विवादित मामले में हमीदिया की रिपोर्ट:हत्या का आराेपी; 1 महीने पहले जरूरी था वेंटिलेटर, अब ट्रेन से जा सकता है

भोपाल3 महीने पहले
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अशोक नगर में एक आदिवासी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हाई प्रोफाइल आरोपी गिरिराज यादव अपने रसूख के चलते पिछले 9 महीने से हमीदिया में भर्ती है। - Dainik Bhaskar
अशोक नगर में एक आदिवासी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हाई प्रोफाइल आरोपी गिरिराज यादव अपने रसूख के चलते पिछले 9 महीने से हमीदिया में भर्ती है।
  • डाॅक्टराें ने कहा- हत्या के हाई प्रोफाइल आरोपी गिरिराज की हालत में सुधार है उसे ट्रेन से एम्स दिल्ली ले जाया जा सकता है

हमीदिया में भर्ती हत्या के जिस आराेपी काे दिल्ली एम्स में शिफ्टिंग के लिए एक महीने पहले तक वेंटिलेटर व ऑक्सीजन सपाेर्ट वाली एंबुलेंस की जरूरत थी, उसकी तबीयत में अचानक सुधार आ गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अब उसे ट्रेन से दिल्ली भेजा जा सकता है।

अशोक नगर में एक आदिवासी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हाई प्रोफाइल आरोपी गिरिराज यादव अपने रसूख के चलते पिछले 9 महीने से हमीदिया में भर्ती है। पिछले दिनाें दैनिक भास्कर ने इस मसले काे प्रमुखता उठाया ताे स्वास्थ्य से लेकर जेल महकमे तक हलचल हुई। सवाल-जवाब हुए ताे लीपापाेती शुरू हाे गई। अब आराेपी की सेहत में सुधार बताकर दिल्ली भेजने की सिफारिश कर दी गई है। जेल प्रबंधन ने भोपाल डीआईजी से बंदी को दिल्ली ले जाने के लिए गार्ड की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट ने 19 मार्च के अपने फैसले में गिरिराज यादव के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल या दिल्ली एम्स में जेल की सुरक्षा और आरोपी के स्वयं के खर्च पर इलाज कराने के आदेश दिए थे। भोपाल एम्स के निर्देश के बाद भी हमीदिया का सर्जरी विभाग 7 महीने बाद भी उसे एम्स दिल्ली या सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शिफ्ट नहीं कर सका।

वीनस थ्रोम्बोएंबोलिज्म नामक बीमारी से पीड़ित

गिरिराज का इलाज कर रहे कार्डियक सर्जन डाॅ. प्रवीण शर्मा ने पिछले महीने डाॅक्टर ने जेल को पत्र लिखा था कि गिरिराज की हालत को देखते हुए उसे दिल्ली एम्स या सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट की एंबुलेंस और विशेषज्ञ डाॅक्टरों की निगरानी में शिफ्ट किया जा सकता है। अब डाॅ. शर्मा ने अस्पताल अधीक्षक काे साैंपी रिपाेर्ट में लिखा है कि गिरिराज के स्वास्थ्य में सुधार है, उसे ट्रेन से एम्स दिल्ली ले जाया जा सकता है।

रिपाेर्ट के आधार पर ही नहीं की जा रही थी शिफ्टिंग

गिरिराज 13 सितंबर 2020 को अशोक नगर जेल से सेंट्रल जेल भोपाल दाखिल हुआ था। इस समय वह पूरी तरह स्वस्थ था। उसे 16 अक्टूबर को चेकअप के लिए हमीदिया भेजा था, तब से ही वह कार्डियक सर्जरी वार्ड में भर्ती है। हमीदिया के कार्डियक सर्जन डॉ. प्रवीण शर्मा ने आरोपी गिरिराज को वीनस थ्रोम्बोएंबोलिज्म नामक बीमारी से पीड़ित होना बताया है, जिसमें उसके पैर के निचले हिस्से से गंदा खून हार्ट को ले जाने वाली वैन्स में खून का थक्का जमता है जो हार्ट के रास्ते फेफड़ों में पहुंच जाता है। इससे ब्लड का ऑक्सीडेशन नहीं हो पाता, जिससे मरीज की सेहत बिगड़ जाती है। मेडिकल बोर्ड हर 10 दिन में उसके स्वास्थ्य की रिपोर्ट सेंट्रल जेल भोपाल को भेजता था। रिपोर्ट के आधार पर उसे एम्स दिल्ली शिफ्ट नहीं किया जा रहा था।

पुलिस गार्ड के रोज के जमा करने होंगे 7500 रु.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरिराज के परिजनों ने दो गार्ड के रुपए जमा किए थे। गंभीर अपराध के आरोपी को भोपाल से बाहर ले जाने के लिए दो गार्ड कम होते हैं। ऐसे में एक हवलदार और 4 सिपाही का गार्ड दिया जाएगा। इसमें हवलदार के प्रतिदिन 1900 रुपए और प्रत्येक सिपाही के 1400 के हिसाब से जमा करने होते हैं। ऐसे एक-चार के गार्ड के प्रतिदिन 7500 रुपए जमा होंगे। यह राशि गिरिराज को जमा करनी होगी।

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