भोपाल पुलिस का नया प्लान:तेज रफ्तार के कारण 8 महीने में 57 हादसे, चालान सिर्फ चार के

भोपाल2 महीने पहले
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वाहन की स्पीड तय करने की शुरुआत होशंगाबाद रोड से। - Dainik Bhaskar
वाहन की स्पीड तय करने की शुरुआत होशंगाबाद रोड से।

शहर की मुख्य सड़कों पर गतिसीमा निर्धारित कर रफ्तार पर लगाम की तैयारी की जा रही है। यूं तो तीनों लिंक रोड और वीआईपी रोड समेत कुछ अन्य सड़कों पर अभी भी गतिसीमा निर्धारित है। ट्रैफिक के बढ़ते दबाव और रफ्तार के कारण हो रहे हादसों के मद्देनजर ये कवायद नए सिरे से शुरू की गई है।

हैरानी ये है कि बीते आठ महीनों में यानी एक जनवरी 2021 से 31 अगस्त 2021 तक ट्रैफिक पुलिस ने तेज गति से वाहन चलाने की महज 4 कार्रवाई की हैं, जबकि भोपाल ट्रैफिक पुलिस के पास अभी दो स्पीड रडार हैं। टीआई ट्रैफिक विजय दुबे ने बताया कि बुधवार को गतिसीमा निर्धारित करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए ट्रैफिक पुलिस होशंगाबाद रोड पर पहुंची थी।

स्पीड राडार लगाकर यहां से हर घंटे गुजरने वाले वाहनों की औसत स्पीड निकाली गई। ये प्रक्रिया पीएचक्यू रोड व पुरानी जेल रोड पर की जा चुकी है। अभी बुलेवर्ड स्ट्रीट, तीनों लिंक रोड, वीआईपी रोड, बैरागढ़ रोड, एयरपोर्ट रोड, भदभदा रोड, चेतक ब्रिज से अवधपुरी, एम्स रोड समेत शहर की अन्य मुख्य सड़कों का पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) निकाला जाना है।

शहर में 28 स्थानों पर आरएलवीडी कैमरे

औसत सही न हुआ तो लगेगा ट्रैफिक जाम

रिटायर्ड डीएसपी ट्रैफिक मोहित वरवंडकर ने बताया कि हर सड़क पर वाहनों की रफ्तार का औसत सटीक होना बेहद जरूरी होता है। यदि औसत कम निकला तो निर्धारित गतिसीमा लागू होने के बाद उस सड़क पर ट्रैफिक जाम जैसी परेशानी हो सकती है। जैसे किसी सड़क की गतिसीमा 40 किमी प्रति घंटा निर्धारित हुई है। यदि इस सड़क पर औसतन हर वाहन 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आसानी से निकल सकता है।

सड़क के हर मोड़ पर लगाना होगा बोर्ड

रिटायर्ड डीएसपी ने बताया कि सभी सड़कों पर गतिसीमा का औसत निकालने के बाद ये प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा जाता है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 112 के तहत कलेक्टर अधिसूचना जारी करते हैं। ऐसी हर सड़क के हर मोड़ पर गतिसीमा निर्धारण का बोर्ड लगाना जरूरी होता है, ताकि कोई भी वाहन जब उस सड़क पर आए तो उसे गतिसीमा का पता रहे।