भास्कर एक्सक्लूसिव:MP में जिस टीचर को लगा COVAXIN का पहला डोज, उसे 15 दिन से सर्दी-खांसी; अब तक कोविड टेस्ट नहीं

भोपाल10 महीने पहलेलेखक: सुमित पांडेय
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मध्य प्रदेश में कोवैक्सिन का ट्रायल पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 27 नवंबर को शुरू हुआ था, तब पहला टीका टीचर संतोष को लगा था। - Dainik Bhaskar
मध्य प्रदेश में कोवैक्सिन का ट्रायल पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 27 नवंबर को शुरू हुआ था, तब पहला टीका टीचर संतोष को लगा था।
  • दो बार सर्दी-खांसी की दवा देकर वॉलंटियर को लौटाया गया
  • बुधवार को जांच के लिए तीसरी बार पीपुल्स मेडिकल कॉलेज जाएंगे

मध्यप्रदेश में आईसीएमआर और भारत बायोटेक की COVAXIN के ट्रायल का पहला टीका जिस टीचर को 27 नवंबर को लगा था, वह 15 दिन से सर्दी-खांसी से जूझ रहा है। हैरान करने वाली बात है कि ट्रायल करने वाली संस्था पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में वॉलंटियर टीचर को दो बार देखने के बाद कोविड टेस्ट तक कराना उचित नहीं समझा। केवल सर्दी-खांसी की दवा देकर आराम करने का कहकर लौटा दिया।

भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में COVAXIN का ट्रायल चल रहा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में पहला डोज लेने वाले टीचर संतोष ने बताया कि उन्हें 8 दिसंबर से सर्दी-खांसी की शिकायत है। उसी दिन पीपुल्स मेडिकल कॉलेज जाकर समस्या बताई थी। इस दौरान सामान्य डॉक्टर ने उन्हें सर्दी की 2 दिन की दवा दी थी, लेकिन इसमें राहत नहीं मिली।

संतोष ने बताया कि 14 दिसंबर को वह फिर से अस्पताल गए, जहां पल्मोनरी विशेषज्ञ डॉक्टर संजय टंडन ने देखा। उन्होंने भी 10 दिन की दवा देकर कहा कि परेशानी की बात नहीं है, एक-दो दिन में आराम मिल जाएगा। हालांकि इस दौरान संतोष ने डॉक्टर से कोविड टेस्ट कराने की मांग की, लेकिन उन्हें यह समझा दिया गया कि उन्हें लक्षण नहीं हैं। घर जाकर आराम करें, लेकिन उन्हें अब तक राहत नहीं मिली है। वह बुधवार को फिर से सर्दी-जुकाम की जांच कराने पीपुल्स मेडिकल कॉलेज जा रहे हैं।

बता दें, संतोष वही वॉलंटियर हैं, जिसे COVAXIN के थर्ड फेज के ट्रायल में मध्य प्रदेश में पहला टीका लगा था। संतोष ने टीका लगवाने के बाद गर्व से कहा था कि उनके इस कदम से लाखों लोगों भला होगा। वैक्सीन का पहला डोज लगने से पहले उनका RT-PCR टेस्ट किया गया, लेकिन उस समय टेस्ट निगेटिव आया था।

इसलिए चर्चा जरूरी

COVAXIN का ट्रायल टीका लगवाने के बाद हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद देशभर में चर्चा छिड़ गई थी कि भारत बायोटेक की वैक्सीन के साइड इफेक्ट आ रहे हैं क्या? बाद में भारत बायोटक को इस पर सफाई देनी पड़ी थी।

27 नवंबर को लगा था पहला डोज

संतोष को 28 दिन बाद दूसरा डोज 25 दिसंबर को दिया जाएगा। ट्रायल का दूसरा चरण इसी दिन से शुरू होगा। वैक्सीन का पहला डोज लगने के बाद संतोष घर बाइक से गए थे। उन्हें 10 दिन तक परेशानी नहीं हुई थी। बता दें कि पहले दिन 7 वॉलंटियर्स को ही टीका लगा था। हालांकि इसके बाद संख्या बढ़ती रही।

अब तक किसी के बीमार होने का फीडबैक नहीं मिला: डीन

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा कि मुझे किसी वॉलंटियर के बीमार होने की जानकारी नहीं है। ऐसी बात है, तो मैं कल उन्हें देखने वाले डॉक्टर संजय टंडन से बात करूंगा। जहां तक कोरोना टेस्ट कराने की बात है, तो उन्हें ऐसा लक्षण रहा नहीं होगा। डॉ. दीक्षित ने जोर देकर कहा कि अब तक जिन वॉलंटियर्स को डोज दिया गया है, उनमें किसी के बीमार होने या साइड इफेक्ट का फीडबैक नहीं मिला है।

पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में पल्मोनरी मेडिसिन के हेड डॉ. संजय टंडन ने बताया कि 'लक्षण आने की तारीख पुरानी थी, इसलिए जांच नहीं कराई अगर लक्षण आए हुए 16 दिन हो गए हैं तो फिर जांच कराने का कोई मतलब नहीं है। मुझे नाम से तो याद नहीं है, लेकिन एक मरीज ऐसा आया था, संभव है उन्होंने लक्षण आने की तारीख पुरानी बताई हो तो मैंने जांच नहीं कराई हो।'

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