पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Actress Divya Dutta Flew Kites, Lived Her Childhood, Then Visited Tribal Museum And Bharat Bhavan As Soon As She Got A Break From Shooting Of 'Dhakad' Film In Bhopal. #dhakad

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सेलिब्रिटी इन सिटी:भोपाल में 'धाकड़' फिल्म की शूटिंग से ब्रेक मिलते ही एक्ट्रेस दिव्या दत्ता ने उड़ाई पतंग, जिया अपने बचपन को, फिर की ट्राइबल म्यूजियम और भारत भवन की सैर

भोपाल2 दिन पहलेलेखक: राजेश गाबा
भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम में बच्चों की तरह मस्ती करती एक्ट्रेस दिव्या दत्ता।
  • दैनिक भास्कर के 20 एक्सक्लुसिव फोटोग्राफ्स में देख्रिए दिव्या दत्ता की भोपाल की सैर

नेशनल फिल्म अवॉर्ड विनर वर्सेटाइल एक्ट्रेस दिव्या दत्ता इन दिनों भोपाल में ‘धाकड़’ फिल्म की शूटिंग कर रही हैं। शूटिंग से मकर संक्रांति के दिन छोटा सा ब्रेक मिला और उन्हाेंने अपने बचपन को फिर से भोपाल में जिया। उन्होंने पतंग उड़ाई। अपने भतीजों के लिए स्पेशल पतंग खरीदी। उसके बाद ट्राइबल म्यूजियम पहुंचकर वहां की गैलरी देखी।

बच्चों की गैलरी में गेम्स जोन में फोटो क्लिक की। उसके बाद वह कला के मंदिर भारत भवन पहुंची। जहां उन्होंने अलग-अलग गैलरी घूमने के साथ अंतरंग सभागार में जाकर उस मंच को देखा जहां देश और दुनिया के नामी कलाकार परफॉर्म कर चुके हैं। उसके बाद बहिरंग में फोटोज लीं। भोपाल की खूबसूरती को अपने मोबाइल में कैद किया। देखिए दिव्या दत्ता की बचपन की मस्ती और भोपाल की सैर इन 19 एक्सक्लूसिव फोटोज में।

