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बॉयोडीजल तैयार करने की कवायद:नमकीन और खाने में इस्तेमाल के बाद बचे ऑयल से बायोडीजल बनाने डोर-टू-डोर होगा कलेक्शन, भोपाल-इंदौर से होगी शुरुआत

भोपालएक महीने पहले
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  • होटल और घरों में उपयोग किए गए कुकिंग ऑयल की 30रु./लीटर में होगी खरीदी

प्रदेश सरकार नमकीन बनाने वाले कारखानों, होटल्स ओर घरों पर खाने में इस्तेमाल हो चुके कुकिंग ऑयल का उपयोग बॉयोडीजल तैयार करने में करेगी। इसकी खरीदी 30 रुपए लीटर में की जाएगी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन जैसे शहरों में तीन बार से ज्यादा यूज्ड हो चुके कुकिंग ऑयल का घरों से कलेक्शन किया जाएगा।

प्रदेश में इस प्रोजेक्ट को जल्द लागू करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। खाद्य विभाग ने पिछले सप्ताह भारतीय बायो डीजल संगठन, भारतीय मिष्ठान तथा नमकीन निर्माता संघ, भारतीय होटल तथा रेस्टोरेंट संघ, इंडियन ऑयल कारपोरेशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इसमें प्रोजेक्ट को जल्द लागू करने पर सहमति बन गई। देशभर के करीब 100 शहरों में योजना पर काम शुरू होना है।

डीजल गाड़ियों में होगा इस्तेमाल
इस्तेमाल होने के बाद कुकिंग ऑयल से एक दिन में एक यूनिट में 35 हजार लीटर बायो डीजल बनाने की क्षमता होती है। कुकिंग ऑयल से जो बॉयोडीजल बनेगा, उसे इंडियन ऑइल कंपनी(आईओसी) खरीदेगी। इसे प्लांट में डीजल में मिलाया जाएगा। तय मानक के हिसाब से डीजल में 5% तक बायो डीजल मिलाया जा सकता है।

उपयोग किए गए खाद्य तेल को अधिकतम 3 बार कर सकते हैं इस्तेमाल
एफसीसीआई के निर्धारित मानकों के हिसाब से एक बार उपयोग किए गए खाद्य तेल को अधिकतम 3 बार इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद इस्तेमाल तेल को फेंकने की बजाय बॉयोडीजल में उपयोग में लिया जा सकेगा। वर्तमान में रतनजोत (जेट्रोफा) से बॉयोडीजल बन रहा है। रतनजोत के अलावा करंज, गन्ना, सूरजमुखी, सोयाबीन एवं कुछ और कृषि उत्पादों से भी बायो डीजल बनता है।

घरों से इसलिए कलेक्शन
बैठक में ये सामने आया है कि बॉयोडीजल बनाने के लिए नमकीन निर्माता संघ अभी होटल तथा रेस्टोरेंट से ज्यादा यूज्ड कुकिंग ऑइल नहीं दिलवा सकेगा। इसके चलते खाद्य विभाग ने घरों से भी इस्तेमाल हो चुके खाद्य तेल को इकट्ठा करने का फैसला लिया है।

एथेनॉल को लेकर भी बढ़ेंगे कदम
कुकिंग ऑयल वाला प्रोजेक्ट आगे बढ़ने के बाद सरकार गन्ना, धान और मक्का से एथेनाल बनाने की तैयारी शुरू करेगी। पेट्रोल में 9 फीसदी एथेनाल मिलाने की छूट है। मप्र में वित्तीय वर्ष 2020-21 में पेट्रोल-डीजल 2 करोड़ 21 लाख लीटर विक्रय किया गया था।

निगम व खाद्य विभाग की भी लेंगे मदद
प्रदेश में यूज्ड कुकिंग आइल से बॉयोडीजल बनाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगमों की मदद से प्रोजेक्ट चलेगा। बॉयोडीजल प्रोसेसिंग यूनिट में तैयार करने का काम आईओसी करेगा। उनकी एजेंसी तय है। नमकीन कारखानों, होटल्स के अलावा डोर- टू -डोर कलेक्शन होगा। इसके नोडल अफसर बनाए जा चुके है, जो माॅनीटरिंग करेंगे।
- फैज अहमद किदवई, प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग

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