पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Bhopal Juda President Dr. Harish Pathak Said – Parents Were Tortured For Two Hours By Sending Police To My House To Withdraw The Strike, This Is The Reward For Doing Duty In Kovid

सरकार पर गंभीर आरोप:भोपाल जूडा अध्यक्ष डॉ. पाठक बोले- हड़ताल रद्द कराने के लिए घर पर पुलिस भेजकर माता-पिता को धमकाया, क्या ये ड्यूटी का इनाम है..

भोपाल2 महीने पहले
जूनियर डॉक्टर भोपाल एसोसिएशन की हड़ताल जारी है।
  • जूनियर डॉक्टर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से हड़ताल पर

प्रदेश के 6 मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर्स अपनी मांगों को लेकर लगातार तीसरे दिन हड़ताल पर है। इस बीच जूनियर डॉक्टर ने सरकार पर हड़ताल वापस लेने का दबाव बनाने परिवार को प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। बुधवार को भोपाल जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरीश पाठक ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके बूढ़े माता-पिता को मंगलवार रात दो घंटे तक सिंगरौली थाना पुलिस ने प्रताड़ित किया और उन पर दबाव बनाया गया कि उनका लड़का अपनी मांगों को वापस ले। साथ ही हड़ताल की गतिविधियों मे हिस्सेदारी न करें और अपनी मांगों को वापस लें।

डॉ. पाठक ने कहा कि क्या सरकार इस चीज पर आ गई है कि एक छोटा सा जूनियर डॉक्टर अपने मां-बाप की सेवा नहीं कर सकता। मैं बहुत परेशान हूं कि जिन मां-बाप से एक साल से मिल नहीं पाया और दो से तीन दिन तक बात नहीं कर पाया। उनको मेरा पास रात 12 बजे फोन आया कि तुम वापस आ जाओ। यह पुलिस, सरकार, प्रशासन तुम्हारा कुछ भला नहीं करेंगी। यह तुम्हें छोड़ों हमें प्रताड़ित कर रहे है। डॉ. पाठक ने कहा कि कोविड में काम करने के लिए यह इनाम मिला है। अब मैं कुछ नहीं करना चाहता। आज हमारी हर एक देशवासी से यह गुजारिश है कि इस चीज को समझें और हमारा इसमें साथ देते हुए हमारी मजबूरी हमारे काम और हमारे बलिदान की इज्जत करें।

बता दें एक दिन पहले ही चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने जूनियर डॉक्टर्स पर ब्लैकमेलिंग करने की बात कर मरीजों के हित में कार्रवाई करने के लिए मजबूर होने की चेतावनी दी। इस बयान को लेकर जूनियर डॉक्टर्स में नाराजगी है।

डॉ. पाठक ने कहा कि पिछले 6 महीने से हम सरकार से अपनी बहुत छोटी मगर अहम मांगों को लेकर चर्चा की। सरकार ने उनको पूरा करने का हमें आश्वासन दिया। 6 मई 2021 को हमारी मीटिंग में उसे पूरा करने का निर्णय लिया गया, लेकिन कई दिनों तक इसके कोई लिखित आदेश नहीं निकाले। इससे विवश होकर मध्य प्रदेश जूडा एसोसिएशन ने परेशान होते हुए अपनी मांगों को रखने के लिए सरकार से गुजारिश की और काम बंद करने पर मजबूर हो गए। इन चीजों को देखते हुए भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए।

पिछले 1 साल से मध्य प्रदेश के पूरे जूनियर डॉक्टर्स बिना थके बिना रुके कोविड के इस महामारी में पूरी जी जान लगाकर काम कर रहे थे। जब बात हमारे सम्मान हमारे अधिकार की आई और हमने इन चीजों को लेकर सरकार के सामने अपनी बातें रखी तो सरकार ने इसे नजरअंदाज किया।

डॉ. पाठक ने कहा कि शासन और प्रशासन अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए इस हद तक आ चुका है कि वह जिनको कोरोना वारियर्स बोलते हैं आज उन्हीं को नहीं उनके माता-पिता तक को प्रताड़ित करने लगे हैं। डॉक्टर ने पिछले साल भर मौत को बहुत ही नजदीक से देखकर मरीजों का इलाज किया है और उनको मौत के मुंह से निकाला है। साथ ही अपने मित्र परिजन टीचर्स सबको एक-एक करके खोया भी है।

जूडा अध्यक्ष को धमकाने का मामला तूल पकड़ा:गांधी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर्स का कफन ओढ़ कर प्रदर्शन, बोले- और कोई रास्ता नहीं; कमलनाथ ने कहा- सरकार तानाशाही कर रही