• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Bhopal
  • Doctors Will Have To Confess Will Have To Write, We Will Be Responsible If There Is A Disturbance In The Line Of Duty

सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म:डॉक्टरों को देना होगा कबूलनामा- लिखना होगा, ड्यूटी के दौरान गड़बड़ी हुई तो जिम्मेदार हम होंगे

भोपाल17 दिन पहलेलेखक: अजय वर्मा
  • कॉपी लिंक
कोरोना सैंपलिंग में लगे डॉक्टर्स से खिलवाई जा रही कसम। - Dainik Bhaskar
कोरोना सैंपलिंग में लगे डॉक्टर्स से खिलवाई जा रही कसम।

राजधानी में कोरोना सैंपलिंग में लगे डॉक्टर्स से सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। उनसे कसम खिलवाई जा रही है कि ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो इसकी जिम्मेदारी खुद की होगी। इसके लिए न तो नोडल अधिकारी जिम्मेदार होंगे और न ही इंचार्ज ऑफिसर। सैलरी काटने और नौकरी से निकाला जा सकेगा।

ये कबूलनामा इसलिए भी भरवाया जा रहा है, क्योंकि पिछले दिनों कई बार भोपाल में कोरोना मरीजों की सैंपलिंग को लेकर सवाल खड़े हो चुके हैं। कई बार तो ये बात सामने आई है कि कोविड सैंपलिंग टीम द्वारा जिनकी जांच की गई, उनकी लिस्ट एक कबाड़ी के पास मिली।

कई ऐसे लोगों के सैंपल करना दिखाया गया, जिन्होंने कभी सैंपल दिया ही नहीं, जबकि उनके पास कोविड सैंपल देने का मैसेज पहुंचा था। मामले में अधिकारियों का तर्क है कि सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म की वजह सिर्फ डॉक्टर्स की जिम्मेदारी फिक्स करना है। यदि कोई ईमानदारी से काम कर रहा है तो उसे फॉर्म भरने में क्या दिक्कत है। ये प्रक्रिया है, इसे सभी को पूरा करना चाहिए।

150 से ज्यादा हेल्थ वर्कर्स लगे सैंपलिंग में

भोपाल में 150 से ज्यादा हेल्थ वर्कर्स द्वारा रोज सैपलिंग की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग गाड़ियां लगाई हुई हैं, जो हर इलाकों में पहुंचकर सैंपलिंग का काम करती हैं। इसमें नर्स, डॉक्टर्स शामिल हैं। सैंपलिंग के नोडल ऑफिसर जेपी अस्पताल के डॉ. केके अग्रवाल हैं। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी डॉ. संजुलता के हवाले कर रखी है।

लापरवाही के चलते 8 डॉक्टर्स को दिए नोटिस

भोपाल और हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर कोरोना सैंपलिंग के काम में लापरवाही बरतने के मामले में 8 डॉक्टर्स को नोटिस दिए गए हैं। इसमें ज्यादातर आयुष डॉक्टर हैं।

किसी की कोई शिकायत है तो मेरे पास आ सकता है

मामले में नोडल ऑफिसर डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि सिर्फ जिम्मेदारी फिक्स करने के लिए फॉर्म भरने के लिए कहा है। यदि किसी कोई शिकायत है तो मेरे पास आ सकता है।

99 फीसदी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ रही

गौरतलब है कि राजधानी में रोजाना 4 से 6 हजार सैंपल कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए जा रहे हैं। इसमें से 99 फीसदी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं।

खबरें और भी हैं...