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दिल्ली, यूपी जैसे कई राज्य अपनाएंगे मप्र का ई-इन्वेस्टिगेशन मॉडल:टैबलेट-एप से मौके पर फोटो-वीडियो अपलोड कर सालभर में तैयार की 30 हजार केस डायरी

भोपाल3 दिन पहलेलेखक: मनीष व्यास
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प्रदेश में 1 साल में 30 हजार केस डायरी और 17 हजार चालान पेश हुए। - Dainik Bhaskar
प्रदेश में 1 साल में 30 हजार केस डायरी और 17 हजार चालान पेश हुए।

मप्र पुलिस ने क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम (सीसीटीएनएस ) में देश में पहली बार नवाचार करते हुए पूरे प्रदेश में अपने जांच अधिकारियों (आईओ) को 1732 टैबलेट दिए। आईओ ने फील्ड से ही इन टैबलेट में फोटो-वीडियो अपलोड करने के साथ ही बयान भी दर्ज किए।

इससे रियल टाइम वर्क हुआ और जांच में पारदर्शिता आई। इसके अलावा केस डायरी बनाने के साथ ही चालान पेश करने में भी कम समय लगा। इस पहल से प्रदेश में 1 साल में 30 हजार केस डायरी और 17 हजार चालान पेश हुए।

पेपरलेस इन्वेस्टिगेशन से लाखों रुपए की बचत भी हुई। अब दिल्ली, पांडिचेरी, उड़ीसा,तेलंगाना, राजस्थान, यूपी, छग, गुजरात राज्य मध्य प्रदेश के इस तरीके को अपनाएंगे। मप्र राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो ने 26 सितंबर 2021 को ई इन्वेस्टिगेशन एप लॉन्च किया था।

पारदर्शिता बढ़ेगी...

मप्र राज्य एससीआरबी के एआईजी हेमंत चौहान के मुताबिक इस पहल से मौके पर ही फोटो-वीडियो अपलोड करने, बयान रिकॉर्ड करने से विश्वसनीयता बढ़ी। गवाह मुकर नहीं सकता, बदले भी नहीं जा सकते।

केस जल्दी सुलझेगा...

मैनुअल जांच में समय लगता है। लेकिन ई इन्वेस्टिगेशन से आधे समय की बचत होती है। यानी, जल्दी केस डायरी व चालान कोर्ट में पेश होने से जांच की गति बढ़ेगी और केस का निस्तारण जल्दी होगा।

ऐसे होगी बचत...

ई इन्वेस्टिगेशन से 30 हजार केस डायरी में पेपरलेस वर्क हुआ। औसत एक केस डायरी में 100 पेपर माने तो 30 लाख पेपर बचे। एक पेपर 75 पैसे के हिसाब से करीब 23 लाख बचे।

ऐसे होता है ई-इन्वेस्टिगेशन

आईओ मौके पर ये टैबलेट ले जाते हैं। एप में रिपोर्ट फीड करते हैं। गवाह के बयान लेने व जांच करने जाते हैं तो जियो टैगिंग भी होती है। मौके से फोटो व वीडियो एप में अपलोड करने हाेते हैं। केस डायरी भी इसमें ही होती है।

बड़ी स्क्रीन पर जांच का डेटा

इस एप को हैंडल करने कंट्रोल रूम बना है। करीब 35 सदस्यों की टीम हैं। दो बड़ी स्क्रीन पर हर थाने का ई इनवेस्टिगेशन ब्यौरा अपडेट होता है। आईओ फील्ड में जैसे ही जांच करता है। उसका रिकॉर्ड इसमें फीड हो जाता है।

हमें इस इनोवेशन पर 4 नेशनल अवाॅर्ड मिले हैं

आने वाले समय में कोर्ट में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग सिस्टम से जांच रिपोर्ट पेश होगी। यह सिस्टम पारदर्शिता व जांच की गति बढ़ाने वाला और समय बचाने वाला साबित हुआ। हमें इस इनोवेशन पर डिजिटल के 4 नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं। अब कई राज्य इसे अपना रहे हैं। -चंचल शेखर, एडीजी, एससीआरबी