सारा सामान शादियों में लगता है, इनकी एडवांस बुकिंग करने के बाद राशि देना पड़ती है।

लाइसेंस फीस बढ़ाने के बाद

  • 394 में से सिर्फ 140 मैरिज गार्डन ने ही लाइसेंस रिन्यू कराया
  • 15 हजार थी 1 साल की लाइसेंस फीस, अब 3 साल की 75 हजार

दर्द इनका भी- अब आगे बढ़ा रहे हैं शादी की तारीख

ललिता नगर के सोहन सिंह ने बताया कि 21 मई को उनकी शादी करोंद निवासी सुनीता से होना तय हुई थी। लेकिन कोरोना की वजह से उन्होंने अपनी शादी की तारीखें आगे बढ़ा दी हैं। वहीं, विश्वकर्मा नगर निवासी सोमेश कुशवाहा की शादी 1 मई को होना थी, मैरिज गार्डन में बुकिंग कर ली थी। लेकिन बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तारीखें आगे बढ़ा दी गई थीं।

यूपी में लिमिट नहीं- यहां भी मेहमान की लिमिट खत्म करें

यूपी में सरकार ने शादियों में मेहमान की लिमिट को खत्म कर दिया है। सरकार को यहां पर ये फैसला लेना चाहिए। कुछ लोगों ने जिला प्रशासन से मैरिज गार्डन संचालकों की शिकायत की है कि उनकी एडवांस राशि वापस नहीं कर रहे। ऐसा ही एक मामला मेरे गार्डन का भी है। जिसमें राधेश्याम राय ने बेटी की शादी दूसरे गार्डन से कर ली। उनकी जगह पर उनकी रिश्तेदार के बेटी की शादी यहां की गई। फिर भी शिकायतें कर रहे हैं।

-श्याम सुंदर गोपलानी, वाइस प्रेसिडेंट, भोपाल मैरिज गार्डन एसो.

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