पर्व का उल्लास:पर्वों की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी, साथ मनाया संक्रांति, विलक्कू-पोंगल

भोपाल4 महीने पहले
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तिल-गुड़ का दान, 108 ​​​​​​​दीपों​​​​​​​ से की आरती। - Dainik Bhaskar
तिल-गुड़ का दान, 108 ​​​​​​​दीपों​​​​​​​ से की आरती।

महामारी के चलते मंदिरों में कम ही लोग पहुंचे, ज्यादा ने घरों में ही मनाया मकर संक्रांति, मकर विलक्कू और पोंगल

पूजा-आराधना और दान-पुण्य

  • मकर संक्रांति - शहर में संक्रांति पर्व दो दिन मनाया जा रहा है। पहले दिन शुक्रवार को भोजपुर, गुफा, बिड़ला आदि मंदिरों में लोग सीमित संख्या में पहुंचे और पूजा की। जरूरतमंदों को तिल-गुड़ व वस्त्र आदि का दान भी किया।
  • मराठी समाज- परिवारों में संक्रांति पर छोटी मटकी में तिल, फल, अनाज आदि रख पूजा की गई। महिलाओं द्वारा हल्दी-कुमकुम का आयोजन कर एक-दूसरे को सुहाग सामग्री भेंट की गई।
  • मलयाली समाज-शिवाजी नगर स्थित अय्यप्पा मंदिर में मकर विलक्कू मनाया। केरल के सबरीमाला मंदिर की परंपराओं के अनुरुप गणपति होम के साथ पूजा-अर्चना की गई।
  • तमिल समाज- 12 नंबर स्टाप अरेरा कॉलोनी स्थित मलई स्वामी मंदिर में पं. रामानुजम शास्त्री के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पोंगल मनाया। पूजा-आरती के साथ मंदिर में दीप सजाए। पांच नंबर स्थित शारदा मंदिर, बरखेड़ा के बालाजी मंदिर में पर्व मना।
  • नारायण आश्रम- सुभाष नगर स्थित नारायण मिशन आश्रम में भी दीप मालाएं सजाकर पुष्पांजलि आरती की गई। इस मौके पर नारायण गुरु की वंदना की गई। लोगों ने कतार लगाकर भगवान के दर्शन किए।
  • अय्यप्पा मंदिर- बरखेड़ा स्थित मंदिर में सुबह से ही गणपति होम, अभिषेक आदि प्रारंभ हो गए थे। विशेष आकर्षण भगवान अय्यप्पा की नीरानजनम् आरती थी जो 108 दीपों से की गई।
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