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तीसरी लहर:भोपाल में 347 नए मरीज इनमें 28 बच्चे, 8 डॉक्टर; प्रदेश में 1319 नए मरीज मिले, 1 जनवरी को ये केवल 77 थे

भोपाल14 दिन पहले
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6 दिन में 16 से 672, 42 गुना बढ़ा संक्रमण, पिछले छह दिन में ठीक हुए 18 मरीज दोबारा संक्रमित। - Dainik Bhaskar
6 दिन में 16 से 672, 42 गुना बढ़ा संक्रमण, पिछले छह दिन में ठीक हुए 18 मरीज दोबारा संक्रमित।

प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना के 1319, इंदौर में 618 और भोपाल में 347 नए मरीज मिले। राजधानी में मिले संक्रमितों में 28 बच्चे, जीएमसी और स्वास्थ्य विभाग के चार-चार डॉक्टर शामिल हैं। भोपाल में 1 जनवरी को सिर्फ 16 संक्रमित मिले थे, जो पिछले छह दिन में बढ़कर 672 हो गए हैं। हाल ये है कि शहर में 6 दिन पहले स्वस्थ हुए 18 मरीज दोबारा संक्रमित हो गए हैं। 40 से ज्यादा उम्र के इन मरीजों को वैक्सीन के दोनो डोज लग चुके हैं।

हमीदिया के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. लोकेंद्र दवे के अनुसार इम्यून सिस्टम कमजोर होने के कारण व्यक्ति दोबारा री-इंफेक्शन हो सकता है। कोरोना के वायरस में बार-बार हो रहे बदलाव के असर से भी कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्ति दोबारा कोरोना हो सकता है। हालांकि जिन मरीजों को री-इंफेक्शन हो रहा है। उसमें सामान्य लक्षण वाले मरीज हैं।

विशेषज्ञ बोले- जैसी रफ्तार केस बढ़ने की, वैसी ही घटने की होगी

मुंबई-कोलकाता में केस पिछली लहर से भी दोगुने; हर तीसरा टेस्ट पॉजिटिव मिल रहा

देश में 1.37 लाख नए मरीज
महाराष्ट्र में आंकड़ा 40 हजार पार हुआ; विशेषज्ञ ने कहा- 8 से 10 दिन में केस घटने शुरू हो सकते हैं

देश में शुक्रवार को 1.37 लाख नए मरीज मिले। कोरोना की तीसरी लहर भी दूसरी लहर की तरह शहरों से शुरू हुई है। लेकिन, इस बार संक्रमण फैलने की रफ्तार 5 गुना ज्यादा है। विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि तीसरी लहर अगले एक हफ्ते में दूसरे शहरों में भी विकराल हो सकती है, जैसा कि मुंबई और कोलकाता में अभी से दिख रहा है। इन शहरों में रोज मिलने वाले मरीज दूसरी लहर के दौरान मिलने वाले मरीजों से दोगुने हो चुके हैं। हर डेढ़ दिन में केस दोगुने हो रहे हैं। यह रफ्तार अगर एक हफ्ते तक बनी रही तो मुंबई में रोज 50 हजार से ज्यादा मरीज मिलने शुरू हो सकते हैं।

मुंबई में 24 घंटे में 20 हजार से ज्यादा मरीज मिले, जबकि दूसरी लहर के दौरान रोज मिलने वाले मरीजों का औसत कभी भी 9,753 से ज्यादा नहीं रहा था। इसी तरह कोलकाता में भी एक दिन में 6,569 मरीज मिले, जबकि दूसरी लहर के दौरान उच्चतम औसत स्तर 3,887 था। आम लोगों के नजरिये से सबसे चिंताजनक बात यह है कि मुंबई और कोलकाता में हर तीसरे टेस्ट में मरीज मिल रहा है।

यानी 100 टेस्ट में 33 से 35 मरीज। लेकिन, वैज्ञानिकों का इसे लेकर अलग मत है। सफदरजंग अस्पताल (दिल्ली) में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर जुगल किशोर कहते हैं- ‘जितनी तेजी से मरीज बढ़ेंगे, उतनी ही तेजी से घटेंगे भी। क्योंकि, अगर किसी शहर या इलाके में हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित मिलने लगा है तो जाहिर के कुछ दिन बाद संक्रमित होने के लिए कोई नहीं बचेगा, जैसा कि हम दूसरी लहर के दौरान देख चुके हैं।

इस हिसाब से देखें तो मुंबई-कोलकाता में 8 से 10 दिन बाद नए केस घटने शुरू हो सकते हैं। दूसरी लहर के बाद हुए सीरो सर्वे में देश की 80% आबादी में एंटीबॉडी मिले थे। यानी, वे संक्रमित हुए थे। इतनी बड़ी आबादी के संक्रमित होने के बाद उम्मीद है कि दूसरी लहर का पीक 20-22 दिन में आ सकता है। इनमें से 11 दिन बीत चुके हैं। यानी 17 जनवरी के बाद देश में नए मरीज घटने शुरू हो सकते हैं।’

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