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कोरोना वैक्सीनेशन:202 सेंटर पर 525 डोज बेकार, 45 सेंटर पर 50 से भी कम लोग पहुंचे

भोपाल25 दिन पहले
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बरखेड़ा पठानी के एक सेंटर पर सिर्फ दो लोग पहुंचे। - Dainik Bhaskar
बरखेड़ा पठानी के एक सेंटर पर सिर्फ दो लोग पहुंचे।

राजधानी के शहरी और ग्रामीण इलाकों में 18+ कैटेगरी के लिए 116 और 45+ कैटेगरी के लिए 86 सेंटर बनाए गए थे। लेकिन यहां लोगों के नहीं पहुंचने से शनिवार को 525 डोज बेकार हो गए। 18+ कैटेगरी के 45 सेंटर पर 50 से भी कम लोग पहुंचे। 18+ कैटेगरी में नियम बदलने के बाद उम्मीद थी कि डोज की यह बर्बादी रुक जाएगी, लेकिन हालत फिर पुराने जैसे हो गए। शुक्रवार को सिर्फ एक डोज ही बर्बाद हुआ था। भोपाल के बरखेड़ा पठानी स्थित इशान नगर सेंटर में 300 डोज रखी गई थी। यहां आज महज 2 लोग ही पहुंचे। मौके पर मौजूद स्टॉफ ने डोज बचाने के लिए अलग-अलग समय पर आने वालों को दोपहर में बुलाया, ताकि एक वॉयल पूरा इस्तेमाल हो जाए, लेकिन आए महज दो ही।
वॉयल खुलने के 4 घंटे में उपयोग न किया तो डोज बेकार

एक वॉयल में 10 डोज रहते हैं, यदि 1 डोज का भी इस्तेमाल करना पड़े और बाकी 9 डोज इस्तेमाल न हो तो वे अधिकतम 4 घंटे तक ही इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इनकी बर्बादी रोकने के लिए नियमों में बदलाव किया गया और कहा गया था कि शाम 4 बजे के बाद बची हुई डोज ऑनसाइट बुकिंग करके लगाई जाए। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है। कारण यह है कि जब लोग ऑनसाइट वैक्सीन लगवाने सेंटर पहुंचते हैं तो वहां बैठा स्टॉफ उन्हें शाम 5 बजे के बाद आने का कह देता है। लोग इतनी देर इंतजार नहीं करते और डोज बेकार हो जाते हैं।

ग्रामीण सेंटरों पर सिर्फ 20-20 लोग

जिले में 29 मई को कुल 23 हजार 990 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इनमें 18+ वाले 22 हजार 246, 45+ वाले 1381 और 60+ वाले महज 363 लोग पहुंचे। ग्रामीण इलाकों की बात करें तो खजूरी कला, तूमड़ा, ललरिया और हर्राखेड़ा सेंटर 20-20 लोग पहुंचे। ऐसे करीब 45 सेंटर थे, जहां 50 से भी कम लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे। यह हाल तब है, जबकि कुल आबादी में से महज 25 फीसदी को अभी फर्स्ट डोज और 8 फीसदी को सेकंड डोज लगाई गई है। लोगों को सेंटर तक लाने के लिए सोमवार से स्थानीय स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

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