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नाबालिगों के यौन शोषण का मामला:गोद ली 13 साल की बच्ची से ढाई साल तक की ज्यादती, अबॉर्शन भी कराया

भोपालएक वर्ष पहले
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ऐशबाग में प्यारे के अवैध शादी हॉल को तोड़ने गया नगर निगम अमला गुरुवार को औपचारिकता निभाकर वापस आ गया। दिनभर में केवल कुछ होल करके लौटा। - Dainik Bhaskar
ऐशबाग में प्यारे के अवैध शादी हॉल को तोड़ने गया नगर निगम अमला गुरुवार को औपचारिकता निभाकर वापस आ गया। दिनभर में केवल कुछ होल करके लौटा।
  • रोपी के ड्राइवर अनस के भाई उबेज ने भी बच्ची से ज्यादती की
  • अबॉर्शन के दौरान बतौर परिजन अस्पताल में प्यारे मियां की सहयोगी मौजूद रही

रोहित श्रीवास्तव, नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोपी प्यारे मियां ने बेटी के रूप में गोद ली 13 साल की बच्ची से भोपाल और इंदौर में ज्यादती की थी। इसके अलावा आरोपी के ड्राइवर अनस के भाई उबेज ने भी बच्ची से ज्यादती की। इंदौर में बच्ची के गर्भवती होने पर उसका अबॉर्शन भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र के एक अस्पताल में कराया गया। अबॉर्शन के दौरान बतौर परिजन अस्पताल में प्यारे मियां की सहयोगी स्वीटी विश्वकर्मा मौजूद रही। यह खुलासा चाइल्ड लाइन और कोहेफिजा पुलिस को प्यारे की ज्यादती की शिकार हुई 16 वर्षीय किशोरी के बयानों में हुआ है।

बयान में यह भी बताया गया है कि घटना की शिकायत परिजनों अथवा पुलिस काे करने पर बच्ची और उसकी मां को जान से मारने की धमकी भी थी। इसके चलते प्यारे मियां के चंगुल से मुक्त होने के 10 महीने बाद भी पीड़िता बच्ची और उसकी मां ने पुलिस को शिकायत नहीं की। 

बच्ची की मां के बयानों के मुताबिक बच्ची की नानी ने प्यारे मियां के भाई से दूसरी शादी की थी। 13 साल की बेटी को पढ़ाई और अच्छी परवरिश के लिए करीब तीन साल पहले प्यारे मियां को गोद दिया था। शुरुआती दो से पांच दिन तक बच्ची भोपाल में रही। बाद में उसे इंदौर स्थित फ्लैट में रहने भेज दिया। यहां वह एक अन्य बच्ची के साथ करीब ढाई साल रही। अप्रैल 2019 में बच्ची को इंदौर से भोपाल ले आए। यहां इंदौर में हुई घटना के बारे में मां अथवा किसी अन्य को बताने पर दोनों को जान से मारने की धमकी दी। 

इंदौर की क्लीनिक में हुई थी सोनोग्राफी, भोपाल के अस्पताल में कराया गर्भपात

बयानों के मुताबिक ज्यादती के बाद बच्ची के गर्भवती हाेने की पुष्टि करने के लिए उसकी सोनोग्राफी इंदौर के नोबल क्लीनिक में हुई थी, जबकि भोपाल के शाहजहांनाबाद स्थित कमला देवी हॉस्पिटल में उसका अबाॅर्शन कराया गया था। अबाॅर्शन के लिए कमला देवी हॉस्पिटल में बच्ची को स्वीटी विश्वकर्मा ने भर्ती कराया था। हालांकि कमला देवी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. हेमंत मित्तल का कहना है कि हमारे अस्पताल में 20 साल से कम उम्र की युवतियों का अबॉर्शन नहीं होता। 20 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं की एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन आॅफ प्रेग्नेंसी - अबाॅर्शन) की जाती है। इसका रिकाॅर्ड भी सीएमएचओ को भेजा जाता है।

फोन पर बेटी ने व्यथा सुनाई तो अगले दिन प्यारे के चंगुल से छुड़ाया 
बच्ची की मां के मुताबिक सितंबर में बच्ची ने फोन पर खुद के साथ हुए गलत काम की जानकारी दी। तब वह हबीबगंज स्थित विष्णु हाईटेक सिटी में रहती थी। बच्ची की आपबीती सुनने के बाद वह पति को साथ लेकर विष्णु हाईटेक सिटी स्थित फ्लैट से बच्ची को लेकर करोंद स्थित घर आ गई। घटना के कुछ दिनों बाद प्यारे मियां ने बेटी को वापस फ्लैट पर भेजने के लिए महिला और उसके पति पर दबाव बनाया। विरोध करने पर प्यारे मियां ने गुंडों को भेजकर दोनों की पिटाई करवाई।

प्यारे के गुंडों की धमकियों से परेशान होकर मकान बेचा 
पेशे से ऑटो ड्राइवर बच्ची के पिता ने बताया कि प्यारे मियां की गिरफ्त से बच्ची के छूटने के बाद, वह लगातार उसे दोबारा भेजने का दबाव बना रहा था। अपने गुंडों को घर भेजता था। प्यारे मियां के गुंडों के जाने के बाद बच्ची मकान बेचकर दूसरी कॉलोनी में शिफ्ट होने की बात हर बार कहती थी। उसे सुरक्षित रखने के लिए करोंद इलाके का करीब 450 वर्गफीट का मकान बेच दिया। अब किराए के मकान में गुमनाम जिंदगी जी रहे हैं।

पुलिस से पूछा-कॉल रिकाॅर्ड के आधार पर अन्य बच्चियों की सूची बनाई या नहीं

राष्ट्रीय बाल आयोग ने पुलिस को नोटिस देकर पूछा है कि इस मामले में फॉरेंसिक जांच सुनिश्चित की गई है या नहीं। साथ ही आरोपी के कॉल रिकाॅर्ड के आधार पर अन्य बच्चियों की पहचान को लेकर भी सवाल किया है। आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि इसके लिए 10 दिनों के अंदर प्रतिवेदन देने के लिए एसपी साउथ को समय दिया गया है।

इधर, परिवार ने लगाए झूठा फंसाने के आरोप
प्यारे के परिवार ने राजनीतिक और व्यावसायिक द्वेष में फंसाने के आरोप लगाए हैं। गुरुवार दोपहर कोर्ट पहुंची उनकी बेटियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्यारे मियां को कैंसर, डायबिटीज समेत अन्य बीमारियां हैं। वह भोपाल का एक बड़ा नाम हैं, उन्हें नापसंद करने वालों ने ये साजिश रची है।

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