पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Antigen Test Increased 15% In 10 Days, Getting Only 1 Positive In 10 Samples, While RTPCR Test Reduced By 15%

MP में कोरोना संक्रमण घटने का एक बड़ा कारण:एंटीजन टेस्ट 10 दिन में 15% बढ़े, इससे 10 सैंपल में सिर्फ 1 पॉजिटिव मिल रहा, जबकि आरटीपीसीआर टेस्ट 15% घटे

भोपालएक महीने पहलेलेखक: अनिल गुप्ता
  • कॉपी लिंक
शहरों में लॉकडाउन से संक्रमण की चेन तो टूटी लेकिन एंटीजन टेस्ट बढ़ने से रफ्तार धीमी हुई। - Dainik Bhaskar
शहरों में लॉकडाउन से संक्रमण की चेन तो टूटी लेकिन एंटीजन टेस्ट बढ़ने से रफ्तार धीमी हुई।
  • असर- अब तक 24% रही हफ्ते की संक्रमण दर 13% पर पहुंची

रैपिड एंटीजन टेस्ट (रैट)। ये कोरोना की वो जांच है, जिसकी रिपोर्ट तो तुरंत मिल जाती है, लेकिन इसकी प्रामाणिकता हमेशा सवालों में रही है। फिर भी प्रदेश में इसी टेस्ट की संख्या पिछले 10 दिन में 15% बढ़ी है। सबसे प्रामाणिक आरटीपीसीआर टेस्ट में जहां 10 में से 4 सैंपल संक्रमित मिलते हैं, वहीं एंटीजन में सिर्फ एक ही पॉजिटिव मिल रहा है। लॉकडाउन के कारण शहरों में संक्रमण की चेन जरूर टूटी है, लेकिन नए केस की रफ्तार घटने के पीछे एंटीजन टेस्ट ज्यादा होने को भी कारण माना जा रहा है।

इस पर राज्य सरकार का तर्क है कि 4 मई को आईसीएमआर ने गाइडलाइन जारी कर एंटीजन टेस्ट बढ़ाने को कहा है। इसलिए 5 मई से राज्य में एंटीजन टेस्ट बढ़ा दिए। यही वजह है कि 10 दिन में प्रदेश की साप्ताहिक संक्रमण दर 24% से घटकर 13% और रविवार की 10.7% पर आ गई है। बता दें कि कोरोना की पहली लहर में आईसीएमआर ने कहा था- एंटीजन टेस्ट में संक्रमण की स्पष्टता कम होती है। इसलिए 70% तक सैंपल आरटीपीसीआर के लिए जाएं। लेकिन, दूसरी लहर में उसने एंटीजन टेस्ट बढ़ाने की गाइडलाइन जारी कर दी, जो समझ से परे है।

शहडोल में आरटीपीसीआर से 13 गुना ज्यादा एंटीजन टेस्ट, 20 जिले सिर्फ एंटीजन के भरोसे।
शहडोल में आरटीपीसीआर से 13 गुना ज्यादा एंटीजन टेस्ट, 20 जिले सिर्फ एंटीजन के भरोसे।

पहले आरटीपीसीआर 70% होते थे, अब 55%; राज्य सरकार ने चार मई तक आईसीएमआर की पुरानी गाइड लाइन के तहत सैंपल टेस्ट किए। तब तक प्रदेश में हुए कुल कोरोना टेस्ट में से 67-70% तक आरटीपीसीआर टेस्ट हुए। उस दौरान संक्रमण दर 20% के आसपास रही। 5 मई को आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या घटकर 60% पर आ गई और बाकी 40% रैपिड एंटीजन टेस्ट हुए। 10 मई तक रैट 44-45% पर पहुंच गया और आरटीपीसीआर 55-56% रह गया।

तो 17 के बाद मुश्किल बढ़ेंगी; एंटीजन टेस्ट में निगेटिव आने के बाद व्यक्ति फिर ‘सुपर स्प्रेडर’ बनकर घूम सकता है। 4 मई से 17 मई तक एक साइकिल पूरा करेगा। इसके बाद फिर संक्रमण दर बढ़ने का अंदेशा तेज होगा।

8 हजार से कम हुई केसों की संख्या; अब प्रदेश में संक्रमित केसों की संख्या जो कुछ दिन पहले 12 हजार से ऊपर थी, घटकर 8 हजार से कम हो गई। एक्टिव केसों में भी काफी कमी हुई। एक-दो दिन में यह आंकड़ा सात हजार पर पहुंच जाएगा।

9 जिलों में 5% से कम संक्रमण; छिंदवाड़ा, गुना, भिंड, बुरहानपुर, झाबुआ, अशोकनगर, खंडवा, बड़वानी, आलीराजपुर में पॉजिटिविटी रेट 10% से कम हो गया है। छिंदवाड़ा, गुना, भिंड, बुरहानपुर और खंडवा में तो यह 5% या उससे कम है।

ये टेस्ट मीनिंगफुल नहीं; आईसीएमआर के पूर्व डीजी डॉ. वीएम कटोच कहते हैं कि संक्रमण दर के कैलकुलेशन की विधि वही होनी चाहिए, जो पिछली लहर में रही। वरना ये सार्थक (मीनिंगफुल) नहीं माने जाएंगे।

एंटीजन इसलिए सवालों में रिपोर्ट निगेटिव, फिर भी हल्के लक्षण, इसलिए एक्स-रे, सीटी ज्यादा

एंटीजन टेस्ट से निगेटिव आने के बाद भी लोगों में कोरोना के हल्के लक्षण मिल रहे हैं। ऐसे में लोग संक्रमण को पुख्ता करने के लिए एक्स-रे और एचआरसीटी करा रहे हैं। इसके बाद होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना का इलाज ले रहे। मप्र में 11 मई को एक लाख 11 हजार 366 एक्टिव केस थे, जिसमें से 77% यानी 35 हजार 418 मरीज होम आइसोलेशन में थे। यह सरकारी आंकड़ा है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि होम आइसोलेशन में यह संख्या और भी ज्यादा होगी। सरकारी आंकड़ों में ही होम आइसोलेशन में रहने वाले 5% लोगों का कोविड कमांड कंट्रोल रूम से संपर्क ही नहीं हुआ।

खबरें और भी हैं...