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वन विहार में चीतलों की संख्या बढ़ी:नमक और मिनरल मिली हरी घास का लालच देकर चीतल शिफ्टिंग; 22 को गांधी सागर सेंचुरी पहुंचाया, 228 को और भेजेंगे

भोपालएक महीने पहले
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चीतलों को हरी घास, मिनरल और नमक का लालच देकर बोमा में लाया गया। - Dainik Bhaskar
चीतलों को हरी घास, मिनरल और नमक का लालच देकर बोमा में लाया गया।

वन विहार से 22 चीतलों को कैप्चर बोमा की सहायता से पकड़कर गांधी सागर सेंचुरी भेजा गया है। इसमें छह नर और 16 मादा शामिल है। यहां से चीतलों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया तीसरी बार हुई है। इन चीतलों को हरी घास, मिनरल और नमक का लालच देकर बोमा में लाया गया। डिप्टी डायरेक्टर एके जैन ने बताया कि वन विहार में 555 चीतल हैं। यहां पर 250 चीतलों को रखने की क्षमता है।

कैप्चर बोमा: वन विहार में बोमा(बाड़ा) बनाया जाता है। इसमें एक पर्दा लगाया जाता है। यह बाड़ा एक ट्रांसलोकेशन वाहन से जुड़ा होता है। इसमें हरी घास को इस तरह से डाला जाता है कि चीतल उसके लालच में ट्रांसलोकेशन वाहन तक पहुंच जाते है। बीच में कोई अन्य वन्य प्राणी आता है या वाहन की ओर बढ़ता है तो वहां बैठा कर्मचारी हरे रंग का पर्दा डालकर बैरियर लगा देता है।

11 घंटे में पहुंचे चीतल, सभी को सेंचुरी में छोड़ा
चीतलों को ट्रांसलोकेशन वाले वाहन के साथ एसओएस वाइल्ड लाइफ के डॉ. रजत कुलकर्णी, सचिन परसाई और संजीव सिंह साथ गए। डॉ. कुलकर्णी ने बताया कि आमतौर पर गांधी सागर सेंचुरी पहुंचने में तकरीबन सात घंटे का समय लगता है। भोपाल से गांधी सांगर सेंचुरी की दूरी तकरीबन 337 किमी है। चीतलों की सेहत को देखते हुए यह यात्रा तकरीबन 11 घंटे का वक्त लगा।