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  • For The First Time In 57 Years, The Women's Hockey Team Of MP Will Enter The Civil Services Tournament, In Which The Age Of The Eldest Player Is 61 Years And The Youngest Is 49.

दादी-नानी वाली टीम...:57 साल में पहली बार सिविल सेवा टूर्नामेंट में उतरेगी मप्र की महिला हॉकी टीम, इसमें सबसे बड़ी खिलाड़ी की उम्र 61 साल तो सबसे कम की 49

भोपाल11 दिन पहलेलेखक: रामकृष्ण यदुवंशी
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मंगलवार को भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम पहुंची 17 महिलाओं में हॉकी के प्रति यही जोश देखने को मिला। - Dainik Bhaskar
मंगलवार को भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम पहुंची 17 महिलाओं में हॉकी के प्रति यही जोश देखने को मिला।

41 साल बाद टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय टीम के मेडल जीतने का ही परिणाम है कि आज हर कोई हॉकी खेलना चाहता है। मंगलवार को भोपाल के ऐशबाग स्टेडियम पहुंची 17 महिलाओं में हॉकी के प्रति यही जोश देखने को मिला। खास बात ये है कि इन खिलाड़ियों की उम्र 55 से 61 साल के बीच है। सिर्फ दो खिलाड़ी ऐसी हैं, जिनकी उम्र 49 साल है। इनमें से ज्यादातर दादी, नानी बन चुकी हैं। खेल कोटे से सरकारी नौकरी में हैं और कई सालों बाद मैदान में उतरी थीं।

इनमें 9 टीचर, 7 अधिकारी और एक लेखापाल हैं। ये सभी यहां मध्यप्रदेश सिविल हॉकी टीम के ट्रायल में पहुंची थीं। इनका जोश और जज्बा देख सभी को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 23 सितंबर से होने जा रहे अखिल भारतीय सिविल सेवा हॉकी टूर्नामेंट के लिए मध्यप्रदेश की टीम में सिलेक्ट कर लिया गया। इसमें सबसे अहम है कि इस टूर्नामेंट के 57 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब मध्यप्रदेश की टीम इसमें शिरकत करेगी।

क्या है सिविल सेवा टूर्नामेंट
इसकी शुरुआत 1964 में हुई थी। इसमें देशभर के शासकीय कर्मचारी और अधिकारी अपने-अपने राज्यों की टीमों का प्रतिनिधित्व करते हैं। केंद्र सरकार के विभाग भी इसमें शामिल होते हैं।

30 साल बाद मैदान में उतरीं
लूसी अल्फांसो बरखेड़ी के सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं। वे कहती हैं कि टोक्यो ओलिंपिक ने हॉकी को लेकर क्रेज बढ़ाया है। मैं 30 साल बाद हॉकी का कोई टूर्नामेंट खेलूंगी। मैं नेशनल प्लेयर रही हूं। 1979 से 82 के बीच स्कूल नेशनल खेल चुकी हूं।
इस उम्र में ऐसा जज्बा
चयनकर्ता हॉकी कोच राजिंदर सिंह और सिडनी ओलिंपिक में भारत का झंडा लहराने वाले भोपाल के समीर दाद थे। समीर कहते हैं कि उन्होंने भोपाल में इस उम्र की महिला खिलाड़ियों में हॉकी को लेकर पहली बार ऐसा जज्बा देखा है।

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