मप्र में डेंगू के 2200 केस:मंदसौर में 46 नए मरीज, संख्या 821 पहुंची; भोपाल में वायरल फीवर से 8 साल की बच्ची की मौत, डेंगू से आगर मालवा के डॉक्टर की जान गई

भोपाल/मंदसौरएक महीने पहले

मप्र में डेंगू वायरस से पीड़ितों की संख्या 2200 पहुंच गई है। सर्वाधिक प्रभावित जिलों में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, मंदसौर, रतलाम, आगर मालवा और छिंदवाड़ा हैं। मंदसौर में शुक्रवार को डेंगू के 46 और ग्वालियर में 15 मरीज मिले। मंदसौर में मरीजों का आंकड़ा अब 821 पहुंच गया है।

इधर, बुखार की वजह से भोपल में 8 साल की बच्ची की मौत हो गई। उसे दो दिन पहले ही बुखार आया था। आशंका है कि बच्ची की मौत वायरल फीवर की वजह से हुई है। वहीं आगर मालवा के जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. मुरली पाटीदार की डेंगू की वजह से शुक्रवार को मौत हो गई। उनका इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वहीं आगर कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के प्रभारी अखिलेश गणगौर की भी उज्जैन में इलाज के दौरान मौत हुई है। उनकी मौत भी डेंगू की वजह से जाने की आशंका है।

भोपाल से यहां विशेषज्ञों की टीम भेजी गई है। डेंगू संक्रमण के चलते जिले में रोज 70 से 80 लोगों काे 100 यूनिट प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ रही है। ग्वालियर में डेंगू का प्रकाेप 18 साल से कम उम्र के लाेगाें पर ज्यादा हाे रहा है। ग्वालियर के 9 मरीजाें में से 8 की उम्र 18 साल से कम है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे लेकर शुक्रवार को संबंधित विभाग व अधिकारियों के साथ चर्चा की। साथ ही प्रभावित जिलों के कलेक्टरों से भी पूछा। इसमें कहा गया कि डेंगू के नियंत्रण के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि जिन घरों में जल भराव मिले, उनपर जुर्माना किया जाए।

जिला चिकित्सालयों में आइसोलेशन वार्ड बनाए
भोपाल के 11 वार्डों में डेंगू के केस हैं। नगरीय निकाय की टीम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डेंगू के लार्वा के सर्वे में लगाया गया है। प्लेटलेट्स जांच के लिए किट भी दी जा रही है। सभी जिला चिकित्सालयों में 10 बिस्तर का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।

26 सितंबर तक वैक्सीन का पहला डोज सौ फीसदी हो जाएगा
समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि 26 सितंबर तक वैक्सीन का पहला डोज सभी को लग जाएगा। वैक्सीनेशन के लिए वोटर लिस्ट को आधार बनाया जाए। ग्रामीण इलाकों में जो लोग रोजगार के लिए बाहर गए हैं, उनकी जानकारी दर्ज कर वैक्सीन लगाएं। बैठक में बताया गया कि 70% से कम वैक्सीनेशन वाले जिलों में सतना, श्योपुर, भिंड, धार, रीवा, सीधी, खरगोन, मंडला, मुरैना, कटनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सिंगरौली, बड़वानी, अलीराजपुर और बैतूल शामिल हैं।

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