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उपलब्धि:काेराेना में पिता काे खाेने के चार दिन बाद परीक्षा में बैठे, टॉप किया, 13 साल बाद भोपाल को मिला स्टेट पैनल अंपायर

भोपालएक महीने पहलेलेखक: रामकृष्ण यदुवंशी
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इसी महीने शुरू हो सकता है अंपायरिंग कॅरियर। - Dainik Bhaskar
इसी महीने शुरू हो सकता है अंपायरिंग कॅरियर।
  • विजेंद्र परिहार के पहले भोपाल के सिर्फ दो खिलाड़ियों को ही मिली यह उपलब्धि

राजधानी के युवा क्रिकेटर विजेंद्र परिहार स्टेट पैनल अंपायर बन गए हैं। एमपीसीए द्वारा आयाेजित अंपायरिंग परीक्षा 2020 में उन्हाेंने टाॅप किया है। इस परीक्षा काे प्रदेश से सिर्फ आठ खिलाड़ी ही क्लियर कर पाए हैं, जिसमें विजेंद्र का नाम सबसे ऊपर है।

वे भाेपाल के तीसरे स्टेट पैनल अंपायर हैं। इससे पहले इकबाल सिद्दीकी और हर्ष पांडे इस लिस्ट में भाेपाल का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। हर्ष ने 2007 में यह एग्जाम क्लीयर किया था। यानी 13 साल बाद शहर को यह उपलब्धि मिली है। 27 वर्षीय विजेंद्र के इस उपलब्धि को हासिल करने की कहानी भी बड़ी भावुक है। पढ़ें उन्हीं की जुबानी....

पिता को खोने का गम ताउम्र रहेगा, लेकिन परीक्षा में टॉप आने की खुशी से मजबूत हुआ हूं
^जब मैं इस परीक्षा के सेमीनार में शामिल हाेने इंदाैर गया, तब वहां काेराेना विकराल रूप लिए हुए था। वहां से भाेपाल लौटा ताे घर पर तीन लाेग कोरोना पाॅजिटिव थे। 73 वर्षीय पिता ज्यादा संक्रमित थे, इसलिए उन्हें नहीं बचा पाए।

28 नवंबर काे पिता का निधन हाे गया। इसके चाैथे ही दिन एग्जाम की डेट थी। पहले लगा कि एग्जाम में न बैठूं, क्योंकि पिता को खोने का गम इस परीक्षा में बैठने की खुशी से बड़ा था। मैंने परिवार वालों को अपना फैसला बताया। लेकिन मेरे भाई सहमत नहीं थे। उन्होंने मुझे बहुत समझाया।

पिता जी ने जो सपना मेरे लिए देखा था, उसे पूरा करने के लिए मुझे तैयार किया। भारी मन से मैंने हां तो कर दी, पर इस गम के साथ परीक्षा में बैठ पाऊंगा, क्या उसे पास कर पाऊंगा, ये सवाल परेशान कर रहे थे। लेकिन, कहते हैं कि दुआएं और आशीर्वाद हमेशा काम करते हैं।

वही मेरे साथ हुआ। पिता के खोने का गम तो ताउम्र रहेगा, लेकिन परीक्षा में टॉप आने की खुशी ने मुझे मजबूत कर दिया है। अब हाे सकता है कि मुझे इसी माह पहली बार मैदान में उतरने का माैका मिल जाए। वूमन क्रिकेट टूर्नामेंट से मेरे अंपायरिंग करियर की शुरुआत हाे सकती है।

एक दिन की फीस 3500 रु.
विजेंद्र बरकतउल्ला विवि से ग्रेजुएट हैं। उन्हें कोच केडी गुप्ता ने ट्रेंड किया है। स्टेट पैनल अंपायर्स काे फीस के रूप में 3500 रुपए प्रतिदिन मिलते हैं। अगर चार दिनी मैच है ताे उस मैच की फीस 14 हजार रुपए हाेगी। इसके अलावा अन्य अलाउंस भी मिलते रहेंगे।

ये हैं स्टेट पैनल अंपायर
विजेंद्र परिहार भाेपाल, अभिषेक ताेमर उज्जैन, राेशन श्रीवास्तव इंदाैर, अरिवंद कुमार उज्जैन, सत्यम चाैधरी इंदाैर, रवि शर्मा इंदाेर, रितिका बुले इंदाैर और सचिन पारासर शहडाेल। बता दें कि इस परीक्षा में सभी दसाें संभाग से 10-10 खिलाड़ी बैठे थे।

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