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रियलिटी चैक:ऑक्सीजन प्लांट का ड्राय रन; कमला नेहरू का प्लांट बंद है, हमीदिया में डिस्प्ले ही नहीं सुधार पाए

भोपाल2 महीने पहलेलेखक: रोहित श्रीवास्तव/विवेक राजपूत
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रात 11:50 बजे : कमला नेहरू अस्पताल। - Dainik Bhaskar
रात 11:50 बजे : कमला नेहरू अस्पताल।

प्रदेश के पड़ोसी राज्यों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मरीज लगातार मिल रहे हैं। ऐसे में तीसरी लहर की आशंका हैं। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज की हैं। इसी क्रम में राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट का ड्राय रन चल रहा है। कमिश्नर हेल्थ के आदेश हैं कि सभी प्लांट 6 दिसंबर तक 24 घंटे चलाएं।

ऑक्सीजन की शुद्धता की हर दो घंटे के हिसाब से रीडिंग ली जाए, लेकिन इन आदेशों को हमीदिया अस्पताल और कमला नेहरू गैस राहत अस्पताल में हवा में उड़ाया जा रहा है। यहां लापरवाही ऐसी है कि 5 दिन बाद भी ऑक्सीजन प्लांट के हालात नहीं सुधर पाए हैं। दैनिक भास्कर संवाददाता ने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात में शहर के प्रमुख अस्पतालों के ऑक्सीजन प्लांट का जायजा लिया तो यह हकीकत उजागर हुई।

पेश है लाइव रिपोर्ट

9 में से 4 वॉल्व खराब थे- 2 बदल दिए हैं, लेकिन 2 अभी बदले जाने हैं

पीछे के रास्ते से यहां पहुंचे तो प्लांट पूरी तरह से बंद मिला। यहां ड्यूटी करने वाले कर्मचारी ने बताया कि 1 दिसंबर को जब ड्राय रन के लिए प्लांट चालू किया तो सेंसर काम नहीं कर रहा था। शिकायत पर इंजीनियर देखने आए। सेंसर भी बदला, पर प्लांट चालू नहीं हुआ। 9 में से 4 वॉल्व खराब निकले, 2 बदल दिए हैं, लेकिन 2 अभी बदले जाने हैं। यही वजह है कि प्लांट नहीं चल पाया है।

ऑक्सीजन प्लांट चालू है, लेकिन स्क्रीन पर रीडिंग नहीं आ रही थी

ऑक्सीजन प्लांट चालू है। इसकी आवाज सड़क तक आ रही है। गेट पर कुंडी लगी है, लेकिन ताला नहीं है। यहां कोई कर्मचारी भी नजर नहीं आ रहा है। कुंडी खोलकर अंदर देखा तो स्क्रीन पर रीडिंग नहीं आ रही है। इसे छूकर भी देखा। बटन भी छुए, लेकिन कुछ डिस्प्ले ही नहीं हुआ। ऐसे में पता ही नहीं चल रहा है कि ऑक्सीजन का प्यूरिटी लेवल क्या है।

एक दिन के ड्राय रन के बाद चल रहा है ट्रायल

1 दिसंबर को एक दिन का ड्राय रन कर प्लांट की गुणवत्ता जांची गई थी। ऐसे में एक दिसंबर को सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक 6 घंटे सरकारी अस्पतालों में लगे सभी 9 प्लांट को चलाकर देखा गया था। 3 प्लांट इस दौरान फेल रहे तो इनको 4 दिन तक लगातार चलाकर देखने का निर्णय लिया गया था।

इन अस्पतालों में बेहतर व्यवस्थाएं

  • जेपी- जेपी अस्पताल में लगाए गए 1-1 हजार एलपीएम क्षमता के दोनों प्लांट चल रहे थे। यहां ऑक्सीजन प्यूरिटी लेवल भी एक प्लांट में 97 तो दूसरे में 93.1 आ रहा था।
  • काटजू- अस्पताल की नई बिल्डिंग के आखरी कोने में लगा प्लांट चालू मिला। ऑक्सीजन प्यूरिटी 90.7 थी। कर्मचारी का कहना था कि इसके लेवल की रीडिंग ली जा रही है।

प्लांट को लगातार चला रहे हैं। इसकी प्यूरिटी लेवल 93-94 के बीच आ रहा है। रात में स्क्रीन पर रीडिंग नजर नहीं आने की वजह टच स्क्रीन हो सकती है। -वैभव जैन, बायोमेडिकल इंजीनियर, हमीदिया अस्पताल

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