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एटीएफ पर वैट कम हुआ तो बढ़ सकती हैं फ्लाइट्स:अभी भोपाल-इंदौर में एटीएफ पर 25% टैक्स लगता है, जो महाराष्ट्र और दिल्ली से 15% तक ज्यादा है

भोपाल25 दिन पहलेलेखक: अनुराग शर्मा
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विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएफ की दरें कम होने से किराए में 10 से 20% तक की कमी होगी। - Dainik Bhaskar
विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएफ की दरें कम होने से किराए में 10 से 20% तक की कमी होगी।

यदि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाले वैट टैक्स को घटाकर 4% किया गया तो भोपाल में फ्लाइट्स की संख्या भी बढ़ सकती हैं। इस संबंध में राज्य सरकार के एविएशन विभाग से एक प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है। अभी भोपाल व इंदौर में एटीएफ पर 25% टैक्स लगता है, जो महाराष्ट्र और दिल्ली से करीब 15% तक ज्यादा है।

जिन राज्यों में एटीएफ पर वेट टैक्स कम है, वहां एयरलाइन्स कंपनियां अपनी फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाने के साथ अलग-अलग शहरों के लिए कनेक्टिविटी भी प्रदान करती हैं। भोपाल के राजाभोज एयरपोर्ट के डायरेक्टर केएल अग्रवाल का कहना है कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने प्रयास कर रहे हैं।

7 से 8 फ्लाइट बढ़ सकती हैं और किराया भी होगा कम

चेन्नई, त्रिवेंद्रम, कोलकाता, गोवा के लिए फ्लाइट नहीं
अभी भोपाल से दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, आगरा, हैदराबाद, बेंगलुरू, पुणे व प्रयागराज के लिए एयर कनेक्टविटी है, लेकिन चेन्नई, त्रिवेंद्रम, गोवा, कोलकाता, लखनऊ, गोरखपुर के लिए फ्लाइट नहीं हैं। वर्तमान में इंडिगो की बंद कोलकाता, लखनऊ के अलावा एअर इंडिया की जयपुर, रायपुर फ्लाइट्स भी एक बार फिर शुरू हो सकेंगी। साथ ही पुणे, रायपुर, जयपुर व अहमदाबाद रूट पर एक से ज्यादा फ्लाइट्स चलाई जा सकेंगी।

एटीएफ सस्ता मिलने से यह फायदे

  • एयरक्राफ्ट का नाइट पार्किंग चार्ज में कमी आएगी।
  • एमआरओ बनने से मेंटेनेंस व रिपेयरिंग सस्ती व आसान होगी।
  • नए रूट पर फ्लाइट चलने से खासी संख्या में यात्री मिलेंगे।
  • होटल इंडस्ट्री, ट्रेवल एजेंसियों का बिजनेस बढ़ जाएगा।
  • पर्यटन के लिए विभिन्न स्थानों से पर्यटक यहां आने लगेंगे।

रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ेगी... एटीएफ सस्ता होते ही भोपाल से रीवा, रायपुर, बिलासपुर, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, सतना जैसे स्थानों के लिए भी रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत फ्लाइट्स मिल सकेंगी। फ्लाय बिग, गो-एयर जैसी एयरलाइन्स कंपनियां इन स्थानों के लिए फ्लाइट शुरू करने को तैयार हो जाएंगी।

ओवर ऑल ग्रोथ बढ़ेगी... एयरपोर्ट के अधिकारियों व एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएफ की दरें कम होने से किराए में 10 से 20% तक की कमी होगी। लेकिन उससे ज्यादा फायदा फ्लाइट्स की संख्या बढ़ने पर होगा, जिससे ओवर ऑल ग्रोथ बढ़ जाएगी।