• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • 67 year old Prema Bai Had 90% Lugs Infected, Four Times The Oxygen Level Came Down To 20, Still Defeated Corona

भोपाल में कोरोना को 3 महीने में दी मात:67 साल की प्रेमा बाई के 90% लंग्स इन्फेक्टेड थे, 4 बार ऑक्सीजन लेवल 20 पर आ गया, लेकिन हार नहीं मानी

भोपालएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
67 साल की प्रेमा बाई ने कोरोना को तीन महीने के संघर्ष के बाद दी मात। - Dainik Bhaskar
67 साल की प्रेमा बाई ने कोरोना को तीन महीने के संघर्ष के बाद दी मात।

कोरोना महामारी को जज्बे और हौसले से जीता जा सकता है। यह साबित किया है हरदा निवासी 67 साल की प्रेमा बाई ने। बुधवार को तीन महीने तक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती रहने के बाद प्रेमा बाई को परिजन बुधवार को डिस्चार्ज कराकर घर ले गए। प्रेमा बाई का इलाज करने वाले पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. आकाश श्रीखंडे ने बताया कि प्रेमा बाई को 7 मई गंभीर हालात में भर्ती कराया गया था। सीटी स्कोर के अनुसार उनके 90% लंग्स इंफेक्टेड थे। तीन से चार बार ऐसा हुआ कि उनका ऑक्सीजन लेवल 20 तक आ गया, लेकिन मरीज ने हिम्मत नहीं हारी।

डॉ. आकाश ने बताया कि अभी उनको ऑक्सीजन लगी है, लेकिन एक महीने में पूरी तरह रिकवर हो जाएगी। उन्होंने बताया कि उनके अस्पताल की कोरोना की आखरी मरीज है, जिसे डिस्चार्ज किया गया। प्रेमा बाई की बेटी संध्या ने बताया कि तीन महीने से लगातार देखभाल कर रही थी। मां के स्वस्थ्य होने पर उनको लेने के लिए प्रेमा बाई की मां, बेटे, बेटी, दामाद, पोते, पोती, भतीजे सहित एक दर्जन पारिवारिक सदस्य मौजूद थे।

सारी जांचें कराईं, सभी सामान्य
पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. आकाश श्रीखंडे और कोविड इंचार्ज डॉ. दीपक जैन की मानें तो मरीज की हालत तो गंभीर थी, लेकिन वे साहसी हैं। उनके साथ उनकी बेटी संध्या ने पूरे समय मौजूद रह कर उनका हौंसला बढ़ाया। उनकी सारी जांचें कराकर देख ली हैं सारे पैरामीटर सामान्य मिलने पर ही अस्पताल से छुट्‌टी दी गई है।

परिवार वाले बहुत खुश थे
बुधवार दोपहर जब अस्पताल से प्रेमाबाई की छुट्‌टी होने वाली थी तो उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। परिवार वाले इस कदर उत्साहित थे कि जब प्रेमाबाई को अस्पताल से छुट्‌टी दी गई तो उनके परिवार की चार पीढ़ियों के लोग मौजूद थे। इनमें प्रेमाबाई की मां, बेटा, बेटी, पोते, पोती और भतीजे सहित एक दर्जन लोग मौजूद थे।

स्टाफ में भी खुशी- केक काटकर मरीज को दी विदाई
बीते करीब तीन महीने में अस्पताल के डॉक्टर्स के साथ ही नर्सिंग समेत अन्य स्टाफ का भी प्रेमाबाई से भावनात्मक जुड़ाव हो गया था। बुधवार को स्टाफ ने केक काटकर उन्हें विदाई दी। स्टाफ खुश था कि उनके यहां भर्ती कोरोना का अंतिम मरीज स्वस्थ होकर घर जा रहा है।

मां ठीक हो गईं, अब सुकून मिला
तीन महीने चले इलाज के बाद जब हमें बताया गया कि मां अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अस्पताल से उनकी छुट्‌टी की जा रही है तो यह सुन पूरे परिवार में खुशी दौड़ गई।
संध्या विश्नोई, प्रेमाबाई की बेटी

खबरें और भी हैं...