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अब पूरा शहर ग्रीन:शहर के 63 वार्ड डार्क ग्रीन हुए यानी इन वार्डों में सोमवार को एक भी नया पॉजिटिव नहीं

भोपाल5 महीने पहले
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शहर के 85 वार्डों में से सोमवार को 63 वार्डों में कोरोना का एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला। पिछले दो दिन के आंकड़े बताते हैं कि पूरा शहर अब ग्रीन जोन में है। यानी किसी भी वार्ड में अब एक दिन में 5 से अधिक पॉजिटिव नहीं मिल रहे हैं। पचास दिन के कोरोना कर्फ्यू और लगातार जांच व एनालिसिस का फायदा नजर आने लगा है। सोमवार को केवल एक वार्ड (वार्ड नंबर 6- लालघाटी क्षेत्र) में 5 नए पॉजिटिव मिले। 18 वार्ड एेसे हैं जहां पॉजिटिव की संख्या केवल एक है। दो वार्डों में 2-2 और दो वार्डों में 3-3 पॉजिटिव मिले।

शहर में कोरोना की दूसरी लहर को बेकाबू होता देख प्रशासन ने सघन कोरोना जांच करने और रोजाना उसका एनालिसिस करना शुरू किया। जिन वार्डों में 0 मरीज मिले उन्हें डार्क ग्रीन और जहां 5 से कम मरीज मिले उन्हें ग्रीन कैटेगरी में रखा गया। जहां 20 या उससे अधिक पॉजिटिव मिले उन्हें रेड कैटेगरी में रखा गया।

लेकिन, लापरवाह न बनें क्योंकि अब भी पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा एक्टिव कोरोना केस 1220 हमारे शहर में ही हैं
भोपाल में अब भी एक्टिव मरीजों की संख्या 1220है। यह पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा है। ऐसी लापरवाही भारी पड़ सकती है। शनिवार को शहर में सबसे ज्यादा 993 लोगों को बिना मास्क के पकड़ा गया था। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा।

3 महीने बाद श्मशानों में कोई कोविड चिता नहीं

राजधानी में सोमवार को तीन महीने बाद ऐसी स्थिति बनी है जब किसी भी विश्रामघाट और कब्रिस्तान में कोविड प्रोटोकाॅल के तहत कोई अंतिम संस्कार नहीं हुआ। केवल सामान्य मृतकों का ही अंतिम संस्कार हुआ। इधर, स्वास्थ्य बुलेटिन में कोरोना से दो मौतें बताई गई हैं। पहले भी विश्रामघाट और स्वास्थ्य बुलेटिन के आंकड़े अलग-अलग रहे हैं। 145 तक पहुंच चुकी है अप्रैल में रोजाना कोरोना प्रोटोकॉल के तहत शहर में होने वाले अंतिम संस्कारों की संख्या शहर में भदभदा, सुभाष नगर, बैरागढ़ विश्रामघाट और जहांगीराबाद स्थित झदा कब्रिस्तान में काेरोना मृतकों का अंतिम संस्कार होता है।

मार्च के बाद बनी है ऐसी स्थिति
भदभदा विश्रामघाट के सचिव मम्तेश शर्मा ने बताया कि ऐसी स्थिति तीन महीने बाद बनी है। इसके पूर्व मार्च के दूसरे सप्ताह में कोरोना प्रोटोकॉल से कोई दाह संस्कार नहीं हुआ था। हालांकि भदभदा को छोड़कर शहर के अन्य विश्रामघाटों में ऐसी स्थिति बनती रही है जब कोरोना प्रोटोकाल से कोई अंतिम संस्कार नहीं हुआ, लेकिन भदभदा में इस दौरान भी रोजाना कोरोना मृतकों के अंतिम संस्कार हुए।

अच्छे संकेत हैं

सुभाष नगर विश्रामघाट के प्रबंधक शोभराज सुखवानी ने बताया कि यह सकारात्मक संकेत है कि किसी कोरोना मृतक का अंतिम संस्कार नहीं हुआ। जो स्थान कोरोना मृतकों के लिए चिह्नित किया गया है वहां कोई चिता नहीं जली।

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