एम्स में 12 घंटे से पानी सप्लाई बंद, मचा हाहाकार:वाटर सप्लाई न होने से बंद हुआ चिलर प्लांट, हाथ धोने को तरसे डॉक्टर

भोपालएक महीने पहले

राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पानी की सप्लाई बंद होने से हाहाकार मचा हुआ है। शनिवार सुबह से पानी सप्लाई न होने से एम्स हॉस्पिटल में मरीजों से लेकर अधिकारी तक दिन भर परेशान रहे। बताया जा रहा है वाटर सप्लाई लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण एम्स में शनिवार सुबह से ही पानी नहीं आया। दोपहर में एम्स के चिलर प्लांट ने भी दम तोड़ दिया ऐसे में पूरा सेंट्रल एसी सिस्टम भी ठप हो गया। गनीमत रही कि शनिवार को एम्स में सर्जरी नहीं की जातीं इस वजह से सर्जरी में ज्यादा दिक्कत नहीं आई।

हाथ धोने काे पानी नहीं

एम्स के कर्मचारियों की मानें तो शनिवार को पानी की सप्लाई न होने के कारण अस्पताल में डॉक्टर और मरीज परेशान होते रहे। दोपहर बाद वार्डो में लोगों को हाथ धाेने के लिए पानी नहीं मिला। सेकंड फ्लोर पर सर्जरी वार्ड 2 में भर्ती मरीज के परिजन सुरेन्द्र पांचाल के भाई ने बताया कि दोपहर में टॉयलेट में पानी नहीं आ रहा है।

सर्जरी वार्ड में सूखा पड़ा वाटर कूलर
सर्जरी वार्ड में सूखा पड़ा वाटर कूलर

​​​​​​बिजली का टावर गिरने के कारण नहीं हो पाई नर्मदा से सप्लाई

आंधी-तूफान के कारण गुरुवार को जहानपुर के पास 132 केवीए लाइन के पांच टॉवर गिर गए थे। इस कारण हिरानी स्थित पंप हाउस पर बिजली सप्लाई बाधित हो गई और नर्मदा लाइन से जुड़े भोपाल के इलाकों में पानी की सप्लाई ठप हो गई। पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने लाइन सुधारने के लिए 36 घंटे का शटडाउन लिया था, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। इस कारण एम्स में पानी का संकट गहरा गया।

टेंकर भी नहीं मिल रहे

एम्स में जलसंकट को दूर करने के लिए प्रबंधन ने नगर निगम और प्रायवेट टेंकरों से पानी की कमी पूरी करने की कोशिश की। लेकिन शहर के कई इलाकों में पानी सप्लाई बाधित होने के कारण एम्स को टेंकर भी नहीं मिल पाए। एम्स के पीआरओ मयंक कपूर ने बताया कि नर्मदा सप्लाई लाइन से पानी न आने के कारण थोडी दिक्कत तो हुई है। टेंकरों से और बोरिंग से पूर्ति कराई जा रही है। जरूरत के अनुसार पानी के लिए टेंकर भी नहीं मिल पा रहे हैं। नर्मदा की सप्लाई शुरू होने के बाद पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा।

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