• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Cleanliness Audit, 8000 Sweepers, 435 Vehicles Still Vacant Plots; Garbage Piles In Rivers And Ponds

शहर की दिक्कतों की हकीकत:सफाई ऑडिट, 8000 सफाईकर्मी, 435 गाड़ियां फिर भी खाली प्लॉट; नदी-तालाबों में कचरे के ढेर

भोपाल2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सफाई के दावों को मुंह चिढ़ाती भदभदा की तस्वीर - Dainik Bhaskar
सफाई के दावों को मुंह चिढ़ाती भदभदा की तस्वीर
  • आदमपुर छावनी में 400 टन गीले कचरे की कंपोस्टिंग, लेकिन काॅलोनियों के कंपोस्ट यूनिट बंद, होम कंपोस्टिंग का प्लान फेल
  • रोजाना शहर के 15 से 20 हजार घरों से नहीं उठाया जाता है कचरा

4 हेल्थ ऑफिसर, 20 एएचओ, 800 कामगार और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में लगीं 435 गाड़ियां सहित अन्य संसाधन होने के बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था में खामियां हैं। रोजाना 15 से 20 हजार घरों से कचरा नहीं उठना तो मामूली बात है। शहर के 80 फीसदी इलाकों में कचरा गाड़ी के घर तक पहुंचने का कोई समय तय नहीं है। नतीजा घरों का कचरा निकल कर खाली प्लॉटों पर आता है।

कलियासोत नदी के साथ शाहपुरा तालाब, 5 नंबर तालाब और छोटा तालाब के भीतर और आसपास भी लोग कचरा पटक रहे हैं। न तो इन्हें कोई रोकने- टोकने वाला है और न ही व्यवस्था में ऐसा सुधार हो रहा है कि खामियां दूर हो सकें। नगर निगम रोजाना 850 टन कचरा उठाने का दावा करता है, लेकिन शहर में यहां-वहां लगे ढेर का अनुमान लगाया जाए तो कम से कम 100 टन कचरा तो आज भी खुले में पड़ा रहता है।

250 टन प्लास्टिक कचरा बड़ी समस्या

शहर में 850 टन कचरे में से 250 टन प्लास्टिक कचरा है। इसमें से 125 टन प्रतिबंधित पॉलीथिन है। एक सप्ताह बाद तो शेष पर भी रोक लगना है, लेकिन निगम पॉलीथिन पर ही रोक नहीं लगा पा रहा है, ऐसे में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक की तो कल्पना भी नहीं कर सकते।

मॉनिटरिंग कागजों पर, हकीकत में दिखावा

435 कचरा गाड़ियों का रूट और समय कागज पर तय है। स्मार्ट सिटी के आईसीसीसी में इनकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा सकती है। रोजाना रिपोर्ट भी बनती है। लेकिन रूट पूरा नहीं करने, समय पर नहीं निकलने, सेग्रीगेशन नहीं करने पर स्टाफ पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

दावों की हकीकत

  • 850 टन कचरा रोज उठाने का दावा, लेकिन 100 टन कचरा खुले में पड़ा रहता है।
  • 80% इलाकों में कचरा गाड़ी घरों में पहुंचने का समय ही तय नहीं।

व्यवस्था सुधारने को...

275 गाड़ियां और खरीदने जा रहे

घर-घर से कचरा उठाने के लिए निगम 275 गाड़ियां और खरीदने जा रहा है। दावा है कि 15 फीसदी गाड़ियां एक दिन में दो रूट कवर कर रहीं हैं। इसके अलावा गाड़ी पंक्चर या खराब होने पर भी दिक्कत होती है। नई गाड़ियां आने के बाद इस स्थिति में सुधार आ सकता है।

ऑन स्पॉट कंपोस्टिंग में बहुत पीछे

गीले कचरे की प्रोसेसिंग के लिए इंदौर जैसे शहर ऑन स्पॉट कंपोस्टिंग पर जोर दे रहे हैं, लेकिन यहां कॉलोनियों और पार्कों में कंपोस्ट यूनिट बंद है। घरों में कंपोस्टिंग जैसे प्रयोग फेल हैं। सिर्फ आदमपुर छावनी में 400 टन गीले कचरे की कंपोस्टिंग हो रही है।

संसाधन जुटाने पर फोकस किया

हमने संसाधन जुटाने पर फोकस किया। आज भोपाल में 11 ट्रांसफर स्टेशन काम कर रहे हैं, 12 वां तैयार है। आदमपुर छावनी में सीएनजी प्लांट का काम शुरू हो गया है। पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग ऑनलाइन हैं।
-वीएस चौधरी कोलसानी, कमिश्नर, नगर निगम

खबरें और भी हैं...