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काेवैक्सिन का क्लीनिकल ट्रायल:पहली बार... भोपाल की महिला ने कोवैक्सिन और कोविशील्ड के दोनों डोज लगवा लिए, बोलीं- स्वस्थ हूं

भोपाल2 महीने पहले
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राधा सिंह के साथ पति विजय सिंह। - Dainik Bhaskar
राधा सिंह के साथ पति विजय सिंह।
  • ट्रायल के समय कोवैक्सिन के दो डोज और बाद में डर कर दो डोज कोविशील्ड के भी लगवाए

भोपाल की राधा सिंह, पीपुल्स मेडिकल काॅलेज में भारत बायाेटेक की काेवैक्सिन के क्लीनिकल ट्रायल में शामिल हुई थीं। नवम्बर में उन्हें कोवैक्सिन का पहला डोज लगाया गया था, जबकि 28 दिन बाद दूसरा डोज। बागसेवनिया में रहनेवाली राधा सिंह के साथ उनके पति भी ट्रायल में शामिल हुए थे। उन्हें नहीं पता था कि ट्रायल के दौरान उन्हें वैक्सीन लगी है या सिर्फ प्लेसिबो (पानी)।

कोविड के बढ़ते केसों को देखते हुए 10 अप्रैल को उन दोनों ने कोविशील्ड का पहला डोज लगवा लिया। इसी बीच 19 अप्रैल को उनके पास पीपुल्स मेडिकल कॉलेज से फोन आया कि ट्रायल में शामिल हुए लोगों के रिजल्ट आ गए हैं। उन्हें बताया गया कि आपको कोवैक्सिन लगी है और आपके पति को प्लेसिबो। राधा ने फोन करने वाले को बताया कि वह और उनके पति कोविशील्ड का पहला डोज लगवा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनको कोई तकलीफ नहीं है और वे स्वस्थ महसूस कर रही हैं।

इसके 84 दिन बाद राधा ने 10 जुलाई को कोविशील्ड का दूसरा डोज भी लगवा लिया। हालांकि उनको न तो अभी तक कोवैक्सिन लगवाने का सर्टिफिकेट दिया गया है और न ही कोविशील्ड का। राधा कहती हैं कि दूसरी लहर में जब उन्होंने अपने आसपास कोरोना के भयंकर मंजर को देखा तो वे डर गईं। अच्छा हुआ कि उन्होंने पति को भी वैक्सीन लगवा दी। संभव है कि ट्रायल में शामिल हुए लोगों के दो वैक्सीन लगवाने के देश में ऐसे और भी मामले हों।

1700 ट्रायल में शामिल हुए, लेकिन 300 दूसरे डोज के लिए नहीं लौटे
पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन के मुताबिक ट्रायल में 1700 से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। इनमें से 1400 लोग ऐसे थे, जिनको वैक्सीन के दोनों डोज लगाए गए। इनमें से 700 लोगों को वैक्सीन और 700 को प्लेसिबो लगा, लेकिन इसकी जानकारी हमारे पास नहीं थी कि किसको क्या लगा है। 300 लोग ऐसे थे, जो पहला डोज लगवाने के बाद दूसरा डोज लगवाने के लिए नहीं लौटे। उन्होंने बताया कि ट्रायल में शामिल सभी लोगों की निगरानी हो रही है। उनसे हेल्थ अपडेट लिया जा रहा है। ट्रायल में जिनको प्लेसिबो लगा था, उसकी जगह अब वैक्सीन लगाई जा रही है।

वैक्सीन के ट्रायल के समय अंडरटेकिंग ली गई थी कि वे दूसरा टीका नहीं लगवाएंगे
भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा- 'ट्रायल में शामिल 50% को वैक्सीन लगेगी और 50% को प्लेसिबो। सभी को ये जानकारी दी गई थी। हर वैक्सीन का अपना अलग कोड होता है और इसकी जानकारी कंपनी के पास ही होती है। जिनको प्लेसिबो लगा है, उनको फ्री में कंपनी टीका लगाकर देगी, यह भी बताया गया था। सभी को बुकलेट दी थी। यदि कोई पढ़ा-लिखा नहीं है तो वो दूसरे से बुकलेट भरवा सकता था। उसको दिक्कत है तो सेंटर पर आ सकता है। जिनको फॉलोअप के लिए बुलाया गया था, उनकी जांच के बाद इलाज किया गया। जिन लोगों को ट्रायल के दौरान टीका लगाया था, उनसे अंडरटेकिंग ली गई थी कि वे दूसरा टीका नहीं लगवाएंगे।'

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