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  • After The Death Of One, The Family Filed An Application In The Court For The Release Of The Remaining Girls, An Affidavit Submitted To The Child Welfare Committee

प्यारे मियां यौन शोषण मामला:एक की मौत के बाद बाकी लड़कियों की रिहाई के लिए परिजनों ने कोर्ट में दिया आवेदन, बाल कल्याण समिति को दिया शपथ पत्र

भोपालएक वर्ष पहले
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नेहरु नगर बालिका गृह। - Dainik Bhaskar
नेहरु नगर बालिका गृह।
  • आज भी नहीं हो सके मृतिका के परिजन के बयान
  • लड़कियों की रिहाई के लिए बाल कल्याण समिति ने पुलिस से इस मामले में जांच प्रतिवेदन मांगा

प्यारे मियां यौन शोषण मामले में एक नाबालिग की मौत के बाद जहां एक ओर बाकी लड़कियों के परिजन घबराएं हुए हैं। वहीं लड़कियां भी डरी हुई हैं। बाकी लड़कियों की तबियत भी बार-बार खराब हो रही है। इससे परिजनों की मांग है कि लड़कियों को बालिका गृह से मुक्त कर उन्हें घर ले जाने की इजाजत दे दी जाए। इसके लिए उन्होंने कोर्ट में भी आवेदन दिया है। वहीं बाल कल्याण समिति ने भी परिजनों से शपथ पत्र लिया है।

सूत्रों के मुताबिक चारों नाबालिग पीड़िताएं 3 फरवरी तक बालिका गृह में रहेंगी। उन्हें परिजनों के सुपुर्द करने का निर्णय 3 फरवरी को पुलिस के प्रतिवेदन पर होगा। इसके लिए बाल कल्याण समिति ने पुलिस से इस मामले में जांच प्रतिवेदन मांगा है। उसके आधार पर तय किया जाएगा कि लड़कियों की रिहाई की जाएगी या नहीं। वहीं शुक्रवार को पुलिस की टीम ने मृतिका के परिजनों को थाने बुलाया, लेकिन उन्होंने थाने आने से मना कर दिया। उनके घर में लड़की के पिंडदान की पूजा चल रही है। साथ ही मृतिका लड़की की मां की तबियत भी ठीक नहीं है।

गौरतलब है कि एक ओर जहां संदिग्ध परिस्थितियों में एक नाबालिग की मौत के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एसआईटी गठित की। जो इस मामले की जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के जांच दल नेे बुधवार को इससे जुड़े तमाम लोगों को बयान दर्ज किए, लेकिन मृतक बच्ची के परिजनों से मुलाकात ही नहीं की। जांच दल दो दिन बाद आयोग के अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपेगा।

ये शर्ते लिखी हैं शपथ पत्र में जो परिजनों से लिया गया

  • -बालिका को प्रत्येक माह की 1 तारीख में अनिवार्यता बाल कल्याण समिति भोपाल के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, अन्यथा की स्थिति में विधि अनुसार बाल कल्याण समिति भोपाल आवश्यक कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगी।
  • बालिका का स्वास्थ्य खराब होने पर नजदीकी चिकित्सालय में उचित चिकित्सा की व्यवस्था करवाई जाएगी।
  • बालिका को स्वाध्यायी तौर पर विद्यालय प्रशिक्षण केंद्र पर भेजने के लिए प्राेत्साहित किया जाएगा। जिससे की वह शिक्षा प्राप्त करेगी।
  • हमारे द्वारा बालिका को उसके संस्कार निर्माण हेतु चरित्र, शारीरिक मर्यादा एवं व्यवहारिक जीवन की सीमाओं का ज्ञान कराएंगे।
  • हमारे द्वारा बालिका की उचित देखभाल, शिक्षा और कल्याण की व्यवस्था की जाएगी। बालिका को बंधन एवं तनावपूर्ण स्थिति में नहीं रखा जाएगा। साथ ही बालिका को आवंछित तत्वों से मेल-जोल बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। उसे विधि के विरुद्ध कोई भी काम करने से रोका जाएगा एवं इस तरह की स्थिति में मेरे द्वारा बाल कल्याण समिति को सूचित किया जाएगा।
  • हमारे द्वारा बालिका को नशीले पदार्थ या मादक द्रव्यों एवं टच मोबाइल के अवांछित उपयोग से दूर रखा जाएगा।
  • हमारे द्वारा बिना अनुमति के भोपाल शहर छोड़ा नहीं जाएगा एवं आवश्यक होने पर इसकी जानकारी की सूचना संबंधित थाने को दी जाएगी।
  • पुलिस के द्वारा प्रकरण में गवाही के लिए हमारे द्वारा बालिका को सूचना प्राप्त होने पर अनिवार्यत: उपस्थित कराय जाएगा।
  • इसके अतिरिक्त मेरे द्वारा बाल कल्याण समिति भोपाल/न्यायालय/पुलिस द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों का पालन नहीं किया जाएगा।
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