कूलर से करंट लगने से मासूम की मौत:भोपाल में 8 साल के बच्चे ने गीले हाथ से छू लिया, फिर इतना ही बोल पाया- पापा...

भोपाल5 महीने पहले

भोपाल में कूलर से करंट लगने से 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। उसने नहाने के बाद गीले हाथ से कूलर को टच कर लिया था। मासूम करीब डेढ़ मिनट तक कूलर से चिपका रहा। पिता की नजर पड़ी तो अपने छोटे भाई की मदद से प्लग को निकाला। आखिर में बच्चा इतना ही बोल पाया- पापा...। परिजन उसे एम्स लेकर पहुंचे। तब तक काफी देर हो चुकी थी।

पुलिस के मुताबिक, सी-सेक्टर कालीबाड़ी गोविंदपुरा में रहने वाले इरफान लोडिंग ऑटो चलाते हैं। उनका 8 साल का बेटा उजेर मियां महात्मा गांधी स्कूल में तीसरी में पढ़ता था। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे उजेर की मां घर में सो रही थी, जबकि इरफान बाथरूम में थे। उजेर भी नहा रहा था, वो नहाकर बाहर आया और कूलर पकड़ लिया। इससे बच्चे को करंट लग गया। एक मिनट बाद पिता बाथरूम से निकले तो बेटा कूलर से चिपका मिला। पिता की चीख सुन उनका छोटा भाई इजराइल पहुंचा। उसने तुरंत कूलर का वायर खींचा। बेसुध हालत में उजेर को एम्स लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। उजेर दो भाइयों में छोटा था।

चलते कूलर को टच किया
परिजनों ने पुलिस को बताया कि घटना के समय उजेर की मां कूलर चालू कर सो रही थी। उजेर नहाकर आया और उसने गीले हाथों से कूलर को टच कर लिया। लोहे की बॉडी होने से उसे करंट लग गया।

जानिए, कूलर में करंट आने से रोकने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए...
हर तरह की मेटल बॉडी वाले कूलर में करंट आने का खतरा रहता है, हालांकि इसे टाला भी जा सकता है। करंट से बचने के लिए ये टिप्स अपनाएं...

  • कूलर में पानी डालने से पहले स्विच ऑफ कर प्लग बाहर निकाल दें। प्लास्टिक या फाइबर कूलर में भी करंट आ सकता है। कूलर से पानी की फिटिंग को सीधा नहीं जोड़ें। नहीं तो पानी की पाइप लाइन में करंट आ सकता है। कभी भी चालू कूलर पर गीले कपड़े से पोंछा नहीं लगाएं।
  • समय-समय पर कूलर की वायरिंग को अनुभवी इलेक्ट्रीशियन से चेक करवाएं। टेस्टर की मदद से कूलर की अर्थिंग या करंट की जानकारी लेते रहें, गड़बड़ी मिलने पर उसे ठीक करवाएं। कूलर में करंट न आए, इसके लिए कूलर में अर्थिंग का होना बेहद जरूरी है। साथ ही कूलर की बॉडी को भी अर्थ किया जाना जरूरी होता है। कूलर में कभी-कभी दो पिन वाला प्लग लगा दिया जाता है, इस वजह से ग्राउंडिंग के लिए कोई कनेक्शन नहीं रहता है। इस वजह से भी कूलर में करंट आने लगता है।
  • लगभग सभी इलेक्ट्रिकल अप्लाइंसेस में तीन पिन वाले प्लग का इस्तेमाल करना चाहिए। इस प्लग में जो सबसे मोटा पॉइंट होता है, वो अर्थिंग के लिए होता है, इसका कनेक्ट होना बेहद जरूरी होता है। जिन कूलर को प्रॉपर अर्थिंग के साथ कनेक्ट किया जाता है, उनमें करंट नहीं आता है। करंट आते ही वायरिंग में फॉल्ट मार देगा।
  • सॉकेट और स्विच इतनी ऊंचाई पर हों कि बच्‍चे नहीं पहुंचे पाएं। कई घटनाएं सॉकेट और स्विच नीचे होने की वजह से हो जाती हैं। बच्चे खेल-खेल में स्विच में उंगली या लोहे के उपकरण डालने की गलती कर देते हैं।
  • गीले हाथों से कभी भी कूलर, स्विच न छुएं। नंगे पैर भी किसी उपकरण को यूज न करें। पैर में जूते-चप्पल होने से भी करंट के बड़े झटके से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना कि पैर में जूते-चप्पल होने से फेस करंट अर्थ नहीं पाता। इससे झटका कम लगता है।
खबरें और भी हैं...