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भास्कर खास:वन्य जीवों की सुरक्षा छोड़ मास्क चैकिंग में जुटा है वन अमला

भोपाल2 महीने पहले
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भोपाल फॉरेस्ट सर्किल में शिकार - Dainik Bhaskar
भोपाल फॉरेस्ट सर्किल में शिकार
  • भोपाल वन मंडल में 165 कर्मचारियों का स्टाफ है, लेकिन इसमें से 90 कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड-19 में लगी है

भोपाल वन मंडल में 165 कर्मचारियों का स्टाफ है। इसमें से 90 कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड 19 में और खनिज वाहन की चैकिंग में लगी है। वन अमला मास्क की चैकिंग में व्यस्त है। इसका फायदा वन अपराधी और शिकारी उठा रहे हैं। हालात इतने बदतर हैं कि बुधवार को भालू को रेस्क्यू करने के लिए टीम नहीं थी।

अधिकारियों ने भालू को रेस्क्यू करने के लिए ड्यूटी कर रहे क्रेक टीम के दोनों प्रभारियों को बुलाकर मौके पर भेजा। पिछले साल भोपाल वन मंडल में 8 वन्य प्राणियों का शिकार हुआ। क्योंकि मार्च से ही वन अमले के अफसरों की ड्यूटी अन्य जगह लगा दी गई है। अमले की कमी से जूझ रहे उड़नदस्ते प्रभारी ने मैदानी अमले को कोविड डयूटी से बुलाने के लिए डीएफओ को पत्र लिखा है।

मोबाइल बैरियर पर कोई नहीं, आरोपी भी चकमा देकर भाग जाते हैं

समरधा और बैरसिया रेंज के फारेस्ट गार्ड जंगल न जाकर शहर में ड्यूटी कर रहे हैं। इसका फायदा वन माफिया जमकर उठा रहा है। पिछले एक माह में कोई भी अवैध परिवहन करते हुए वाहनों को नहीं पकड़ा गया, क्योंकि मोबाइल बेरियर खाली पड़ा है। उड़नदस्ता प्रभारी आर के चतुर्वेदी का कहना है कि हाल ही में वन्य प्राणी को गोली मारने की सूचना मिली थी। वे मौके पर पहुंचे। अकेले होने की वजह से सही तरीके से उसकी घेराबंदी नहीं कर पाए और आरोपी उन्हें चकमा देकर भाग गया।

पुलिस के भरोसे है वन विभाग

वन विभाग के सूत्रों का कहना है कि नीलगाय के शिकार के संबंध में जब मुखबिर से सूचना मिली तो उड़नदस्ता में कोई नहीं था। डिप्टी रेंजर को मौके पर जाकर शिकारियों को पकड़ने के लिए पुलिस का सहारा लेना पड़ा। वन अमला नहीं होने की वजह से डिप्टी रेंजर को कोर्ट में शिकारियों को कोर्ट में पेश करने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक कर्मचारी ही तीन आरोपियों को कोर्ट लेकर गया। यदि आरोपी भाग जाते तो मुश्किल हो जाती।

नहीं हो रही बाघों की पेट्रोलिंग

मैदानी अमले की ड्यूटी अन्य जगह पर लगे होने से वन और वन्य प्राणियों की पेट्रोलिंग नहीं हो रही है। इसके चलते भोपाल वन मंडल में आठ शिकार हो चुके हैं। इसमें से पांच शिकार समरधा रेंज में हुए है। जहां पर सबसे ज्यादा बाघों का मूवमेंट है। वहीं बैरसिया रेंज में 3 शिकार हुए हैं। भोपाल के आसपास 18 बाघों का मूवमेंट है। ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों की कहीं और लगी ड्यूटी का फायदा शिकारी उठा सकते हैं।

भोपाल फॉरेस्ट सर्किल में शिकार

वर्ष शिकार
2020 46
2019 53

भोपाल वन मंडल

2020 08 2019 07

समरधा रेंज

2020 05 2019 03

बैरसिया रेंज

2020 03 2019 04

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