• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Health Department Report; Dog, Cat And Monkey Attack On Humans, Madhya Pradesh Has The Highest Number Of Dog Attack Cases In Indore, Damoh, Jabalpur, Madhya Pradesh Hindi News

इंदौर के कुत्ते तो दमोह की बिल्लियां सबसे खतरनाक:MP में गर्मियों में बढ़े जानवरों के काटने के मामले; जानिए क्यों इंसानों को निशाना बनाने में लगे हैं ये जानवर

भोपाल3 महीने पहलेलेखक: विजय सिंह बघेल

मध्यप्रदेश में बीते कुछ समय से जानवरों के इंसानों को काटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आंकड़ों की मानें तो सबसे खूंखार कुत्ते इंदौर के हैं। वे हर महीने लगभग 5 हजार लोगों को काट लेते हैं। वहीं सबसे हमलावर बिल्लियां दमोह में हैं। यहां सात दिन के नवजात को बिल्ली के उठा ले जाने की घटना भी सामने आ चुकी है। वहीं इंसानों के बीच आतंक मचाने के मामले में भिंड के बंदर सबसे आगे हैं। जबलपुर ऐसा शहर है जो तीनों ही मामलों में दूसरे नंबर पर है। यानी यहां कुत्ते, बिल्ली और बंदर तीनों ही हमलावर हैं। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट में हुआ है।

वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के रिटायर्ड SDO रमाकांत दीक्षित बताते हैं कि जानवर इंसानों की तरह प्रेम, नाराजगी जैसे भावों को भली प्रकार से समझते हैं। एनिमल बाइट के केसेज की सबसे बड़ी वजह इरिटेशन (खीझना) होती है। जानवरों की नाराजगी के कई कारण हो सकते हैं जैसे ज्यादा गर्मी, पानी और भोजन की कमी। जानवरों के प्रति स्थानीय रहवासियों का गलत व्यवहार भी एनिमल्स में इरिटेशन बढ़ा देता है। अलग-अलग जिलों में इनके इरिटेशन पर शोध किया जाना चाहिए, तभी सही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।

जानवरों के काटने से रेबीज का खतरा

विशेषज्ञों की मानें तो कुत्ता, बिल्ली, बंदर, नेवला सहित कोई भी जानवर यदि किसी इंसान को काटता है, तो समय पर टीकाकरण न कराने पर रेबीज का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी का कहना है कि मप्र में रेबीज को संक्रामक बीमारी के तौर पर नोटिफाइड किया गया है। अब सरकारी और प्राइवेट हर अस्पताल में आने वाले एनिमल बाइट के मरीज की जानकारी आधिकारिक ऐप NRCP पर दर्ज करनी होगी। इससे मरीजों की ट्रैकिंग और वैक्सीनेशन में मदद मिलेगी।

डॉग बाइट के मामलों में टॉप-5 जिले

जिलाडॉग बाइट केस (अगस्त 2021 से फरवरी 2022 तक)
इंदौर29,094
जबलपुर10,299
सीहोर9,926
सतना9,339
रतलाम8,258

बिल्लियों के काटने से इन 5 जिलों के लोग सबसे ज्यादा परेशान

जिलाकैट बाइट केस (अगस्त 2021 से फरवरी 2022 तक)
दमोह303
जबलपुर292
इंदौर196
कटनी187
मंडला176

इन पांच जिलों में बंदरों का सबसे ज्यादा आतंक

जिलामंकी बाइट केस
भिंड569
जबलपुर228
मंडला170
सीहोर165
मुरैना148

गर्मिंयों में कुत्ते चिड़चिड़े होने पर हमला करते हैं

  • वेटरनरी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. अजय रामटेके बताते हैं कि सामान्यत: बादल और बारिश के मौसम में कुत्तों के काटने की घटनाएं रेबीज बीमारी के कारण होती है। यह वायरस डंप फॉर्म में पड़ा रहता है। जैसे ही बादल और पानी का मौसम होता है तो यह वायरस दिमाग में पहुंच जाता है। उस दौरान जानवर के शरीर में रेबीज के लक्षण नजर आने लगते हैं।
  • गर्मियों के मौसम में टेम्परेचर बढ़ने के कारण शहरी क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ती हैं। कुत्तों में बॉडी का टेम्परेचर कंट्रोल करने का सिस्टम अलग होता है। उनमें पसीने वाली ग्रंथियां नहीं होतीं। इस कारण यह मुंह से गर्म सांस को बाहर निकालकर मुंह से ही ठंडी सांस वापस लेकर बॉडी टेम्परेचर को मेंटेन करते हैं। गर्मिंयों में कुत्ते चिड़चिड़े हो जाते हैं और इरिटेशन बढ़ने के कारण यह हमला करने लगते हैं।

