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रक्षा मंत्रालय से इजाजत लेना ही भूले:सेना ने रुकवाया 82 करोड़ से बन रही बिल्डिंग का काम, ईदगाह हिल्स पर बन रहा रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिसीज

भोपाल2 महीने पहले
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रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिसीज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ऑर्थाेपेडिक्स की संयुक्त बिल्डिंग का निर्माण कार्य करीब 25 दिन से रुका है। - Dainik Bhaskar
रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिसीज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ऑर्थाेपेडिक्स की संयुक्त बिल्डिंग का निर्माण कार्य करीब 25 दिन से रुका है।

ईदगाह हिल्स पर बनाए जा रहे रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिसीज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ऑर्थाेपेडिक्स की संयुक्त बिल्डिंग का निर्माण कार्य करीब 25 दिन से रुका है। काम रुकने के पीछे कोई तकनीकी वजह नहीं है, बल्कि जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। दरअसल, निर्माण स्थल से सटा हुआ सेना का क्षेत्र भी है। यही वजह है कि जैसे ही यहां निर्माण कार्य शुरू हुआ सेना ने इस पर आपत्ति लेते हुए काम रुकवा दिया।

इसके लिए उस नियम का हवाला दिया गया कि सेना क्षेत्र की सीमा से 100 मीटर के दायरे में होने वाले किसी भी निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय से अनुमति ली जानी चाहिए थी। लेकिन, जिम्मेदार यह अनुमति लेना ही भूल गए। आनन-फानन में बिना अनुमति ही निर्माण शुरू कर दिया गया। यही वजह रही कि अब काम रुका हुआ है। यही नहीं कब तक अनुमति मिल पाएगी यह अभी स्पष्ट नहीं है।

कलेक्टोरेट की अनुमति को ही मान लिया था अंतिम

अब सेना की ओर से मंजूरी मिलने का है इंतजार
बताया गया है कि निर्माण एजेंसी पीआईयू को इसके लिए अनुमति लेने की तमाम कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन, पीआईयू के अमले ने कलेक्टर कार्यालय की अनुमति को आधार मानकर निर्माण शुरू कर दिया था। यही वजह है कि अब जिम्मेदार सेना की ओर से अनुमति मिलने के इंतजार में बैठे हैं।

82 करोड़ रुपए में बनेगी चार मंजिला बिल्डिंग
इस बिल्डिंग के निर्माण पर 82 करोड़ खर्च हो रहे हैं। 12 मीटर ऊंचाई वाली बिल्डिंग में ग्राउंड फ्लोर के साथ ही 4 फ्लोर और होंगे। रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ रेस्पिरेटरी डिसीज के लिए निर्माण लागत 42 करोड़ तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ऑर्थाेपेडिक्स की बिल्डिंग के लिए 40 करोड़ का बजट तय किया गया है।

दिल्ली में अटकी मंजूरी... पीआईयू के अधिकारियों ने सेना की अनुमति लेने के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पहले से निर्धारित फॉर्मेट में पीआईयू ने जानकारी भरकर सेना के स्थानीय अधिकारियों को दी है। इसके बाद सेना की टीम ने मौके पर आकर सर्वे किया। इसके बाद पीआईयू का आवेदन और अपनी सर्वे रिपोर्ट लगाकर अनुमति के लिए फाइल दिल्ली रक्षा मंत्रालय को भेज दी है। हालांकि, वहां से अभी तक कोई रिप्लाई नहीं आया है।

सैन्य क्षेत्र से 100 मीटर दायरे में मंजूरी लेने का पता नहीं था
सेना की आपत्ति के बाद काम रोका गया है। पीआईयू की ओर से अनुमति लेने के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही अनुमति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद काम दोबारा शुरू होगा। -डॉ. अरविंद राय, डीन, जीएमसी

सैन्य क्षेत्र से 100 मीटर के दायरे में निर्माण से पहले अनुमति लेनी होती है, यह पता नहीं था। आपत्ति आई तो अनुमति के लिए कार्रवाई कर दी गई है। अनुमति मिलने पर आगे का निर्माण किया जाएगा। -विजय सिंह, डिवीजनल प्रोजेक्ट ऑफिसर, पीआईयू

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