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कई घरों में अब सिर्फ बच्चों की सिसकियां:मप्र के खंडवा में कोरोना से तीन परिवारों ने 10 लोगों को खोया, होशंगाबाद में पांच घरों में 15 सदस्य नहीं रहे

भोपाल/होशंगाबाद/खंडवा6 महीने पहले
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फोटो में जो ब्लैक एंड व्हाइट चेहरे हैं वे अब इस दुनिया में नहीं है। - Dainik Bhaskar
फोटो में जो ब्लैक एंड व्हाइट चेहरे हैं वे अब इस दुनिया में नहीं है।

कोरोना ने परिवार के परिवार खत्म कर दिए। किसी परिवार में चंद दिनों के अंतराल में तीन-तीन, चार-चार लोग इस दुनिया से चले गए। 25 जिलों में 51 परिवारों पर कोरोना ने वज्रपात किया है। इन परिवारों के 133 सदस्यों की मौत हुई है। ऐसे ही कुछ परिवारों की कहानियां...

बड़वानी : 6 सदस्यों का था परिवार, 12 दिन में बेटे, पत्नी को खोया, फिर खुद चल बसे

  • श्रीराम नगर में रहने वाले भागीरथ यादव का पत्नी, बेटा-बहू व दो पोते सहित छह सदस्यों का भरापूरा परिवार। अब इस परिवार में तीन सदस्य बचे हैं। पुत्र प्रमोद यादव (35) के फेफड़ों में 90 फीसदी तक संक्रमण बताया। 7 अप्रैल को प्रमोद ने इंदौर में दम तोड़ दिया। 9 अप्रैल को भागीरथ यादव और 18 अप्रैल को मां किरण यादव की कोरोना से मौत हो गई। प्रमोद कम्प्यूटर हार्डवेयर का काम करता था। अब परिवार में प्रमोद की पत्नी शर्मिला (28) व दो मासूम बच्चे हैं।

रायसेन : पिता की सेवा करते संक्रमित हुए, पिता के बाद खुद भी नहीं बच पाए

  • भारत नगर निवासी सेवानिवृत डिप्टी कलेक्टर 70 वर्षीय एमपी सेन और उनके बेटे ऋषि सेन (44) ने तीन दिन के अंतराल में दम तोड़ दिया। पहले पिता संक्रमित हुए। पिता की सेवा में दिन-रात लगे ऋषि भी संक्रमण की चपेट में आ गए। 27 अप्रैल को पिता व तीन दिन बाद ऋषि का निधन हो गया।

दमोह : पहली लहर में मां को खोया, अब पिता को भी छीन लिया

  • पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष देवनारायण श्रीवास्तव (59) दमोह उपचुनाव में संक्रमित हो गए। 29 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। कोरोना की पहली लहर में 18 अक्टूबर 2020 को उनकी पत्नी सरिता श्रीवास्तव की मौत हुई थी। परिवार में 24 साल की बेटी सोनाक्षी रह गईं।

होशंगाबाद : 10 दिन में छिना 3 बच्चों से माता-पिता का साया

  • बागरातवा में कोरोना ने सोलंकी परिवार के बच्चों के सिर से मां बाप का साया छीन लिया। 46 वर्षीय दीपक सोलंकी एवं अनीता सोलंकी का निजी चिकित्सालय में उपचार चल रहा था। 19 अप्रैल को दीपक और 10 दिन बाद पत्नी अनीता ने दम तोड़ दिया। बड़ी बेटी शैलषा (18) ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर में है। दूसरी बेटी अक्षरा (15) दसवीं और 13 वर्षीय बेटा यश आठवीं में है। गांव के लोग तीनों भाई-बहनों को हिम्मत दे रहे हैं।

शिवपुरी : दो बेटों व पति की मौत का सदमा कैसे सहन होता..

  • शंकर कॉलोनी के भजन गायक प्रेमचंद जैन (86) ने कुछ दिनों के अंतराल में दो बेटों को खोया। एक बेटे की हार्ट अटैक से और दूसरे की कोरोना से मौत हो गई। प्रेमचंद जैन खुद कोरोना की चपेट में आ गए। रविवार को जिला अस्पताल में उनका निधन हो गया। सदमे से सोमवार अलसुबह पत्नी की भी जान चली गई।

ऐसा कहर; अवसाद और सदमे में भी जा रही जान

खंडवा: बेटे की मौत से मां ने सदमे में तोड़ा दम, पति, दूसरे बेटे की भी मौत

  • छीपाबड़ के विजय जायसवाल (42) की कोरोना से 14 अप्रैल को मौत हो गई। सदमे से बीमार मां ने उसी दिन दम तोड़ दिया। विजय के पिता और छोटे भाई की भी कोरोना से मौत हो गई। अब परिवार में विजय की पत्नी और 12-10 साल के दो बेटे, सात साल की बेटी तथा अजय की पत्नी और 6 व 8 साल के दो बेटे हैं।

देवास: गर्ग परिवार के 5 सदस्यों की मौत, बहू ने अवसाद में खुदकुशी की

  • देवास अग्रवाल समाज के अध्यक्ष बालकिशन गर्ग ने 18 दिन में ही परिवार के 5 सदस्यों को खो दिया। 14 अप्रैल को पत्नी का कोरोना से निधन हो गया। 19 अप्रैल को 59 संजय व अगले दिन छोटे बेटे स्वपनेश की भी मौत हाे गई। सदमे में छोटी बहू ने खुदकुशी कर ली। 2 मई को बड़ी बहू रितु ने दम तोड़ दिया। 2 पोते, 2 पोतियों को दादा का सहारा है।
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