बच्चों पर जानवरों के हमलों के मामले

  • बिल्ली के काटने से गई दो साल की मासूम की जान जबलपुर के बरेला में बीते 5 मार्च को बिल्ली के काटने से 2 साल के मासूम की जान चली गई। जब बच्चा अपने घर पर खेल रहा था तभी घर की पालतू बिल्ली ने उसके पैर में काट लिया। बच्चा बुरी तरह से जख्मी हुआ, आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां इलाज के दौरान दीवान रजक ने दम तोड़ दिया।
  • पत्नी को काटा तो पति ने कुत्ते को मार दी गोली पिछले साल जून महीने में इंदौर के सुदामा नगर में रहने वाले नरेन्द्र की पत्नी पर कुत्ते ने हमला कर दिया। इससे गुस्साए नरेन्द्र ने कुत्ते के सिर पर गोली मार दी। इस मामले की शिकायत द्वारिकापुरी थाने में होने के बाद पुलिस ने उसकी लाइसेंसी बंदूक जब्त कर कार्रवाई की थी।
  • पांच साल के मासूम की बमुश्किल बची जान इंदौर के लिंबोदी इलाके के श्रीकृष्ण एवेन्यू में रहने वाले निजी पैथोलॉजी लैब के वर्कर रोहित शाह के 5 साल के बेटे पर डेढ़ साल पहले कुत्ते ने हमला कर दिया था। इस हमले में मासूम के शरीर पर कई जगह गहरे जख्म हो गए थे। उसके गले, होंठ में गहरी चोटें आईं थीं। प्राइवेट हॉस्पिटल में दो घंटे चली सर्जरी के बाद बमुश्किल उसकी जान बची थी।
  • 7 दिन की मासूम को उठा ले गई बिल्ली दमोह जिले के पथरिया में कुछ साल पहले एक बिल्ली ने 7 दिन की नवजात मासूम बच्ची पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। बच्ची के चेहरे पर गंभीर घाव हो गए थे। इतना ही नहीं बिल्ली उसे अपने मुंह में दबाकर भाग गई, लेकिन घर के लोगों ने दौड़कर उसे पकड़ने की कोशिश की तब वह बच्ची को छोड़कर भागी थी। बच्ची अपने घर में पलंग पर सो रही थी। तभी बिल्ली को मुंह में दबाकर बच्ची ले जाते मां ने देख लिया था। मां ने घरवालों के साथ उसका पीछा किया।
  • भिंड में बंदर के काटने से हुई थी बच्ची की मौत भिंड जिले की प्रतापपुरा ग्राम पंचायत में करीब सात साल पहले छह महीने की बच्ची को बंदर ने काट लिया था। इस वजह से बच्ची की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार परमाल जाटव की पांच महीने की बिटिया की बंदर के काटने से घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी।

हमला हो जाए तो क्यों करें

  • कोई भी जानवर काटे तो तुरंत लगवाएं एंटी रेबीज वैक्सीन डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ता हो या बिल्ली या फिर कोई भी दूसरा जानवर अगर वह किसी इंसान को काटता है तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल में जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना चाहिए। यदि काटे गए स्थान पर खून निकल रहा है तो इम्युनोग्लोबिन भी लगवाना चाहिए। डॉक्टर द्वारा बताए गए शेड्यूल के अनुसार वैक्सीन के डोज लगवाने चाहिए। इससे रेबीज का खतरा नहीं रहता।
  • डॉग बाइट का हर केस ऐप पर हो रहा दर्ज स्वास्थ्य विभाग ने रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत एक मोबाइल ऐप तैयार कराया है। NRCP नाम के इस ऐप से आम लोगों, मरीजों को रेबीज के उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल की जानकारी मिलेगी। वहीं अस्पतालों के स्टाफ को डॉग व एनिमल बाइट के मरीज की डिटेल दर्ज करने और वैक्सीनेशन रिपोर्ट निकालने में आसानी होगी। ऐप से यह पता लग सकेगा कि किस मरीज को किस दिन एंटी रेबीज वैक्सीन लगी है या ड्यू है। इससे रेबीज से मरीज को बचाया जा सकेगा।

इस लिंक से डाउनलोड कर सकते हैं ऐप

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.ginfosoft.nrcp

खबरें और भी हैं...