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  • 63 Committed Suicide In The Initial 70 Days Of Lockdown; Much Of The Suicide Was Due To Deep Depression Rather Than Illness And Family Strife

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जिंदगी से हारे:लॉकडाउन के शुरुआती 70 दिनों में 63 ने की खुदकुशी; बीमारी और पारिवारिक कलह के बजाय गहरे अवसाद के कारण हुईं ज्यादातर खुदकुशी

भोपाल10 महीने पहले
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  • कोरोना के संक्रमण से पहली मौत 6 अप्रैल को हुई थी, इसके अगले 70 दिनों में कोरोना से 74 मौत हुई हैं

लॉकडाउन के 70 दिन यानी 22 मार्च से 31 मई के बीच राजधानी में 63 लोगों ने खुदकुशी की है। यानी तकरीबन हर दिन एक खुदकुशी। कोरोना के संक्रमण से पहली मौत 6 अप्रैल को हुई थी। इसके अगले 70 दिनों में कोरोना से 74 मौत हुई हैं। दोनों ही आंकड़े चौकाने वाले हैं। क्योंकि लॉकडाउन के बीच खुदकुशी करने वालों में 29 लोग ऐसे हैं, जिनकी उम्र नौकरी-पेशा (20-60 वर्ष) वाली है। जानकार मानते हैं कि लॉकडाउन के दौरान लोगों ने ज्यादा अवसाद महसूस किया। महिलाओं द्वारा जान देने की घटनाएं भी आम दिनों के मुकाबले ज्यादा हैं।

इन 70 दिनों में 26 महिलाओं ने आत्महत्या कर ली। इनमें सात ही मामले ऐसे हैं, जिनमें बीमारी या पारिवारिक कलह खुदकुशी की वजह बना हो। ज्यादातर खुदकुशी गहरे अवसाद के कारण हुई हैं। लॉकडाउन से पहले यानी 01 जनवरी से 21 मार्च के 81 दिनों में महिलाओं की खुदकुशी का आंकड़ा 21 था। इन 81 दिनों में 51 पुरुषों ने आत्महत्या की है, इनमें 60-80 वर्ष के दो बुजुर्ग भी शामिल हैं।

मनोचिकित्सक बोलीं... छोटी परेशानी को भी बड़े रूप में महसूस करने लगते हैं
लॉकडाउन के शुरुआती दिनों को लोगों ने छुट्‌टी की तरह लिया। बाद में काम पर न जा पाना रूटीन पर भारी पड़ने लगा। मेरे पास ऐसे भी कुछ दंपती पहुंचे हैं, जिनमें पति-पत्नी के बीच शक होने से उनमें विवाद बढ़ गए थे। आर्थिक हालात भी बिगड़े तो लोगों में तनाव या अवसाद का स्तर भी बढ़ने लगा। इससे गुस्सा बढ़ा और लोगों ने छोटी परेशानी को भी बड़े रूप में महसूस करना शुरू कर दिया। यही वजह है कि लॉकडाउन में तकरीबन हर दिन एक खुदकुशी हुई है।
- डॉ. अंजलि सहाय, मनोवैज्ञानिक बीएमएचआरसी

कमांडेंट के निर्देश... मानसिक अवसाद को दूर कर जिएं सामान्य जीवन
सात जुलाई को कमांडेंट प्रथम वाहिनी विसबल, इंदौर ओपी त्रिपाठी ने स्टाफ को मानसिक अवसाद से दूर होकर सामान्य जीवन जीने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिसकर्मियों की खुदकुशी की पारिवारिक कलह, कार्य का दबाव और वित्तीय समस्याओं को प्रमुख वजह माना गया है। उन्होंने मानसिक अवसाद के सात लक्षण चिन्हित किए हैं। इनमें भूख न लगना, नींद न आना, आसान काम भी मुश्किल लगना, स्वास्थ्य में गिरावट, एकाग्रता बाधित होना जैसे लक्षण शामिल हैं।

विश्व में सबसे ज्यादा खुदकुशी भारत में...  

विश्व में सबसे ज्यादा खुदकुशी के मामले भारत में ही सामने आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2019 में विश्व में आठ करोड़ से ज्यादा लोगों ने विभिन्न कारणों से अपनी जान दी थी। इनमें सबसे ज्यादा भारत में 2,20,481 से ज्यादा लोग शामिल हैं। एक अनुमान के मुताबिक भोपाल में हर साल 400 लोग खुदकुशी करते हैं।

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