MP विधानसभा में फूट-फूटकर रोए कांग्रेस विधायक पांचीलाल:बोले- मुझे पुलिस ने पीटा; BJP विधायक ने गला दबाया, मेरी जान को खतरा है...

भोपाल5 महीने पहले

मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने रोते हुए आरोप लगाया कि 'विधानसभा में पुलिस वालों ने उनसे मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने धक्का-मुक्की करते हुए मेरा गला दबा दिया। मेरी जान को खतरा है...।' कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने पांचीलाल के आंसू पोछे।

गुरुवार को विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन है। सत्र शुरू होने के पहले कांग्रेस विधायक विधानसभा के गेट नंबर 3 के सामने धरने पर बैठ गए। विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। यहीं मीडिया से बात करते हुए पांचीलाल मेड़ा रो पड़े। जानिए पांचीलाल ने रोते हुए क्या कहा...

'मैं कल जब विधानसभा में अध्यक्ष के पास जा रहा था, तब गेट पर पुलिसवालों ने मुझसे मारा-कूटी की। मैंने अध्यक्ष को बताया कि मेरे साथ ऐसी घटना हुई है तो भाजपा विधायक उमाकांत जी ने मेरे साथ धक्का-मुक्की कर दी। उन्होंने मेरा गला दबाकर मारने की कोशिश की। मैंने कहा, मैं अपने क्षेत्र में पुनर्वास की बात को क्यों नहीं उठाऊं। मेरे क्षेत्र में सरकार ने पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की। किसान जंगलों में रहने को मजबूर हैं। ये 500 परिवार कहां जाएं। सीएम शिवराज आज तक वहां नहीं गए। मैंने आवाज उठाई तो साजिश के तहत मुझ पर हमला किया गया। मुझे विधानसभा अध्यक्ष और गृहमंत्री को बताने का अधिकार नहीं है क्या? मुझ पर जानलेवा हमला हुआ है। मुझे सुरक्षा नहीं चाहिए, जो सुरक्षा दी है वह भी ले ली जाए। मैं किसान भाइयों के लिए मरने को तैयार हूं।'

विधायक पटवारी ने भी लगाए आरोप
कांग्रेस ने सदन की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने भाजपा विधायक पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कांग्रेस के विधायक पांचीलाल मेड़ा को जान का खतरा है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।

कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा अपनी जान को खतरा बताते हुए रो पड़े, तब जीतू पटवारी ने उनके आंसू पोछे।
कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा अपनी जान को खतरा बताते हुए रो पड़े, तब जीतू पटवारी ने उनके आंसू पोछे।

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सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा

बुधवार की तरह गुरुवार को भी सत्र की शुरुआत हंगामे से हुई। प्रश्नकाल के शुरुआत में ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने विधायक के साथ बदसलूकी का मुद्दा उठाया। इस बात पर संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा और नेता प्रतिपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष ने इस पर चर्चा करवाने की मांग की। भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को थोड़ी देर के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके बाद हंगामा होता देख मंत्री भूपेंद्र सिंह के अनुरोध पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।

विधायक के साथ बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने की नारेबाजी।
विधायक के साथ बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायकों ने की नारेबाजी।

जैसा कांग्रेस का गाना होगा, वैसा हमारा बजाना: संसदीय कार्यमंत्री
संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है, जैसा कांग्रेस का गाना होगा, वैसा हमारा बजाना होगा। विपक्ष सदन चलने नहीं देना चाहता, इसका कारण विपक्ष का एक्सपोज होना है। उनके पास कोई वक्ता भी नहीं है, इसलिए सिर्फ हंगामा कर सदन के संचालन में अवरोध उत्पन्न करते हैं।

इन मुद्दों पर घेरने की कोशिश
कांग्रेस गुरुवार को भी पोषण आहार को लेकर सीएजी की रिपोर्ट, भोपाल में स्कूल बस में बच्ची के साथ हुई रेप की घटना, धार में शराब माफियाओं द्वारा अफसरों से की गई मारपीट जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी थी।

बुधवार को सदन में शुरू से ही हंगामा होता रहा। पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने एक-दूसरे पर अभद्रता करने के आरोप लगाए थे। दोपहर सवा 1 बजे तक ही विधानसभा चल सकी और सीएम शिवराज सिंह चौहान के वक्तव्य के बाद विपक्षी विधायक आसंदी के सामने धरने पर बैठ गए थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...