इंटरनेशनल डांस डे:शहर के कलाकारों से यूके, केन्या, दुबई के बच्चे ऑनलाइन सीख रहे हैं क्लासिकल डांस

भोपाल6 महीने पहले
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  • क्योंकि डांस के लिए इंटरनेशनल बाउंडरीज मायने नहीं रखतीं

पैंडेमिक इयर में दुनियाभर के देशों से अपनी इंटरनेशनल बाउंडरीज सील कर दी हैं। ना कोई आना, ना जाना, ताकी सब सुरक्षित रहें। सरहदें बंद होने से कई तरह के व्यापार भी रुक गए, लेकिन कुछ चीजें है जिस पर सरहदों के सील हो जाने का कोई असर नहीं हुआ। इन्हीं में से एक है इंडिया का डांस। कोरोनाकाल में जब सभी चीजें ऑनलाइन शिफ्ट हुईं तो गुरु-शिष्य परंपरा को 21वीं सदी में भी फॉलो कर रहे इंडियन क्लासिकल डांस ने भी बदलाव को अपनाया।

बिरजू महाराज से लेकर गीता चंद्रन सभी बड़े नृत्य गुरुओं ने ऑनलाइन मीडिया पर आना स्वीकार किया और पूरी दुनिया को अपना शार्गिद बना लिया। भोपाल के नृत्य गुरुओं ने भी ऑनलाइन एजुकेशन के दौर में डांस को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया। शहर के कई डांस टीचर्स भोपाल से दुनिया भर के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लास में नृत्य की बारीकियां सिखा रहे हैं।

यूएस-यूके से जुड़े बच्चे और फीमेल्स
सेलेब्रिटी फैशन डिजाइनर और कथक आर्टिस्ट रिद्दी मैपसेनकार्स ने बताया, मैंने जून में ही ऑनलाइन कथक क्लास लेना शुरू किया था। मैंने इसे तब शुरू किया, जब यूके में रह रही मेरी एक दोस्त ने बोला, बेटी को कथक सिखा दो? तब मुझे लगा क्यों नहीं। देश में अमृतसर, लुधियाना, रायपुर, जयपुर समेत यूएस और यूके के बच्चे और फीमेल्स सभी कथक क्लासेस ले रहे हैं। पहले ऑनलाइन होकर मुद्राओं पर डिस्कस करते हैं, फिर मैं उन्हें वीडियो बनाकर भेजती हूं, ताकि वे प्रेक्टिस कर सकें।

केन्या, युगांडा के बच्चे सीख रहे बॉलीवुड डांस
कंटेम्प्रेरी स्टाइल डांस एक्सपर्ट शशि गोयल ने बताया, इन दिनों 16 स्टूडेंट्स को ऑनलाइन डांस क्लास दे रही हूं। इनमें 5 बच्चे केन्या और युगांडा से जुड़े हैं। रोजाना करीब डेढ़ घंटे की क्लास होती है। बॉलीवुड डांस के साथ बॉडी की फ्लेक्सिबिल्टी की ट्रेनिंग दे रही हूं। ज्यादातर पेरेंट्स का कंसर्न भी बच्चों का फिजिकल वर्कआउट है।

सालों बाद फिर मिला गुरु का सान्निध्य
भरतनाट्यम नृत्यांगना डॉ. श्वेता देवेन्द्र कहती हैं, लॉकडाउन में कई अलग-अलग शहरों के वे बच्चे भी वापस जुड़ सके, जिन्हें जॉब या पढ़ाई की वजह से भोपाल छोड़ना पड़ा था। सबसे ज्यादा लकी मैं रही, कोरोना टाइम में जब सबकुछ रुका था, तो मेरी गुरु गीता चंद्रन ऑनलाइन हुई। मैं सालों से उनसे दूर थी, एक बार फिर उनके सानिध्य में हूं।

दुबई की बच्ची भी सीखती है भरतनाट्यम
डांस टीचर नुपुर माहौर बताती हैं, भारतीय शास्त्रीय नृत्य कभी ऑनलाइन आ सकेगा, सोचा तो नहीं था, लेकिन स्टूडेंट्स से जुड़े रहना बहुत जरूरी था। इसीलिए, क्लासेस शुरू कीं। एक पुराने स्टूडेंट के जरिए दुबई में रह रहे अनुष्का, जोशिता और एल्विन को डांस क्लास में एडमिशन देने के लिए रिक्वेस्ट की। ऑनलाइन क्लास में लगभग सारे बच्चे नए हैं और 5 से 8 साल की उम्र के बीच के हैं।

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