• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Cheated 45 Lakh 70 Thousand Rupees From Kolkata Businessman, Paid Election Debt, Bought 10 Lakh Car, Five Arrested

UP का साइबर जालसाज गैंग पकड़ाया:कोलाकाता के व्यवसायी से 45 लाख 70 हजार रुपए ठगकर चुनाव का कर्ज चुकाया, 10 लाख की कार खरीदी, पांच गिरफ्तार

भोपालएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गैंग की जानकारी देते डीसीपी सांई कृष्णा थोटा। - Dainik Bhaskar
गैंग की जानकारी देते डीसीपी सांई कृष्णा थोटा।

कोलाकाता के व्यापारी से दो करोड़ रुपए कीमत का गेहूं भोपाल के व्यापारी से दिलवाने का झांसा देकर 45 लाख 70 हजार रुपए ठगी करने वाले उत्तरप्रदेश के शातिर जालसाज गैंग के पांच सदस्यों को साइबर क्राइम भोपाल ने गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका है। चुनाव में हुए कर्ज को भरने उसने जालसाजी का तरीका सोचा। इसके बाद साथियों के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दिया। उसने ठगी के पैसे से चुनाव में हुआ कर्ज भरा, इसके साथ ही 10 लाख रुपए कीमती नई कार खरीदी। पुलिस ने आरोपियों के पास 6 मोबाइल, 12 सिम कार्ड, 13 एटीएम कार्ड, 2 चेक बुक, ठगी की रकम से खरीदी गई कार को बरामद किया है।

डीसीपी सांई कृष्णा थोटा ने बताया कि कोलाकात में रहने वाले उज्जवल को गेहूं खरीदना था। इसके लिए उन्होंने जस्टडायल वेबसाइट में 1250 क्विंटल गेहूं खरीदने के लिए सूचना डाली थी। इसी बीच उनके पास फोन आया। फोन करने वाले ने एसएम एक्सपोर्ट कंपनी का संचालक बताया। उसने उज्जवल को बताया कि भोपाल में गेहूं मिल जाएगा। इसके बाद उज्जवल को उसने भोपाल बुलाकर एक व्यापारी के पास गेहूं का सैंपल दिखाया। करीब दो करोड़ रुपए में डील पक्की हुई। इसके बाद बाद बारदाना और ट्रांसपोर्ट के नाम पर कंपनी के लोगों ने 45 लाख 70 हजार रुपए अपने बैंक खाते में डलवा लिए। तय समय में गेहूं नहीं पहुंचने पर व्यापारी ने जब इनसे संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला। ठगी का अहसास होने पर उज्जवल क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बैंक खाते की जानकारी जुटा गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। गैंग का सरगना फरूखाबाद, उत्तरप्रदेश में रहने वाला गोपाल सोमवंशी है। वह हालही में हुए जिला पंचायत का चुनाव भी लड़ चुका है।

गिरफ्तार आरोपी और उनकी करतूत
1.
गोपाल सोमवंशी, निवासी-फरूखाबाद उत्तरप्रदेश। बीएससी किया है। वह एसएम एक्सपोर्ट कंपनी का संचालन करता है। वेबसाइट से डाटा निकालकर व्यापारियों से संपर्क करता है। वह यूपी पंचायत चुनाव में जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका है। चुनाव में वह हार गया था।

2. अंशु सिंह, निवासी-फरूखाबाद उत्तरप्रदेश। बीएससी की पढ़ाई की है। गोपाल के साथ कंपनी में पार्टनर है। ग्राहकों को वेबसाइट में तलाशकर उनसे डील करना।
3. दीपक कुमार उर्फ दीपू, निवासी-फरूखाबाद उत्तरप्रदेश। बीएससी किया है। ठगी की रकम मंगवाने के लिए खाते खुलवाना। इसके बाद पैसों को निकालकर गैंग में बांटने का काम।

4. योगेश कुमार, निवासी बस्ती, लखनऊ उत्तरप्रदेश। 12वीं तक पढ़ा है। खुद के बैंक एकाउंट में ठगी की रकम डलवाना। इसके बदल वह गोपाल से कमीशन लेता है।

5. विवेक विक्रम सिंह, निवासी- आजमगढ़ उत्तरप्रदेश। बीएससी की पढ़ाई की है। अपने बैंक खाते में ठगी की रकम डलवाना। इसके बाद पैसा निकालकर गोपाल सिंह को देना।

ठगी के पैसे से गैंग ने यह कार खरीदी।
ठगी के पैसे से गैंग ने यह कार खरीदी।

वारदात का तरीका
गिरोह ऐसे वेबसाइटों से डाला निकालता है, जिसमें थोक में माल बेचने वाले, खरीदने वालों का डाटा रहता है। इसके बाद वह व्यापारी व ग्राहक से संपर्क करते हैं। बिचौलिए का भूमिका निभा डील कराते हैं। डील होते ही पैसा अपने खाते में मंगा लेते हैं। कोलकाता के व्यापारी से भी इसी तरह गैंग ने ठगी की थी। गेहूं का पैसा भोपाल के व्यापारी को न देकर खुद अपने खाते में डलवा लिया था। इसके बाद फोन बंद कर लिया।

पूरे गांव के युवा इसी तरह के गोरखधंधे में जुटे
पुलिस का कहना कि गोपाल सिंह जिस गांव का है, उस गांव के अधिकतर युवा इसी तरह के साइबर जालसाजी में लिप्त हैं। गोपाल ने यह पहली बारदात की है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इन सभी की पहचान कालेज में पढ़ाई के दौरान हुई। ठगी की रकम आरोपी आपस में बांट लेते हैं।

खबरें और भी हैं...