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भोपाल में लिक्विड ऑक्सीजन का संकट:BHEL ने कहा- एक अस्पताल को 10 से ज्यादा सिलेंडर नहीं दे सकते, सागर के अस्पतालों में बिगड़ सकते हैं हालात

भोपाल2 महीने पहले
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सरकार ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर भले ही कितने वादे करती रहे, लेकिन जमीनी हालात बहुत खराब होते जा रहे हैं। भोपाल में गुरुवार को दोपहर को लिक्विड ऑक्सजीन का संकट खड़ा हो गया है। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (BHEL) एक दिन में 600 सिलेंडर की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन उसने साफ कह दिया है कि एक अस्पताल को 10 से ज्यादा सिलेंडर नहीं दे सकते। मेडिकल ऑक्सीजन का संकट सागर में भी है। यहां देर शाम तक हालात बिगड़ सकते हैं, क्योंकि अस्पतालों में ऑक्सीजन का संकट खड़ा हो गया है।

भेल प्‍लांट में ऑक्‍सीजन को लेकर लंबी लाइन लगी हुई है। हालात ना बिगड़े, इसे देखते हुए नगर निगम कमिश्‍नर और अन्‍य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचे। भोपाल में भेल के अलावा गोविंदपुरा स्थित भारती एयर प्रॉडक्ट की क्षमता 900 सिलेंडर रिफिल करने की है। यहां ऑक्सजीन के लिए भीड़ उमड़ रही है। कई बार हंगामा भी हुआ है। इसके चलते पुलिस बुलानी पड़ी।

भोपाल में भारती एयर प्रॉडक्‍ट एकमात्र ऐसा प्‍लांट है, जहां हवा से ऑक्‍सीजन बनाकर दिया जा रहा है। इसके चलते यह प्‍लांट 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। प्‍लांट में डॉक्‍टर से लेकर मरीजों के परिजन स्‍वयं ही ऑक्‍सीजन सिलेंडर लेकर पहुंच रहे हैं, ताकि उनके अपनों की जान बचाई जा सके।

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इधर, भेल अस्‍पतालों तक ऑक्‍सीजन पहुंचाने के लिए नई व्‍यवस्‍था बना दी है। जिसके मुताबिक एक अस्‍पताल को सिर्फ 10 सिलेंडर ऑक्‍सीजन ही उपलब्‍ध कराई जाएगी, ताकि ज्‍यादा से ज्यादा अस्‍पताल कवर किए जा सकें। बता दें कि भेल प्रबंधन द्वारा अस्‍पतालों को निर्धारित प्रपत्र में जानकारी उपलब्‍ध कराने के बाद ही ऑक्‍सीजन दी जा रही है।

सागर के लिए बुक आधा टैंकर रायसेन में खाली
सागर में मेडिकल ऑक्सीजन की किल्लत हो गई है। प्रशासन ने इसकी जानकारी सरकार को दे दी है। बताया जा रहा है कि सागर में गुजरात के कच्छ से ऑक्सीजन टैंकर आना है। यहां ऑक्सीजन का संकट इसलिए खड़ा हो गया है, क्योंकि एक दिन पहले सागर आ रहा टैंकर को आधा रायसेन में खाली करा लिया गया था।

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