ये देखो कितनी ऊंची जा रही है मेरी पतंग।
ये देखो कितनी ऊंची जा रही है मेरी पतंग।
अभी हवा उल्टी चल रही है जाएगी ये ऊंची मेरी पतंग।
अभी हवा उल्टी चल रही है जाएगी ये ऊंची मेरी पतंग।
अब जाएगी ऊंची अब चली है हवा, मजा आ गया।
अब जाएगी ऊंची अब चली है हवा, मजा आ गया।
फाइनली अब आ गई ऊंचाई पर जैसी मैं बचपन में उड़ाती थी मजा आ गया।
फाइनली अब आ गई ऊंचाई पर जैसी मैं बचपन में उड़ाती थी मजा आ गया।
आप सबको मकर संक्रांति, पोंगल और नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं, ये पतंग मेरे भतीजे के लिए ले जा रही हूं मुंबई।
आप सबको मकर संक्रांति, पोंगल और नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं, ये पतंग मेरे भतीजे के लिए ले जा रही हूं मुंबई।
भारत भवन ये कला का मंदिर है मैं यहां फोटो खिचवाऊंगी।
भारत भवन ये कला का मंदिर है मैं यहां फोटो खिचवाऊंगी।
कितना खूबसूरत है यह शहर शांत और हरा भरा। भारत भवन के बहिरंग से बड़ी झील को देखतीं दिव्या दत्ता।
कितना खूबसूरत है यह शहर शांत और हरा भरा। भारत भवन के बहिरंग से बड़ी झील को देखतीं दिव्या दत्ता।
अच्छा फोटो क्लिक करनी है ले लीजिए। भोपाल की खूबसूरती भी आनी चाहिए।
अच्छा फोटो क्लिक करनी है ले लीजिए। भोपाल की खूबसूरती भी आनी चाहिए।
ये पत्थरों का कितना सुंदर भारत भवन में कारीगरी का नमूना है।
ये पत्थरों का कितना सुंदर भारत भवन में कारीगरी का नमूना है।
काश ऐसा हो कि मैं यहां काफी देर बैठ सकती और भोपाल को देख सकती।
काश ऐसा हो कि मैं यहां काफी देर बैठ सकती और भोपाल को देख सकती।
ये पत्थर भी इस भारत भवन की सुखद यात्रा के गवाह हैं। इन यादाें को मेरे मोबाइल कैमरे में कैद कर ले जाना चाहती हूं।
ये पत्थर भी इस भारत भवन की सुखद यात्रा के गवाह हैं। इन यादाें को मेरे मोबाइल कैमरे में कैद कर ले जाना चाहती हूं।
भारत भवन का यह मंच मेरे लिए किसी मंदिर से कम नहीं। यहां बव कारंत और हबीब तनवीर साहब जैसे दिग्गज रंग निर्देशकों ने रंगमंच को नई गति और दिशा दी। यह बहुत ही पाक जगह है।
भारत भवन का यह मंच मेरे लिए किसी मंदिर से कम नहीं। यहां बव कारंत और हबीब तनवीर साहब जैसे दिग्गज रंग निर्देशकों ने रंगमंच को नई गति और दिशा दी। यह बहुत ही पाक जगह है।
इस ट्राइबल म्यूजियम से अब कहीं जाने का जी नहीं कर रहा।
इस ट्राइबल म्यूजियम से अब कहीं जाने का जी नहीं कर रहा।
ये इंटरनेशनल ट्राइबल आर्टिस्ट भूरी बाई की जिंदगी का लाइफ स्कैच है। उनके बारे में काफी सुना, आज मिल नहीं सकी, फिर आऊंगी उनसे मिलने और घूमने।
ये इंटरनेशनल ट्राइबल आर्टिस्ट भूरी बाई की जिंदगी का लाइफ स्कैच है। उनके बारे में काफी सुना, आज मिल नहीं सकी, फिर आऊंगी उनसे मिलने और घूमने।
कितना सुंदर और सम्मोहित करने वाला है यह घर और आदिवासियों का काम। इसे मैं क्लिक करूंगी।
कितना सुंदर और सम्मोहित करने वाला है यह घर और आदिवासियों का काम। इसे मैं क्लिक करूंगी।
कितने खूबसूरत होते हैं आदिवासियों के घर।
कितने खूबसूरत होते हैं आदिवासियों के घर।
थक गई हूं। थोड़ा अकेले में आराम और कुछ किताबें देख लूं। मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं किताब।
थक गई हूं। थोड़ा अकेले में आराम और कुछ किताबें देख लूं। मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं किताब।
सच में आपने मेरे मन की बात छीन ली। ऐसा लगता है कि मैं यहीं बस जाऊं। यह कहकर खिलखिलाकर हंस दीं दिव्या दत्ता।
सच में आपने मेरे मन की बात छीन ली। ऐसा लगता है कि मैं यहीं बस जाऊं। यह कहकर खिलखिलाकर हंस दीं दिव्या दत्ता।
इस आर्टवर्क के साथ मेरी फोटो लीजिए प्लीज। मैंने मास्क फोटो के लिए उतारा है आप मत उतारिए। अभी मास्क ही वैक्सीन है।
इस आर्टवर्क के साथ मेरी फोटो लीजिए प्लीज। मैंने मास्क फोटो के लिए उतारा है आप मत उतारिए। अभी मास्क ही वैक्सीन है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कई प्रकार की गतिविधियां में व्यस्तता रहेगी। साथ ही सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने में समर्थ रहेंगे। तथा लोग आपकी योग्यता के कायल हो जाएंगे। कोई रुकी हुई पेमेंट...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser