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भोपाल में कोरोना ने बढ़ाई चिंता:बैंक में 5 दिन वर्किंग और 50% स्टाफ बुलाने की मांग; टाइमिंग दोपहर 2 बजे तक करे सरकार

भोपाल13 दिन पहले
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  • बैंक संगठनों ने CM से की मांग

राजधानी भोपाल में कोरोना ने चिंता बढ़ा दी है। जनवरी में करीब 5 हजार पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। बीते 24 घंटे में 1008 केस मिले। ऐसे में मध्यप्रदेश की 7 हजार ब्रांचों के खुलने-बंद होने की टाइमिंग, 5 दिन वर्किंग और 50% स्टॉफ को बुलाने की मांग उठने लगी है। बैंक संगठनों ने बैंकों की टाइमिंग सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक करने की मांग भी उठाई है। ताकि, बैंककर्मी कोरोना के संक्रमण से बच सके।

कोरोना की सेकेंड वेव के दौरान राजधानी समेत प्रदेश के सैकड़ों बैंककर्मी संक्रमित हो गए थे। राजधानी की ऐसी कोई ब्रांच नहीं थी, जहां पॉजिटिव केस न मिला हो। इस कारण ब्रांच कई दिनों तक बंद भी रखना पड़ी। थर्ड वेव के दौरान भी इसी तरह के संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

थर्ड वेव में भी संक्रमित हो रहे बैंककर्मी

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के स्टेट को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, कोरोना की थर्ड वेव के दौरान ही बैंककर्मी संक्रमित होने लगे हैं। शायद ही ऐसा बैंक हो, जहां पर बैंककर्मी संक्रमित न हुए हो। इसलिए टाइमिंग कम करने, 5 डे वर्किंग और 50% स्टॉफ बुलाने की मांग की गई है। यदि समय रहते यह निर्णय नहीं लिया गया तो बैंक भी कोरोना के बड़े हॉट स्पॉट बन सकते हैं। कोरोना से बचाव के उपाय जल्दी किए जाने से बैंककर्मी के साथ ग्राहक भी सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि बैंककर्मी के संपर्क में हर दिन हजारों ग्राहक आते हैं।

प्रदेश संयोजक संजीव सबलोक ने बताया, इस संबंध में CM शिवराज सिंह चौहान से मांग की गई है। ताकि, कोरोना को रोकने के उपाय किए जा सके।

प्रदेश में 7 हजार ब्रांच

प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के बैंकों की करीब 7 हजार ब्रांच हैं। इनमें 70 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी काम करते हैं। भोपाल में 300 ब्रांचों में 5 हजार अधिकारी-कर्मचारी हैं। इसके अलावा उनके मुख्यालय भी राजधानी में ही है।

ये उठाई मांगें

  • बैंक की वर्किंग सप्ताह में 5 डे की जाए।
  • बैंक सुबह 10 बजे खुले और दोपहर 2 बजे तक बंद हो।
  • रोज 50% स्टॉफ को रोटेशन के हिसाब से बुलाया जाए।
  • बैंककर्मियों को भी कोरोना वारियर्स मानते हुए बूस्टर डोज लगाया जाए।
  • जिन बैंकों में अधिक भीड़ रहती है, वहां पर पुलिस तैनात रहे और लोगों से कोरोना गाइडलाइन का पालन कराएं।