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मिस्टर झोलाछाप कोरोना स्पेशलिस्ट:भोपाल से 20 KM दूर धड़ल्ले से चल रही जादू-टोने की दुकान; नीम की पत्ती खिलाकर बाबा बोला- लग गया इंजेक्शन

भोपाल24 दिन पहलेलेखक: विवेक राजपूत
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दो बार जमीन पर पैर ठोको और चलकर दिखाओ। - Dainik Bhaskar
दो बार जमीन पर पैर ठोको और चलकर दिखाओ।

जिस कोरोना का पुख्ता इलाज देश-दुनिया के वैज्ञानिक नहीं ढूंढ पा रहे हैं, उसका इलाज नीम-हकीम, बाबा और झोलाछाप डॉक्टर धड़ल्ले से कर रहे हैं। झाड़-फूंक, नीम की पत्ती और भभूति खिलाकर मरीजों से कहते हैं कि अब कभी कोरोना नहीं होगा। ऐसे में कई लोग कोरोना के लक्षण होने पर भी इलाज कराने डॉक्टर के पास नहीं जा रहे हैं। भास्कर को जब ऐसे बाबाओं की खबर मिली, तो हम सीधे इनके पास पहुंच गए। स्टिंग कर इनकी एक-एक गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड की। बैरसिया रोड स्थित हर्राखेड़ा और कोलार रोड स्थित कजलीखेड़ा व छोटाखेड़ा में यह नीम-हकीम, बाबा और झोलाछाप डॉक्टर झाड़-फूंक कर रहे हैं। पढ़ें यह लाइव रिपोर्ट

(लाइव-1, स्थान : हर्राखेड़ा, बैरसिया रोड, समय : दोपहर 3:15 बजे)

दो बार जमीन पर पैर ठोको और चलकर दिखाओ

चौराहे पर बने इस्माइल खान के घर का शटर खुला है। चार-पांच आवाज दी तो 60-65 साल के बुजुर्ग बाहर आए। पूछा- क्या तकलीफ है। बुखार, कमजोरी और बदन दर्द बताया तो बोले- मोतीझला है, बैठो झाड़ता हूं। नीम के झौंरे हाथ में लिए झाड़फूंक की। पत्तियां खिलाईं, बोले- ये इंजेक्शन लग गया। 4-5 मुनक्के खिलाए और कहा- लो बोतल चढ़ गई। बोले- खड़े होकर दो बार जमीन पर पैर ठोको, चलकर दिखाओ सब ठीक हो जाएगा। नीम के पत्ते तकिए में भरकर 7 दिन सोना है। मुट्‌ठीभर मुनक्के दिए वो तीन दिन में खाने और एक बोतल पानी दिया इसे शरीर पर बार-बार लगाने से ठीक हो जाआेगे। इस्माइल का दावा है कि हर दिन कई शहरों से 100 मरीज आ रहे हैं।
(लाइव-2, स्थान : छोटाखेड़ा, कोलार रोड, समय : दोपहर 2:50 बजे)

कोरोना नहीं, तुम्हे निमोनिया है, तीन दिन नहाना नहीं

गोल जोड़ से बाएं हाथ पर करीब एक किमी चलने पर खेतों में मंदिर बना है। पंडित परशुराम ने मंदिर के अंदर आने का इशारा किया। मैं बोला- बाबा पत्नी को कोरोना हुआ था, मुझे भी लक्षण लग रहे हैं। बाबा बोले- उधर कोने में बैठोे। गेहूं के सात-सात दाने दो मूर्तियों के सामने रखने को दिए। थोड़ी भभूति देकर बोले- ये भषक लो। गेहूं के साथ एक लाल और एक सफेद फूल व एक नीबी मिला कर शीतला मंदिर में रखने को कहा और भभूति कपड़े में रखकर दाहिनी भुजा पर बांधने का आदेश दिया। कहा कि कोरोना नहीं निमोनिया है, तीन दिन नहाना नहीं। मोबाइल नंबर दो, रात में 8 बजे फोन पर झाड़ दूंगा, ठीक हो जाओगे।
(लाइव-3, स्थान : कजलीखेड़ा, कोलार रोड, समय : दोपहर 3:30 बजे)

चप्पल निकाली और खड़े होकर तीन बार फूंकने लगे

डॉ. एन विश्वास क्लीनिक में अकेले थे। हम बोले- तीन दिन से बुखार, थकान, बदन दर्द और जुकाम भी है। थर्मामीटर निकालकर कांख में लगाया और पल्स ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल लिया। टेम्परेचर 98.2 था तो बोले बुखार है। ऑक्सीजन सेचुरेशन 98 था, बोले- कोरोना तो नहीं है। दराज में से एजिथ्रोमाइसिन, पेटाप्राजोल, सिट्राजिन और निमोवेक प्लस की तीन दिन की खुराक दी। हमने पूछा- डॉक्टर साहब झाड़ेंगे नहीं तो बोले- पर्दे के पीछे टेबल पर बैठ जाइए। चप्पल निकाली, सामने सावधान की मुद्रा में खड़े होकर मंत्र पढ़ने लगे। मास्क खिसकाकर फूंक मार रहे थे। ऐसा उन्होंने तीन बार किया और बोले- तीन दिन बाद आकर एक बार और झड़वा लेना, पूरी तरह से ठीक हो जाओगे।

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