मरीजों की परेशानी:रोज 8000 सैंपल, 50% गुरुग्राम भेजने पड़ रहे, रिपोर्ट आने में लग रहे 4 दिन

भोपाल4 महीने पहले
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जितने दिन में रिपोर्ट आ रही उतने दिन में तो ठीक हो जा रहे हैं संक्रमित। - Dainik Bhaskar
जितने दिन में रिपोर्ट आ रही उतने दिन में तो ठीक हो जा रहे हैं संक्रमित।

भोपाल में कोविड पेशेंट लगातार बढ़ रहे हैं। फीवर क्लीनिक पर लंबी कतारें भी लगी हैं। औसतन रोजाना 8 हजार कोविड टेस्ट हो रहे हैं, दावा किया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट 24 घंटे में दी जा रही है, लेकिन हकीकत में टेस्ट कराने में जहां लोगों को 3-3 घंटे लाइन में लगना पड़ रहा है वहीं इसके बाद रिपोर्ट के लिए 3 से 4 दिन का इंतजार भी करना पड़ रहा है।

कई लोग तो रोजाना अपनी रिपोर्ट के बारे में ही पता करने के लिए फीवर क्लीनिक पहुंच रहे हैं, इनमें से कई तो ऐसे हैं जो रिपोर्ट आने से पहले ही स्वस्थ हो चुके हैं। लोग काॅल सेंटर 1075 पर फोन करके भी रिपोर्ट की जानकारी भी ले रहे हैं। काॅल सेंटर पर रोजाना इस तरह के करीब 700 से 800 फोन आ रहे हैं। इनमें से 25% लोग एक ही सवाल कर रहे हैं कि सर, हमारी रिपोर्ट कब आएगी।

दरअसल, शहर में रोजाना 7 से 8 हजार के करीब सैंपल लिए जा रहे हैं। जबकि कोविड टेस्ट के लिए जेपी अस्पताल, गांधी मेडिकल कॉलेज, बीएमएचआरसी, एम्स के अलावा दो निजी लैब है। ऐसे में सिर्फ 50 फीसदी सैंपलों की जांच ही राजधानी में हो पाती है, शेष सैंपल जांच के लिए गुरुग्राम की अनुबंधित लैब भेजे जा रहे हैं। इन्हीं सैंपलों की रिपोर्ट आने में 4 दिन तक का समय लग रहा है।

रिपोर्ट की जानकारी के लिए जेपी में बनाई है अलग से विंडो

जेपी अस्पताल- लाइन में 200 से ज्यादा लोग थे

सोमवार को यहां 200 से अधिक लोग लाइन में थे। इनमें पटेल नगर के भूपेंद्र सिंह कहते हैं कि मैं 72 साल का हूं। चार दिन बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पूछने आया हूं कि दोबारा इलाज कराऊं या नहीं तो कहते हैं अपने हिसाब से देख लो। ऐसे कई लोग और थे जो रिपाेर्ट के बारे में पूछ रहे थे।

काटजू अस्पताल- टेस्ट से ज्यादा रिपोर्ट पूछने वाले

यहां भी कोरोना की जांच हो रही है। जितने लोग लाइन में हैं, उससे अधिक रिपोर्ट के बारे में पूछने अा रहे हैं। यहां मौजूद गार्ड इन्हें जेपी अस्पताल भेजते हैं। मौके पर मिले राहुल बड़गोती ने बताया कि मम्मी-पापा को लेकर आया था टेस्ट कराने। चार दिन हो गए हैं, रिपोर्ट नहीं आई।

लैब पर दूसरे जिलों का भार, इसलिए भी देरी

गांधी मेडिकल कॉलेज और एम्स में भोपाल के अलावा रायसेन, होशंगाबाद, बैतूल और सीहोर के सैंपल भी जांच के लिए आ रहे हैं। जबकि बीएमएचआरसी में राजगढ़ से सैंपल आ रहे हैं। दूसरे जिलों के भार के कारण शहर के आधे सैंपलों को गुरुग्राम भेजा जा रहा है। रिपोर्ट देरी से आने का यह भी कारण है।

कोविड टेस्ट की रिपोर्ट अलग-अलग लैब से आती है, इस कारण कुछ मामलों मे देरी हो सकती है, लेकिन अधिकतर रिपोर्ट समय पर आ रही हैं। ऐसे में जिन लोगों ने अपना टेस्ट कराया है, उन्हें होम आइसोलेशन में रहना चाहिए। -डॉ. प्रभाकर तिवारी, सीएमएचओ भोपाल

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