विवेक तन्खा बोले / ऑटोमोबाइल-एफएमसीजी डीलर कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा आयोग जाएंगे

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा।
X
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा।राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा।

  • ऑटोमोबाइल और एफएमसीजी की बड़ी कंपनियां डीलर के साथ की गई अनुबंध शर्तों का पालन नहीं करतीं
  • राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के साथ कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के व्यापारियों से हुई वेबनार में सामने आईं।

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

भोपाल. ऑटोमोबाइल और एफएमसीजी की बड़ी कंपनियां डीलर के साथ की गई अनुबंध शर्तों का पालन नहीं करतीं। अगर डीलर उनकी एजेंसी छोड़ देता है तो वे उसके ब्लैंक चेक में मनमाफिक राशि भरकर बैंक में लगा देती हैं। अनुबंध के अनुसार उन्हें शेष बचा सारा माल चाहे वह एक्सपाइरी डेट का ही क्यों न हो, वापस लेना चाहिए। यह बातें राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा के साथ कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के व्यापारियों से हुई वेबनार में सामने आईं। 

तन्खा ने कहा कि व्यापारिक संस्था ऐसे डीलर के हक में प्रतिस्पर्धा आयोग की शरण में जा सकता है। वेबनार में शामिल भोपाल समेत पूरे प्रदेश के एक दर्जन से अधिक व्यापारियों ने मनमानी का मुद्दा उठाया। एफएमसीजी प्रॉडक्ट से संबंधित व्यापारियों के शोषण को रोकने के लिए कॉम्प्टीशन कमीशन में एक याचिका दायर करेगा। इस पर तन्खा ने कहा कि प्रतिस्पर्धा आयोग इस तरह के मामलों की सुनवाई के लिए एक उपयुक्त फोरम है। वेबनार में भोपाल के राधेश्याम माहेश्वरी ने कहा कि कि वर्क फ्रॉम होम के जमाने में भोपाल विकास प्राधिकरण अथवा नगर निवेश विभाग द्वारा आवासीय कॉलोनी में ऑफिस चलाने की स्वीकृति मिलना चाहिए, लेकिन नगर निगम द्वारा कॉमर्शियल मानकर व्यापारियों को प्रताड़ित किया जाता है।

निवास के साथ ऑफिस संचालित हो सकता है
तन्खा ने बताया कि दिल्ली में भी इसी प्रकार की परेशानी का सामना कुछ काॅलाेनी वालाें काे करना पड़ा था। इस पर काॅलोनीवासी सुप्रीम कोर्ट गए थे। शीर्ष अदालत ने गाइडलाइन जारी की कि निवास के साथ ऑफिस संचालित हो सकता है। इस निर्णय का हवाला देकर वे  मप्र सरकार को लिखेंगे कि इसे लागू किया जाए। प्रारंभ में कैट मप्र के अध्यक्ष भूपेन्द्र जैन ने बिजली के बिलों को लेकर हो रही असुविधा का मुद्दा उठाया था।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना