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बीओआरएल को जल्द निजी हाथों में देने की भी तैयारी:ओमान के बाद अब मप्र सरकार भी बीना रिफाइनरी से बाहर होगी

भोपाल11 दिन पहले
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  • गृह मंत्री मिश्रा ने कहा, भ्रम में हूं, ये प्रस्ताव क्या है, मुझे एक बार समझाएं

मध्यभारत की सबसे बड़ी रिफाइनरी भारत-ओमान रिफाइनरी लिमिटेड (बीओआरएल) से ओमान के बाहर होने के बाद अब मप्र ने भी अपने 2 करोड़ 69 लाख शेयर बेचने पर सहमति दे दी है। इससे बीना रिफाइनरी पर पूरा अधिकार भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का हो जाएगा।

यह रिफाइनरी के निजीकरण की शुरुआत है। बीपीसीएल जल्द ही इसके विनिवेश की प्रक्रिया शुरू करेगा। कैबिनेट की मंगलवार को हुई बैठक में इसका प्रस्ताव रखा गया, जिसे सहमति दे दी गई। जब इस पर चर्चा प्रारंभ हुई तो तकनीकी विषय होने के कारण गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भ्रम की स्थिति है। समझाएं कि यह क्या प्रस्ताव है। इस पर उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला उठने लगे तो मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने वित्त विभाग के प्रमुख सचिव मनोज गोविल को कहा- विषय बताएं। अंतत: सहमति बन गई।

ऐसे समझें... रिफाइनरी का पूरा गणित

  • बीना रिफाइनरी को मप्र सरकार 2011-12 से लगातार अधिकतम 250 करोड़ रुपए की मदद कर रही थी। यह मदद 2026 तक करनी थी।
  • हर साल उसी क्रम में रिफाइनरी यह पैसा लौटाती।
  • अब चूंकि इसका विनिवेश हो रहा है, लिहाजा मप्र सरकार ने रिफाइनरी से इस पैसे की मांग की है। यह राशि करीब 1200 करोड़ बैठती है जो तीन माह में मप्र को मिल जाएगी।
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