पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

JP अस्पताल में लापरवाहियों का अंतहीन सिलसिला:बिना पीपीई किट पहने परिजनों को खुद उठाना पड़ा कोरोना पेशेंट का शव

भाेपाल12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
तस्वीर बताती है... ऐसे में संक्रमण थमेगा नहीं, बल्कि बढ़ेगा। - Dainik Bhaskar
तस्वीर बताती है... ऐसे में संक्रमण थमेगा नहीं, बल्कि बढ़ेगा।
  • जबकि ये जिम्मेदारी शव वाहन चालक और मर्चुरी में ड्यूटी करने वाले वार्ड ब्वॉय की

जेपी अस्पताल में लापरवाहियों का अंतहीन सिलसिला जारी है। ये तस्वीर मंगलवार की है। अस्पताल में कोरोना मरीज की मौत के बाद मर्चुरी से सीधे शव परिजनों को दे दिया। इसके बाद डेडबॉडी काे परिजनों ने ही शव वाहन में रखा। जबकि कोरोना से मौत होने वाले व्यक्ति का शव मर्चुरी से शव वाहन में शिफ्ट करने की जिम्मेदारी नगर निगम कर्मचारी और मर्चुरी में ड्यूटी करने वाले वार्ड ब्वॉय की हाेती है।

अस्पताल में काेविड प्राेटाेकाॅल के उल्लंघन की यह स्थिति तब है जब मंगलवार सुबह अस्पताल अधीक्षक डाॅ. राकेश श्रीवास्तव ने पैरामेडिकल स्टाफ काे काेविड गाइडलाइन का पालन करने की हिदायत दी थी। इसके बाद भी परिजनाें ने ही स्ट्रेचर से शव काे वाहन में रखवाया। इस दाैरान परिजनाें काे अस्पताल प्रबंधन अथवा नगर निगम के शव वाहन कर्मचारी ने पीपीई किट भी नहीं दी।

यदि ऐसी लापरवाही हुई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी
जेपी अस्पताल अधीक्षक डाॅ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि काेविड मृतक की बॉडी वार्ड ब्वॉय और निगम का कर्मचारी पीपीई किट पहनकर शव वाहन में रखता है। काेविड मृतक का शव परिजनाें के सुपुर्द नहीं किया जाता। यदि ऐसी लापरवाही हुई है तो अस्पताल के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

काेविड मर्चुरी की गाइडलाइन

  • काेविड और नाॅन काेविड हाॅस्पिटल में काेराेना और दूसरी बीमारियाें से मरने वाले मरीजाें के शव अलग - अलग मर्चुरी में रखे जाएंगे।
  • काेविड मृतकाें के शवाें की मर्चुरी अस्पताल में ऐसे स्थान पर बनाई जाएगी, जहां नाॅन काेविड और संदिग्ध मरीजाें का मूवमेंट नहीं हाेता हाे।
  • काेविड मृतक की बॉडी नगर निगम के शव वाहन का कर्मचारी और मर्चुरी ड्यूटी पर तैनात वार्ड ब्वाॅय ही शव वाहन में रखेंगे। इसके लिए इनका भी पीपीई किट पहनना अनिवार्य होगा।

जेपी अस्पताल में लापरवाहियों का अंतहीन सिलसिला

  1. जेपी में कोविड और नॉन कोविड मरीजों के आने-जाने का रास्ता एक ही है। जबकि वार्ड का रास्ता अलग-अलग होना चाहिए।
  2. रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद काेविड मरीजों को ब्लड की जांच कराने सैंपल देने सामान्य काउंटर पर भेजा जाता है। जबकि अलग काउंटर होना चाहिए।
  3. 7 महीने पहले कोलार निवासी प्रियंका की मां की मौत अस्पताल में हो गई। प्रियंका को खुद ही मां की बाॅडी को स्ट्रेचर पर घर ले जाना पड़ा।
  4. 24 मार्च 2021 को होमगार्ड जवान पुष्पराज गौतम का शव कोविड वार्ड के टॉयलेट में मिला। जबकि उसे दो दिन तक तलाशते रहे।
  5. 1 अप्रैल को जेपी अस्पताल के कोरोना वार्ड में देर रात ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से दो मरीजों की जान चली गई।
खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- समय अनुसार अपने प्रयासों को अंजाम देते रहें। उचित परिणाम हासिल होंगे। युवा वर्ग अपने लक्ष्य के प्रति ध्यान केंद्रित रखें। समय अनुकूल है इसका भरपूर सदुपयोग करें। कुछ समय अध्यात्म में व्यतीत कर...

    और पढ़ें